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Ramayana Box Office: पहले दिन रामायण ने पठान को छोड़ा पीछे, लेकिन आदिपुरुष का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सकी फिल्म

रणबीर कपूर की रामायण दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज कर दी गई. इस फिल्म ने ओपनिंग डे पर बेहतरीन कलेक्शन किया और कई फिल्मों के रिकॉर्ड्स तोड़े. मगर ये मूवी आदिपुरुष का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाई.

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मेडिकल डिवाइस से गंभीर नुकसान के मामले 3 गुना बढ़े:2020 में 808 थे, 2025 में 2 हजार से ज्यादा; RTI से पहली बार जानकारी मिली

देश में मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल से मरीजों को होने वाले गंभीर नुकसान के मामलों में पिछले छह साल में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। इंडियन फार्माकोपिया कमीशन के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में ऐसे 808 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 2,176 हो गए। 2020 से अब तक कुल 9,373 गंभीर मामले सामने आए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये आंकड़े पहली बार सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए सामने आए हैं। सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन के आदेश के बाद IPC ने यह जानकारी उपलब्ध कराई। गंभीर मामलों में मरीज की जान को खतरा, लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने या दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने जैसी स्थितियां शामिल हैं। पहले गंभीर मामलों के आंकड़े अलग से सार्वजनिक नहीं किए जाते थे IPC देशभर के 775 निगरानी केंद्रों से मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं की जानकारी जुटाता है। इसे मेडिकल डिवाइस से जुड़ी प्रतिकूल घटनाएं (MDAE) कहा जाता है। IPC अपनी सालाना रिपोर्ट में इनकी कुल संख्या बताता था, लेकिन गंभीर घटनाओं (SAE) के आंकड़े अलग से सार्वजनिक नहीं करता था। CIC में अपील के बाद सूचना आयुक्त जया वर्मा सिन्हा ने 11 पन्नों के आदेश में IPC को गंभीर घटनाओं की जानकारी देने को कहा। हालांकि, मेडिकल डिवाइस की श्रेणी और निर्माता का नाम सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं दी गई। IPC ने दलील दी थी कि निर्माता का नाम और डिवाइस की जानकारी सार्वजनिक करने से कंपनियों की व्यावसायिक गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना डिवाइस की खराबी से हुई या किसी मेडिकल प्रक्रिया में हुई चूक के कारण। हर साल हजारों शिकायतें, लेकिन बहुत कम मामले CDSCO भेजे गए IPC की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में मेडिकल डिवाइस से जुड़ी 14,584 प्रतिकूल घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से सिर्फ 22 मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) भेजा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में 10,269 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 16 CDSCO को भेजे गए। वहीं, 2022-23 में 3,868 मामले सामने आए और 12 मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। CDSCO को भेजे गए संदिग्ध डिवाइसों में सर्जिकल दस्ताने, सिरिंज और यूरिन बैग जैसे सामान शामिल थे। इनके अलावा प्रेग्नेंसी टेस्ट किट, कैथेटर, ब्लड प्रेशर मॉनिटर, ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट, मैकेनिकल वेंटिलेटर और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेट के मामले भी सूची में थे। 2022-23 की सूची में एक पुरुष कंडोम को भी संदिग्ध डिवाइस के तौर पर शामिल किया गया था। IPC की समिति ने इसे आगे की कार्रवाई के लिए भेजे गए 12 संदिग्ध मेडिकल डिवाइसों में गिना था। 2018 में स्टेंट से जुड़े मामलों पर भी उठे थे सवाल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ने मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री और डॉक्टरों-अस्पतालों के साथ उसके संबंधों पर की गई जांच के दौरान MDAE के आंकड़ों का खुलासा किया था। उस साल कुल 566 प्रतिकूल घटनाएं दर्ज हुई थीं। इनमें से 290 मामले अमेरिकी कंपनी एबॉट के बनाए कोरोनरी स्टेंट से जुड़े थे। उस समय कंपनी ने कहा था कि उसके स्टेंट दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल और अध्ययन किए जाने वाले स्टेंटों में शामिल हैं और उनका सुरक्षा रिकॉर्ड बेहतर है। इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ने 2018 के आंकड़ों का अपडेट जानने के लिए कई RTI आवेदन किए, लेकिन जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। 2025 में CIC में अंतिम अपील के बाद छह साल के आंकड़े जारी किए गए। 15 दिन के भीतर गंभीर घटनाओं की रिपोर्ट देना जरूरी मेडिकल डिवाइस से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी के लिए 2015 में मैटेरियोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (MvPI) शुरू किया गया था। IPC इसके तहत ऑनलाइन पोर्टल ADRMS के जरिए ऐसी घटनाओं की जानकारी जुटाता है। नियमों के मुताबिक, गंभीर प्रतिकूल घटनाओं की जानकारी 15 दिन के भीतर IPC को देना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, किसी घटना को गंभीर तब माना जाता है, जब उससे मरीज की मौत हो, जान को खतरा हो, लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़े या विकलांगता जैसी स्थिति पैदा हो। अमेरिका में मेडिकल डिवाइस से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की जानकारी के लिए MAUDE नाम का सार्वजनिक डेटाबेस है। इसमें मेडिकल डिवाइस से जुड़ी मौतों, चोटों और दूसरी प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्ट उपलब्ध होती है। इसमें डिवाइस का ब्रांड, निर्माता, मॉडल और घटना का प्रकार भी देखा जा सकता है।

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  Sports

दूसरे ODI में Team India से हार के बाद बोले Mitchell Santner, गेंदबाजों के अनुकूल थी मुश्किल पिच

दूसरे वनडे इंटरनेशनल (ODI) में भारत के हाथों न्यूजीलैंड की करीबी हार के बाद, कप्तान मिशेल सेंटनर ने गेंदबाजी के अनुकूल पिच पर दोनों टीमों की गेंदबाजी की तारीफ की। बारिश के कारण खेल बाधित होने के बाद, डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत भारत ने चार रन से जीत दर्ज की। इससे पहले, पहले वनडे में भारत ने 143 रनों के लक्ष्य का शानदार तरीके से पीछा किया था, जिसमें विराट कोहली की संयमित 74 रनों की पारी अहम रही। हालांकि, दूसरे वनडे में मौसम की स्थिति के कारण खेल प्रभावित हुआ, जिससे कोई बड़ी बल्लेबाजी पारी देखने को नहीं मिली।

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न्यूजीलैंड को भारत के गेंदबाजों गुरनूर बराड़, आकिब नबी और अंशुल कंबोज के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा, जबकि भारत को कीवी तेज गेंदबाजों जैकब डफी और काइल जैमीसन से चुनौती मिली। मैच के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान सैंटनर ने कहा कि यह एक ऐसी पिच थी जहां तेज गेंदबाजों का सामना करना काफी मुश्किल था। मुझे पता है कि अक्षर ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और सभी ने काफी अच्छी गेंदबाजी की। [मैच से सीख] एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में, हमें पता था कि यह पिच मुश्किल होने वाली है। अगर हम किसी तरह 160 या 180 रन तक पहुंच पाते, तो वहां से आगे बढ़ सकते थे। लेकिन हां, मुझे लगता है कि उन्होंने भी अच्छी गेंदबाजी की। मौसम को देखते हुए, शुरुआत करना हमेशा थोड़ा मुश्किल होता है और उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया।

उन्होंने तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर के बारे में भी जानकारी दी, जिन्हें बल्लेबाजी के दौरान हेलमेट पर चोट लगने के कारण 'कनकशन' (सिर की चोट) हो गया था, जिसके बाद उनकी जगह मैथ्यू फिशर को टीम में शामिल किया गया। सैंटनर ने बताया कि वह वापस होटल चले गए हैं, उम्मीद है कि वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे। लेकिन हां, उन्हें हाल ही में 'कनकशन' हुआ है, इसलिए ऐसी स्थिति में थोड़ा समय देना जरूरी होता है। पिच और गेंदबाजी के बारे में बात करते हुए, सैंटनर ने कहा कि यह एक मुश्किल पिच थी। इसे छिपाने की कोई बात नहीं है। मुझे लगता है कि उन्होंने (भारत ने) बहुत अच्छी गेंदबाजी की, खासकर शुरुआत में। उन्होंने हमें काफी चुनौती दी, और जाहिर है, शुरुआत में विकेट गिरना कभी भी अच्छा नहीं होता। लेकिन मुझे लगता है कि पारी के आधे पड़ाव पर हम थोड़ा पीछे थे, हालांकि पिच में अभी भी कुछ मदद मिल रही थी, जो कि अच्छी बात थी। हमारे गेंदबाजों ने बहुत बढ़िया गेंदबाजी की। [गेंदबाजी प्रदर्शन पर] जैसा कि हमने ईडन पार्क में कहा था, हमारे लिए बस मैदान पर उतरकर सब कुछ अपने आप होने की उम्मीद करना आसान हो सकता था। लेकिन हमने वास्तव में बहुत अच्छी गेंदबाजी की। हमने अच्छी शुरुआत की, और मुझे लगता है कि लक्ष्य तक पहुंचने का एकमात्र तरीका यही था कि शुरुआत में ही विकेट लिए जाएं। हमने ऐसा किया भी, और फिर हमारे गेंदबाजों ने लगातार स्पेल में विकेट चटकाए, जो वनडे क्रिकेट में बहुत अहम होता है।"

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भारत ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। गुरनूर बराड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 30 रन देकर 4 विकेट लिए, जिसकी बदौलत न्यूजीलैंड की पूरी टीम 41 ओवर में 134 रन पर सिमट गई। इसके बावजूद, डेरिल मिशेल ने 104 गेंदों पर 55 रनों की जुझारू पारी खेली। उनका साथ सैंटनर ने दिया, जिन्होंने 38 गेंदों पर 31 रन बनाए; उनकी इस पारी में एक चौका और दो छक्के शामिल थे।

Sat, 07 Nov 2026 18:41:00 +0530

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