क्या Home Loan पर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज वापस मिलते हैं? जानिए इसमें कितना खर्च आएगा
Stamp Duty On Home Loan: क्या होम लोन पर स्टाम्प ड्यूटी दी जा सकती है? इसका आसान जवाब है आम तौर पर नहीं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकों को होम लोन के लोन-टू-वैल्यू (LTV) कैलकुलेशन में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज शामिल न करने का निर्देश दिया है. बैंक ये चार्ज केवल ₹10 लाख तक की प्रॉपर्टी के लिए ही शामिल कर सकते हैं. LTV का मतलब है घर की वैल्यू का वह परसेंटेज जो बैंक लोन के तौर पर देगा. ज्यादातर खरीदारों के लिए स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन डाउन पेमेंट के ऊपर अपनी जेब से देना होता है. यही वह जगह है जहाँ पहली बार घर खरीदने वाले लोग चूक जाते हैं. ज्यादातर लोग डाउन पेमेंट ध्यान से कैलकुलेट करते हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन के समय अलग से बिल देखकर अक्सर चौंक जाते हैं. स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज मिलाकर आम तौर पर प्रॉपर्टी की कीमत का 6% से 9% होता है, जो राज्य पर निर्भर करता है. यह एक बड़ा खर्च है, इसलिए इसके लिए पहले से तैयारी करना जरूरी है.
स्टाम्प ड्यूटी क्या है?
स्टाम्प ड्यूटी एक राज्य सरकार का टैक्स है जो सेल डीड पर तब लगाया जाता है जब प्रॉपर्टी आपके नाम पर ट्रांसफर होती है. इसे प्रॉपर्टी की वैल्यू के परसेंटेज के तौर पर कैलकुलेट किया जाता है. यह आम तौर पर ओरिजिनल ट्रांजैक्शन प्राइस और सरकार के सर्कल रेट (जिसे रेडी रेकनर रेट भी कहते हैं) में से जो ज्यादा हो, उसे लेता है. सर्कल रेट उस एरिया में जमीन और प्रॉपर्टी के लिए सरकार द्वारा तय की गई मिनिमम प्राइस है. स्टाम्प ड्यूटी पे किए बिना और डीड रजिस्टर किए बिना आपकी ओनरशिप लीगली वैलिड नहीं होती है.
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रजिस्ट्रेशन चार्ज क्या है?
रजिस्ट्रेशन चार्ज एक अलग सरकारी फीस है जो सब-रजिस्ट्रार के ऑफिस में ट्रांजैक्शन को ऑफिशियली रजिस्टर करने के लिए दी जाती है. यह आम तौर पर प्रॉपर्टी वैल्यू का लगभग 1% से 2% होता है, कुछ राज्य मैक्सिमम लिमिट भी लगाते हैं. स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन दोनों राज्य सरकार को जाते हैं, आपके बैंक को नहीं और प्रॉपर्टी खरीदने के लिए जरूरी हैं. बिना स्टाम्प वाली या अनरजिस्टर्ड डीड को झगड़ों, रीसेल या बाद के लोन एप्लीकेशन में ओनरशिप का वैलिड प्रूफ नहीं माना जाता है.
₹10 लाख तक की प्रॉपर्टी के लिए छूट
एक एक्सेप्शन है. ₹10 लाख तक की कीमत वाली प्रॉपर्टी के लिए, RBI ने बैंकों को घर की कीमत में स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और दूसरे डॉक्यूमेंटेशन खर्च जोड़कर LTV कैलकुलेट करने की इजाजत दी है. यह छूट खास तौर पर समाज के कम इनकम वाले और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के छोटे घरों पर शुरुआती बोझ कम करने के लिए बनाई गई है. इस लिमिट से ज्यादाा कीमत वाले घरों के लिए, आम नियम लागू होता है, और इन खर्चों को लोन से बाहर रखा जाता है.
शुरुआती कुल कितना कैश चाहिए?
घर खरीदते समय आपके पास इतना कैश तैयार होना चाहिए: डाउन पेमेंट (घर की कीमत और मंज़ूर लोन अमाउंट के बीच का अंतर) + स्टाम्प ड्यूटी + रजिस्ट्रेशन चार्ज + दूसरे डॉक्यूमेंटेशन खर्च. सिर्फ डाउन पेमेंट कैलकुलेट करना काफी नहीं है.
उदाहरण: ₹40 लाख का घर
यह उदाहरण केवल दिखाने के लिए है और यह मानता है कि स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्ज मिलाकर लगभग 7% है. प्रॉपर्टी की कीमत ₹40 लाख है. स्टाम्प ड्यूटी और 7% रजिस्ट्रेशन मिलाकर लगभग ₹2.80 लाख होते हैं. अगर बैंक 80% LTV पर लोन देता है, जो RBI के ₹30 लाख से ₹75 लाख के स्लैब में आता है, तो लोन की रकम लगभग ₹32 लाख होगी. डाउन पेमेंट लगभग ₹8 लाख होगा. इसका मतलब है कि शुरू में जरूरी कुल कैश लगभग ₹8 लाख + ₹2.80 लाख = ₹10.80 लाख है. ध्यान दें कि स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन का खर्च डाउन पेमेंट में लगभग एक तिहाई जुड़ जाता है.
बजट कैसे बनाएं? 6 आसान स्टेप्स
1. अपने राज्य और शहर में मौजूदा स्टाम्प ड्यूटी रेट चेक करें. कई राज्यों में महिला खरीदारों के लिए कम रेट हैं.
2. रजिस्ट्रेशन चार्ज रेट और उसकी ज्यादा से ज्यादा लिमिट चेक करें.
3. चेक करें कि क्या आपका शहर कोई एक्स्ट्रा लोकल लेवी लगाता है जैसे मेट्रो सेस या लोकल बॉडी टैक्स.
4. ओरिजिनल डील प्राइस और सर्कल रेट में से जो ज्यादा हो, उसके आधार पर कैलकुलेट करें.
5. इस रकम को डाउन पेमेंट में जोड़ें, लोन में नहीं.
6. यह रकम अलग रख लें और डील फाइनल करने से पहले इसे तैयार रखें, क्योंकि सेल एग्रीमेंट के बाद तय समय के अंदर रजिस्ट्रेशन जरूरी है.
कितना टैक्स डिडक्शन मिलता है?
रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने पर दी गई स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख तक का डिडक्शन मिलता है. यह डिडक्शन आम तौर पर उसी फाइनेंशियल ईयर में मिलता है जिसमें पेमेंट किया जाता है. यह सेक्शन 80C के तहत ओवरऑल लिमिट में आता है, जिसमें दूसरे इन्वेस्टमेंट और खर्चे भी शामिल हैं. टैक्स के नियम बदलते रहते हैं, इसलिए अपने टैक्स एडवाइजर से इसकी पुष्टि जरूर कर लें.
इन गलतियों से बचें:
- केवल डाउन पेमेंट के लिए बजट बनाना और रजिस्ट्रेशन के समय स्टाम्प ड्यूटी बिल देखकर परेशान होना.
- यह मान लेना कि लोन ₹10 लाख से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर भी इन खर्चों को कवर कर लेगा.
- केवल बेस स्टाम्प ड्यूटी को देखना और मेट्रो सेस या लोकल बॉडी टैक्स जैसे लोकल चार्ज को नजरअंदाज करना, जिससे 1% से 2% और जुड़ सकता है.
- सिर्फ एग्रीमेंट वैल्यू के आधार पर खर्च का अनुमान लगाना, जबकि बढ़ते मार्केट में सर्कल रेट ज्यादा हो सकता है.
- रजिस्ट्रेशन की समय सीमा चूक जाना, क्योंकि देरी पर जुर्माना लग सकता है या दोबारा भुगतान करना पड़ सकता है.
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Disclaimer: यह जानकारी सिर्फ सूचना के लिए है, वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं है. घर खरीदने से पहले अपने वित्तीय और कानूनी सलाहकार से जरूर बात करें.
Kuber Dev Ki Aarti Lyrics: आज धनतेरस है, शाम को पूजा करते समय कुबेर देव की आरती जरूर करें
Kuber Dev Ki Aarti Lyrics: आज धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है. इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को है. आज कार्तिक मास का पहला शुक्र प्रदोष व्रत भी रखा जा रहा है. धनतेरस का त्योहार भगवान कुबेर को समर्पित होता है. इसलिए, इस दिन उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए. उनकी पूजा करने से भगवान कुबेर की कृपा साल भर आपके परिवार पर बरसती रहती है. कुबेर भगवान की पूजा के साथ-साथ आरती जरूर करें. यहां पढ़ें कुबेर देव की आरती के लिरिक्स.
आरती श्री कुबेर जी की (Kuber Dev Aarti Lyrics)
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे,स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।
शरण पड़े भगतों के,भण्डार कुबेर भरे॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,स्वामी भक्त कुबेर बड़े।
दैत्य दानव मानव से,कई-कई युद्ध लड़े॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
स्वर्ण सिंहासन बैठे,सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे।
योगिनी मंगल गावैं,सब जय जय कार करैं॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
गदा त्रिशूल हाथ में,शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे।
दुख भय संकट मोचन,धनुष टंकार करें॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
भाँति भाँति के व्यंजन बहुत बने,स्वामी व्यंजन बहुत बने।
मोहन भोग लगावैं,साथ में उड़द चने॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
बल बुद्धि विद्या दाता,हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े
अपने भक्त जनों के,सारे काम संवारे॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
मुकुट मणी की शोभा,मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले।
अगर कपूर की बाती,घी की जोत जले॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
यक्ष कुबेर जी की आरती,जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे।
कहत प्रेमपाल स्वामी,मनवांछित फल पावे॥
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे...॥
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श्री कुबेर चालीसा (Shree Kuber Chalisa)
दोहा
जैसे अटल हिमालय,और जैसे अडिग सुमेर।
ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै,अविचल खड़े कुबेर॥
विघ्न हरण मंगल करण,सुनो शरणागत की टेर।
भक्त हेतु वितरण करो,धन माया के ढ़ेर॥
चौपाई
जय जय जय श्री कुबेर भण्डारी।धन माया के तुम अधिकारी॥
तप तेज पुंज निर्भय भय हारी।पवन वेग सम सम तनु बलधारी॥
स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी।सेवक इन्द्र देव के आज्ञाकारी॥
यक्ष यक्षणी की है सेना भारी।सेनापति बने युद्ध में धनुधारी॥
महा योद्धा बन शस्त्र धारैं।युद्ध करैं शत्रु को मारैं॥
सदा विजयी कभी ना हारैं।भगत जनों के संकट टारैं॥
प्रपितामह हैं स्वयं विधाता।पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता॥
विश्रवा पिता इडविडा जी माता।विभीषण भगत आपके भ्राता॥
शिव चरणों में जब ध्यान लगाया।घोर तपस्या करी तन को सुखाया॥
शिव वरदान मिले देवत्य पाया।अमृत पान करी अमर हुई काया॥
धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में।देवी देवता सब फिरैं साथ में॥
पीताम्बर वस्त्र पहने गात में।बल शक्ति पूरी यक्ष जात में॥
स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं।त्रिशूल गदा हाथ में साजैं॥
शंख मृदंग नगारे बाजैं।गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं॥
चौंसठ योगनी मंगल गावैं।ऋद्धि सिद्धि नित भोग लगावैं॥
दास दासनी सिर छत्र फिरावैं।यक्ष यक्षणी मिल चंवर ढूलावैं॥
ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं।देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं॥
पुरुषों में जैसे भीम बली हैं।यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं॥
भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं।पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं॥
नागों में जैसे शेष बड़े हैं।वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं॥
कांधे धनुष हाथ में भाला।गले फूलों की पहनी माला॥
स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला।दूर दूर तक होए उजाला॥
कुबेर देव को जो मन में धारे।सदा विजय हो कभी न हारे॥
बिगड़े काम बन जाएं सारे।अन्न धन के रहें भरे भण्डारे॥
कुबेर गरीब को आप उभारैं।कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं॥
कुबेर भगत के संकट टारैं।कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं॥
शीघ्र धनी जो होना चाहे।क्युं नहीं यक्ष कुबेर मनाएं॥
यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं।दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं॥
भूत प्रेत को कुबेर भगावैं।अड़े काम को कुबेर बनावैं॥
रोग शोक को कुबेर नशावैं।कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं॥
कुबेर चढ़े को और चढ़ादे।कुबेर गिरे को पुनः उठा दे॥
कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे।कुबेर भूले को राह बता दे॥
प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे।भूखे की भूख कुबेर मिटा दे॥
रोगी का रोग कुबेर घटा दे।दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे॥
बांझ की गोद कुबेर भरा दे।कारोबार को कुबेर बढ़ा दे॥
कारागार से कुबेर छुड़ा दे।चोर ठगों से कुबेर बचा दे॥
कोर्ट केस में कुबेर जितावै।जो कुबेर को मन में ध्यावै॥
चुनाव में जीत कुबेर करावैं।मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं॥
पाठ करे जो नित मन लाई।उसकी कला हो सदा सवाई॥
जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई।उसका जीवन चले सुखदाई॥
जो कुबेर का पाठ करावै।उसका बेड़ा पार लगावै॥
उजड़े घर को पुनः बसावै।शत्रु को भी मित्र बनावै॥
सहस्र पुस्तक जो दान कराई।सब सुख भोग पदार्थ पाई॥
प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई।मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई॥
दोहा
शिव भक्तों में अग्रणी,श्री यक्षराज कुबेर।
हृदय में ज्ञान प्रकाश भर,कर दो दूर अंधेर॥
कर दो दूर अंधेर अब,जरा करो ना देर।
शरण पड़ा हूं आपकी,दया की दृष्टि फेर॥
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