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योगी सरकार का दिवाली गिफ्ट, 14 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा बोनस, सीधे खाते में आएंगे रुपये

UP News: उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए इस बार की दिवाली बेहद खास और खुशियों भरी होने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहार से ठीक पहले राज्य कर्मचारियों की झोली में बड़ा उपहार डाल दिया है. शासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य कर्मचारियों को 30 दिनों के वेतन के बराबर तदर्थ बोनस यानी नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने का औपचारिक फैसला ले लिया गया है. इस फैसले से प्रदेश भर के दफ्तरों में काम करने वाले लाखों कर्मियों के चेहरे खिल उठे हैं. त्योहारी सीजन में इस आर्थिक मदद से कर्मचारियों के घर-परिवार में त्योहार की रौनक और बढ़ जाएगी.

लाखों कर्मचारियों को सीधे तौर पर मिलेगा लाभ

शासन द्वारा जारी किए गए आदेश के तहत इस बोनस का दायरा काफी व्यापक रखा गया है. इसका लाभ राज्य सरकार के सभी अराजपत्रित यानी नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को प्रमुखता से मिलेगा. इसके अलावा सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया गया है. इतना ही नहीं, लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी इस योजना का हिस्सा बनाया गया है, जिन्हें नियम के अनुसार अधिकतम 1,184 रुपये तक का बोनस मिलेगा. पूरे प्रदेश में लगभग 14.82 लाख से अधिक कर्मचारी इस सौगात से सीधे तौर पर लाभांवित होंगे.

खाते में कितने रुपये आएंगे और क्या है भुगतान का तरीका

बोनस भुगतान को लेकर कर्मचारियों के मन में यह सवाल जरूर रहता है कि उनके हाथ में कितने रुपये आएंगे. सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक बोनस की अधिकतम गणना सीमा 7,000 रुपये तय की गई है. इस पूरी राशि को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटकर दिया जाएगा. कुल बोनस राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा, जो अधिकतम 1,750 रुपये तक बनता है, सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में नकद भेजा जाएगा. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कर्मचारी दिवाली के बाजार में अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से खरीदारी कर सकें. बाकी बचा 75 प्रतिशत हिस्सा, जो अधिकतम 5,250 रुपये तक होता है, सीधे कर्मचारी के सामान्य भविष्य निधि यानी जीपीएफ खाते में जमा कर दिया जाएगा.

GPF के बाहर वाले कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था

जो कर्मचारी भविष्य निधि व्यवस्था के दायरे में नहीं आते हैं, उनके लिए भी सरकार ने पूरी योजना तैयार रखी है. ऐसे कर्मचारियों का 75 प्रतिशत हिस्सा नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस के टियर-2 खाते में भेजा जाएगा या फिर उन्हें नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के तौर पर यह बचत राशि दी जाएगी. इस तरह बचत और खर्च का बेहतर संतुलन बनाते हुए कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान की गई है. सरकार के इस बड़े कदम से उत्तर प्रदेश के सरकारी खजाने पर लगभग 1,022 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा.

किन कर्मचारियों को माना जाएगा बोनस का पात्र

बोनस प्राप्त करने के लिए शासन ने कुछ जरूरी योग्यताएं और शर्तें भी निर्धारित की हैं. यह लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को दिया जाएगा जो अराजपत्रित श्रेणी में आते हैं और जिनका ग्रेड पे 4,800 या संशोधित वेतनमान के लेवल-8 या उससे कम है. इसके अलावा संबंधित कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक साल की लगातार नियमित सेवा पूरी कर ली हो. दैनिक वेतनभोगियों के मामले में यह शर्त रखी गई है कि उन्होंने बीते तीन सालों में हर साल कम से कम 240 दिन का काम पूरा किया हो. इन सभी शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों के खातों में जल्द ही बोनस की यह राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी.

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Midterm Election में हार के बाद ट्रंप प्रशासन में पहला इस्तीफा, हरमीत ढिल्लों ने न्याय विभाग के AAG पद से दिया इस्तीफा

अमेरिका में 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों में मिली करारी हार के बाद, ट्रम्प प्रशासन को अपना पहला झटका लगा है। अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग की प्रमुख के रूप में काम कर रहीं भारतीय-अमेरिकी वकील हरमीत कौर ढिल्लों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन प्रमुख सहयोगियों में से पहली हैं, जिन्होंने अपना पद छोड़ा है। चंडीगढ़ में जन्मीं और न्यूयॉर्क जाने से पहले लंदन में रह चुकीं ढिल्लों को ट्रम्प ने दिसंबर 2024 में नामित किया था। अप्रैल में, उन्होंने नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल (AAG) के रूप में शपथ ली थी। उनके इस्तीफे के बाद और भी कई इस्तीफे सामने आ सकते हैं, क्योंकि कई रिपब्लिकन पहले ही ट्रम्प प्रशासन की नीतियों—खासकर ईरान युद्ध और व्यापार शुल्कों (टैरिफ) को लेकर असंतोष जता चुके हैं। हालांकि, ढिल्लों ने अपने इस फैसले के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया है, बल्कि AAG के रूप में काम करने का मौका देने के लिए ट्रम्प को धन्यवाद दिया है।

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गुरुवार (स्थानीय समय) को एक्स पर ढिल्लों ने कहा कि नागरिक अधिकारों के लिए AAG के रूप में अपने देश की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। बता दें कि ढिल्लों की कानूनी फर्म ट्रम्प के 2020 के चुनाव अभियान का हिस्सा थी। उन्होंने आगे कहा कि हमने अवैध DEI (विविधता, समानता और समावेश) को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई, महिलाओं और लड़कियों के खेलों की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़ी, और भी बहुत कुछ किया। मुझे यह अवसर देने के लिए मैं राष्ट्रपति ट्रम्प को धन्यवाद देना चाहती हूं। अब आगे क्या होता है, इसका मुझे इंतजार है। जहां कई रिपब्लिकन और ट्रम्प के समर्थकों ने मध्यावधि चुनावों में मिली हार के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं 80 वर्षीय अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसके लिए गुरुवार को शेयर बाजार में आई भारी गिरावट को जिम्मेदार माना है। लेकिन उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि रिपब्लिकन फिर से वापसी करेंगे और अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे।

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उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा चुनाव नतीजों की वजह से शेयर बाजार ने इतिहास के सबसे बुरे दिनों में से एक देखा है। यह देखना बहुत दुखद है! हमने देश को उस स्तर तक पहुँचाने के लिए बहुत मेहनत की थी, जो पहले कभी नहीं देखा गया था, और अब यह सब हो गया। इसी वजह से आपके 401(k) (रिटायरमेंट फंड) में गिरावट आई है। याद रखें, इसके लिए रिपब्लिकन नहीं, बल्कि 'डमोक्रेट्स' (डेमोक्रेट्स) जिम्मेदार हैं। अब अमेरिकी हाउस और सीनेट पर डेमोक्रेट्स का पूरा नियंत्रण है। विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना ​​है कि यह देखना दिलचस्प होगा कि दो साल बाद होने वाले अगले राष्ट्रपति चुनाव में क्या होता है। हालाँकि, उनका मानना ​​है कि फिलहाल ट्रम्प की नीतियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।

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'सर, मैं टेस्ट क्रिकेट छोड़ रहा हूं...' कोच बदरुद्दीन का खुलासा, मटन बिरयानी की वह शर्त जिसने बदल दी शमी की किस्मत

Mohammed Shami coach Badruddin Siddique: यूपी के छोटे से कस्बे सहसपुर से ताल्लुक रखने वाले मोहम्मद शमी को जब उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में नजरअंदाज किया गया, तब उनके कोच बदरुद्दीन ने कोलकाता के कोच अब्दुल मोनायेम से संपर्क किया. इसके बाद शमी बंगाल के टाउन क्लब से जुड़े, जहां क्लब के तत्कालीन सचिव देब्रत दास ने उन्हें संरक्षण दिया. मटन बिरयानी के शौकीन शमी ने अपनी शानदार सीम पोजीशन, बैकस्पिन और रिवर्स स्विंग के दम पर न सिर्फ बंगाल क्रिकेट में अपनी जगह बनाई, बल्कि अपनी असाधारण गेंदबाजी से भारतीय क्रिकेट जगत में एक खास मुकाम हासिल किया. Sat, 7 Nov 2026 22:17:52 +0530

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