Responsive Scrollable Menu

UN शांति सैनिकों पर हमलों को लेकर भारत सख्त, कहा- दोषियों को मिले जवाबदेही

संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तैनात सैनिकों पर बढ़ते हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है. भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों पर हमला करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. भारतीय प्रतिनिधि ने जोर दिया कि आज शांति सैनिकों को पारंपरिक खतरों के साथ-साथ तकनीक से लैस और आसमान युद्ध परिस्थितियों से भी जूझना पड़ रहा है. ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना इंटरनेशल समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए. 

UN में भारत ने उठाया शांति सैनिकों की सुरक्षा का मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र में भारत स्थायी मिशन के सैन्य सलाहकार कर्नल तुरुणेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को शांति अभियानों की व्यापक समीक्षा पर आयोजित वार्षिक बहस में भारत का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि भारत शांति सैनिकों की सुरक्षा को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक मानता है.

उन्होंने कहा कि शांति सैनिकों पर हमले करने वालों को जवाबदेह ठहराना जरूरी है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 के तहत भी शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. यह प्रस्ताव अगस्त 2021 में भारत की सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के दौरान अपनाया गया था. 

50 मिशनों में 3 लाख से ज्यादा सैनिक भेज चुका है भारत

कर्नल सिंह ने बताया कि भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़ा योगदान देने वाले देशों में शामिल है. अब तक भारत 50 शांति अभियानों में 3 लाख से अधिक सैनिकों को तैनात कर चुका है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के झंडे के नीचे सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 184 भारतीय शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी.

उन्होंने कहा कि भारत की शांति अभियानों में भागीदारी सात दशकों से अधिक पुराने अनुभव पर आधारित है. देश संयुक्त राष्ट्र शांति व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा और ऐसी व्यवस्था का समर्थन करता है, जिसे पर्याप्त संसाधन मिलें, सैनिकों को बेहतर सुरक्षा मिले और दुनिया के सभी क्षेत्रों का उचित प्रतिनिधित्व हो. 

शांति अभियानों में संसाधन और बेहतर योजना की जरूरत

भारत ने कहा कि शांति अभियानों को सफल बनाने के लिए केवल सैनिकों की तैनाती पर्याप्त नहीं है. इनके साथ स्पष्ट राजनीतिक उद्देश्य और आवश्यक संसाधन भी होने चाहिए. कर्नल सिंह ने कहा कि अभियानों को मंजूरी देते समय ही सैनिकों की क्षमता और जरूरतों के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि जवानों से सीमित साधनों में जरूरत से ज्यादा काम करने की अपेक्षा न की जाए.

भारत ने यह भी कहा कि शांति अभियानों में सैनिक और पुलिस भेजने वाले देशों को उनके दायित्वों से जुड़े फैसलों में व्यवस्थित रूप से अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए. मिशन के आदेश तय करने या उनकी समीक्षा करने से पहले संबंधित देशों से परामर्श करना आवश्यक है. 

महिला शांति सैनिकों की भूमिका भी बताई

कर्नल सिंह ने संयुक्त राष्ट्र अभियानों में भारतीय महिला शांति सैनिकों के योगदान का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि भारत ने 1960 से ही महिला शांति सैनिकों की तैनाती की है. वर्ष 2007 में भारत ने लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिए पहली पूर्ण महिला गठित पुलिस इकाई भेजी थी. फिलहाल भारत की 160 महिला शांति सैनिक विभिन्न अभियानों में तैनात हैं.

भारत ने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं. इसलिए इन अभियानों में तैनात जवानों की सुरक्षा, पर्याप्त संसाधन और उन पर होने वाले हमलों के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है.

 

Continue reading on the app

Indian Air Force ने लोक कल्याण मार्ग स्थित 39.5 एकड़ Sports Complex मंत्रालय को सौंपा

नयी दिल्ली, छह नवंबर भारतीय वायु सेना ने खेलकूद परिसर, स्विमिंग पूल और अन्य सुविधाओं वाला 39.5 एकड़ भूखंड केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एचएयू) को सौंप दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) ने लोक कल्याण मार्ग पर स्थित इस भूखंड को वापस करने का नोटिस जारी किया था।

उसके कुछ दिनों बाद यह कदम उठाया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि रक्षा संपदा कार्यालय और एलएंडडीओ का एक संयुक्त दल जमीन के सीमांकन के लिए सर्वे करेगा। इस भूखंड को वापस लेने के मकसद के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

यह खेलकूद परिसर ‘दिल्ली रेस क्लब’ और ‘जयपुर पोलो ग्राउंड’ के पास है, जहां आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के एलएंडडीओ ने जमीन वापस लेने के लिए कदम उठाए हैं। पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार ने आस-पास के क्षेत्र में अहम भूखंडों को वापस लेने की प्रक्रिया तेज कर दी है। आस-पास की झुग्गियों में रहने वाले लोगों और कामगारों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में ‘जयपुर पोलो ग्राउंड’ एवं ‘दिल्ली रेस क्लब’ के आस-पास की झुग्गी बस्तियों में भी तोड़फोड़ की गई है तथा वहां तोड़े गये घरों का मलबा अब भी पड़ा हुआ है।

पिछले कुछ हफ्तों में सरकार ने एलएंडडीओ के जरिए लोक कल्याण मार्ग के पास की अहम भूखंडों की समीक्षा शुरू की है। इसका मकसद उन जमीनों को वापस लेना है, जिनका इस्तेमाल रक्षा विभाग के गोल्फ़ और खेल सुविधाओं के लिए किया जा रहा था। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पहले संबंधित संस्थाओं से वह जमीन सौंपने को कहा था, जिस पर ‘एयर फोर्स गोल्फ़ कोर्स’ स्थित है।

अगस्त में, विभाग ने दिल्ली रेस क्लब को लोक कल्याण मार्ग पर स्थित उसके 53 एकड़ के परिसर से हटा दिया। विभाग ने इसका कारण यह बताया कि इस जमीन की जरूरत किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए है, हालांकि उस उद्देश्य के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उसने व्यापक जनहित, शासन-व्यवस्था और रक्षा अवसंरचना परियोजनाओं का हवाला देते हुए, इंडिया पोलो एसोसिएशन से जयपुर पोलो ग्राउंड भी वापस ले लिया।

विभाग ने रक्षा बुनियादी ढांचे की आवश्यकता का हवाला देते हुए, दिल्ली जिमखाना क्लब से 27 एकड़ का परिसर वापस लेने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मामला अदालत में लंबित है।

Continue reading on the app

  Sports

Vaishnavi Sharma Double Hat-trick: वैष्णवी शर्मा ने झटकी डबल हैट्रिक, 4 गेंदों पर 4 विकेट झटके

Senior Women's T20 Trophy Elite: मध्य प्रदेश ने आंध्र प्रदेश को 9 विकेट से हराया. वैष्णवी शर्मा और अनुष्का शर्मा ने कमाल प्रदर्शन कर अपनी टीम को जिताया. Fri, 06 Nov 2026 17:33:32 +0530

  Videos
See all

Dangal With Sayeed Ansari: सवर्ण वोटर का दबाव, ठंडे बस्ते में 'UGC' नियम? | BJP | UP Elections 2027 #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-06T12:04:14+00:00

गृहयुद्ध की तैयारी, देश से गद्दारी...तख्तापलट करेंगे राहुल के अंसारी! | Irfan Ansari | Rahul | Nepal #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-06T12:13:09+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers