धनतेरस पर स्वस्थ जीवन का लें संकल्प, आयुर्वेद और निवारक स्वास्थ्य देखभाल अपनाएं: पीएम मोदी
नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को धनतेरस के अवसर पर देशवासियों से बेहतर स्वास्थ्य का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में निहित निवारक स्वास्थ्य देखभाल (प्रिवेंटिव हेल्थकेयर) और स्वस्थ जीवनशैली की आदतें अपनाकर परिवार एक बेहतर और स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारियों के उपचार पर ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को बनाए रखने और रोगों की रोकथाम पर भी विशेष जोर देता है। उन्होंने कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल व्यक्ति और परिवार दोनों के समग्र कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संदेश में स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने पर बल दिया गया है, जिसमें संतुलित एवं सजग भोजन, नियमित योग, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने जैसी आदतों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी गई है। उनका कहना है कि इन उपायों से लंबे समय में बेहतर स्वास्थ्य परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, इस धनतेरस बेहतर स्वास्थ्य का संकल्प लें। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया है कि आयुर्वेद स्वास्थ्य संरक्षण पर कितना जोर देता है और निवारक स्वास्थ्य देखभाल क्यों आवश्यक है।
उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे स्वस्थ भोजन, नियमित योगाभ्यास, पर्याप्त आराम और समय पर स्वास्थ्य जांच जैसी आदतों को अपनाएं।
उन्होंने कहा कि अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य में निवेश करना किसी भी परिवार का सबसे मूल्यवान निवेश है। आज अपनाई गई अच्छी जीवनशैली की आदतें आने वाले वर्षों में पूरे परिवार को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में मदद करेंगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी अपने संदेश में कहा कि धनतेरस केवल भौतिक संपत्ति में निवेश का अवसर नहीं है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक सुख-समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का भी उपयुक्त अवसर है।
वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने भी धनतेरस के अवसर पर परिवार के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, शुभं करोति कल्याणम्, आरोग्यं धन-संपदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ भारत और विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाते हुए इस धनतेरस भौतिक संपत्ति के साथ-साथ अपने परिवार के स्वास्थ्य में भी निवेश करें।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ परिवार ही समृद्ध समाज और विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं, इसलिए धनतेरस पर स्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति मानकर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
धनतेरस पर देश में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने का अनुमान: कैट
नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। देशभर में शुक्रवार को धनतेरस के मौके पर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार होने की उम्मीद है। इसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री 60,000 करोड़ रुपए से अधिक रहने का अनुमान है। यह जानकारी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दी।
कैट ने कहा कि त्योहारों के दौरान खरीदारी को लेकर ग्राहकों का उत्साह बरकरार है और वे धनतेरस से जुड़ी पारंपरिक खरीदारी कर रहे हैं। धनतेरस दिवाली के दौरान खरीदारी के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है।
इस बीच, ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने कहा कि सोने और चांदी की ऊंची कीमतों के बावजूद इनकी मांग मजबूत बनी हुई है। खरीदार अब हल्के वजन के आभूषणों और पारंपरिक निवेश उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
व्यापारियों के मुताबिक, बाजारों में 14 कैरेट और 18 कैरेट के हल्के सोने के आभूषणों, चांदी के सिक्कों, सजावटी वस्तुओं और मछली, कछुए एवं हाथी जैसी शुभ आकृतियों की मांग मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, कैट ने कहा कि देशभर में बिक्री के रुझान और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का आकलन करने के बाद वह शुक्रवार को कारोबार के विस्तृत अनुमान जारी करेगा।
कैट का यह अनुमान विभिन्न राज्यों के व्यापारिक संगठनों से मिले इनपुट, ग्राहकों की मांग के रुझान और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी बाजारों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों पर आधारित था।
व्यापारिक संगठन के मुताबिक, पिछले साल त्योहारी कारोबार लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपए रहा था। इसमें वस्तुओं का कारोबार 5.40 लाख करोड़ रुपए और सेवाओं का कारोबार लगभग 65,000 करोड़ रुपए था।
साथ ही, कैट ने अनुमान लगाया है कि मौजूदा त्योहारी सीजन में सेवा क्षेत्र 80,000 करोड़ रुपए से लेकर 1 लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार कर सकता है। इसमें परिवहन, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, खानपान, इवेंट मैनेजमेंट और इससे जुड़ी गतिविधियों का योगदान रहेगा।
संगठन ने अनुमानित वृद्धि की एक प्रमुख वजह स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों के प्रति ग्राहकों की बढ़ती पसंद और वोकल फॉर लोकल, मेड इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों को मिल रहा बढ़ता समर्थन बताया।
--आईएएनएस
एबीएस
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