Responsive Scrollable Menu

बेअसर रही पूर्व वायुसेना प्रमुख की चिट्ठी, मोदी सरकार ने वापस ले ली Race Course Air Force Station की 39.5 एकड़ जमीन

दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के आसपास की बेशकीमती सरकारी जमीनों को वापस लेने की मोदी सरकार की मुहिम अब भारतीय वायु सेना के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक पहुंच गई है। नई दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग स्थित एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की 39.5 एकड़ जमीन अब केंद्र सरकार ने अपने कब्जे में ले ली है। खास बात यह है कि इस जमीन को वापस लेने के फैसले का विरोध खुद पूर्व वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने किया था। उन्होंने न केवल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी, बल्कि व्यक्तिगत मुलाकात में भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बावजूद सरकार का फैसला नहीं बदला और आखिरकार वायु सेना को यह जमीन आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) को सौंपनी पड़ी।

देखा जाये तो यह घटनाक्रम कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहला सवाल यही है कि जब देश के वायु सेना प्रमुख रहे अधिकारी ने किसी जमीन के सामरिक और परिचालन महत्व का हवाला देते हुए उसे वायु सेना के पास ही रखने की मांग की, तब भी सरकार ने उनकी आपत्ति को तवज्जो क्यों नहीं दी? दरअसल, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 26 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा था। 29 अक्टूबर को मुलाकात के दौरान भी उन्होंने इस मामले को उठाया था। 31 अक्टूबर को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया। एपी सिंह का तर्क था कि रेस कोर्स एयरफोर्स स्टेशन के भीतर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स वहां की समग्र व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे वायु सेना के नियंत्रण में ही रहना चाहिए।

उन्होंने 2014 में तत्कालीन शहरी विकास मंत्रालय, रक्षा संपदा विभाग और वायु सेना के संयुक्त सर्वेक्षण का भी हवाला दिया था। वायु सेना की ओर से इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और ड्रोन जैसे हवाई खतरों से निपटने में स्टेशन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया था। इस परिसर में गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन कोर्ट और दूसरी खेल सुविधाएं थीं। लेकिन इन तमाम दलीलों का कोई असर नहीं हुआ। 28 अक्टूबर को परिसर बंद कर दिया गया और 5 नवंबर को 39.5 एकड़ जमीन औपचारिक रूप से केंद्र सरकार को सौंप दी गई। जमीन का हस्तांतरण 'जैसी है, जहां है' के आधार पर किया गया है। अब संबंधित विभाग संयुक्त सर्वेक्षण के जरिए जमीन का सटीक क्षेत्रफल निर्धारित करेंगे।

देखा जाये तो इस पूरे घटनाक्रम को केवल एयरफोर्स के एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन वापस लेने की कार्रवाई के रूप में देखना गलती होगी। दरअसल, केंद्र सरकार पिछले कुछ समय से प्रधानमंत्री आवास के आसपास की बेशकीमती जमीनों और संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेने की व्यापक मुहिम चला रही है। इससे पहले दिल्ली रेस क्लब की 53 एकड़ जमीन वापस ली जा चुकी है। जयपुर पोलो ग्राउंड भी सरकार के कब्जे में आ चुका है। दिल्ली जिमखाना क्लब की लगभग 27.3 एकड़ जमीन को लेकर भी कार्रवाई की गई है। अब एयरफोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की जमीन भी इसी अभियान का हिस्सा बन गई है।

यहां राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार दिल्ली के उस इलाके में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, जहां दशकों से कई प्रतिष्ठित संस्थाएं और प्रभावशाली लोगों की गतिविधियां केंद्रित रही हैं। अंग्रेजों के दौर से चली आ रही क्लब संस्कृति, विशिष्ट संस्थानों और विशेषाधिकार प्राप्त व्यवस्थाओं पर सरकार की कार्रवाई को सत्ता के केंद्रीकरण और प्रशासनिक नियंत्रण के विस्तार के रूप में भी देखा जा सकता है। हम आपको यह भी बता दें कि इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि संबंधित 39.5 एकड़ जमीन को वायु सेना स्टेशन की मूल परिचालन भूमि के बजाय उसके साथ स्थित सरकारी जमीन बताया गया है। इस कार्रवाई के साथ एक तथ्य और उभर कर आया है कि मोदी सरकार ने यह संदेश दिया है कि किसी संस्थान का दशकों पुराना कब्जा सरकारी जमीन पर उसके अधिकार का स्थायी आधार नहीं हो सकता।

बहरहाल, यह फैसला बताता है कि सरकार इस जमीन को लेकर अपनी योजना पर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं थी। एपी सिंह ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर वायु सेना की सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों का सवाल उठाया था, लेकिन उनकी दलीलें भी फैसले को नहीं बदल सकीं। अब इस जमीन का नियंत्रण आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के पास होगा। इससे प्रधानमंत्री आवास के आसपास के विशाल भूखंडों पर सरकार की पकड़ और मजबूत होगी। देखा जाये तो असली राजनीतिक महत्व इस बात में है कि सरकार केवल जमीनों का स्वामित्व वापस नहीं ले रही, बल्कि राजधानी के सबसे प्रभावशाली इलाके में दशकों से चली आ रही संस्थागत व्यवस्थाओं और उनके विशेषाधिकारों को भी बदल रही है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार इस जमीन का क्या इस्तेमाल करती है और क्या लोक कल्याण मार्ग के आसपास ऐसे दूसरे परिसरों को लेकर भी इसी तरह की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

-नीरज कुमार दुबे

Continue reading on the app

AMU छात्र संघ चुनाव: Nashra Naeem बनीं 105 साल में पहली महिला उपाध्यक्ष

अलीगढ़ (उप्र), छह नवंबर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनावों में महिला उम्मीदवारों ने इतिहास रच दिया, 13 पदों में से छह पर जीत हासिल की, जिनमें उपाध्यक्ष का पद भी शामिल है। इनके परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए। संस्थान के 105 साल के इतिहास में नशरा नईम छात्र संघ की पहली महिला उपाध्यक्ष निर्वाचित हुईं।

परिणाम विवरण के अनुसार, उन्होंने 7,091 वोट हासिल किए और अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराया, जिसे 5,818 वोट मिले थे। परिणामों के अनुसार महिला उम्मीदवारों ने 10 कैबिनेट सदस्य पदों में से रिकॉर्ड पांच पद भी जीते, जिससे छात्र संघ में उनके प्रतिनिधित्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। अध्यक्ष पद पर मोहम्मद नोमान अशरफ ने 4,100 से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि मोहम्मद हमदान सचिव चुने गए।

परिणाम एएमयूएसयू और एएमयू कोर्ट के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रो. जावेद तालिब द्वारा घोषित किए गए।

Continue reading on the app

  Sports

Hardik Pandya ने Chhoti Diwali पर Mahika Sharma और बेटे के साथ साझा कीं तस्वीरें

भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पांड्या ने छोटी दिवाली के मौके पर अपने घर में परिवार के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान उनकी प्रेमिका माहिका शर्मा और बेटा अगस्त्य भी उनके साथ नजर आए। हार्दिक ने इस खास मौके की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए, जिन्हें उनके प्रशंसक काफी पसंद कर रहे हैं।

साझा किए गए वीडियो में हार्दिक और माहिका घर में पूजा करते दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में उनका बेटा अगस्त्य अपने पिता के माथे पर तिलक लगाता नजर आता है। त्योहार के लिए हार्दिक और माहिका ने नीले रंग के कपड़े पहने थे। दोनों एक जैसे रंग के कपड़ों में दिखाई दिए। इन तस्वीरों और वीडियो के जरिए हार्दिक ने अपने घर में दिवाली की तैयारियों और जश्न की झलक प्रशंसकों के साथ साझा की।

हार्दिक की इस पोस्ट में कुछ ऐसे पल भी देखने को मिले, जिनमें वह और माहिका एक-दूसरे के साथ मस्ती करते नजर आए। एक तस्वीर में दोनों अपनी कार साफ करते दिखे, जबकि माहिका इस दौरान हार्दिक को मजाकिया अंदाज में छेड़ती नजर आईं। इससे पहले भी दोनों की समुद्र में साथ समय बिताते हुए कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में रही थीं। दोनों अक्सर अपने सोशल मीडिया खातों पर एक-दूसरे के साथ तस्वीरें साझा करते रहते हैं। हार्दिक के 2025 में आए जन्मदिन पर भी दोनों ने समुद्र किनारे छुट्टियां मनाई थीं। इन तस्वीरों में अगस्त्य भी कभी-कभी नजर आते रहे हैं।

बता दें कि हार्दिक पांड्या की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से चर्चा में रही है। उन्होंने साल 2020 में नताशा स्टेनकोविक से शादी की थी। हालांकि, कुछ महीनों तक चली अटकलों के बाद दोनों ने जुलाई 2024 में अलग होने का फैसला सार्वजनिक किया था।

उस समय हार्दिक ने बयान जारी कर बताया था कि 4 साल साथ रहने के बाद उन्होंने और नताशा ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि दोनों ने इस रिश्ते को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अब यही फैसला उनके लिए बेहतर है।

हार्दिक ने यह भी साफ किया था कि उनका बेटा अगस्त्य दोनों की जिंदगी का अहम हिस्सा बना रहेगा। दोनों मिलकर उसकी परवरिश करेंगे और उसकी खुशी का पूरा ध्यान रखेंगे। उन्होंने इस मुश्किल समय में परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील भी की थी। गौरतलब है कि अलग होने के बाद भी हार्दिक और नताशा अपने बेटे की जिम्मेदारी साझा कर रहे हैं। वहीं, छोटी दिवाली की तस्वीरों में माहिका और अगस्त्य के साथ हार्दिक की पारिवारिक झलक एक बार फिर चर्चा में है।

Sun, 08 Nov 2026 19:52:00 +0530

  Videos
See all

Israel New PM: नेतन्याहू की कुर्सी खतरे में! Gadi Eisenkot बनेंगे इजरायल के नए PM? Gadi Eisenkot #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-08T16:10:03+00:00

Rashtra Sarvopari: 'लाल आतंक' जड़ से खत्म! | PM Modi |DimagiNaxal | CM Yogi |Ayodhya Deepotsav #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-08T16:12:48+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers