Responsive Scrollable Menu

प्रियंका को चांद दिखाने बादलों के पार ले गए निक:विराट ने अनुष्का के लिए व्रत रखा, बॉलीवुड से राजनीति तक करवा चौथ के किस्से

करवा चौथ का त्योहार। हाथों में छलनी, चांद का इंतजार और जीवनसाथी के साथ बिताए कुछ खास पल। त्योहार से जुड़ी यादें हर किसी के लिए खास होती हैं। जब बात सेलिब्रिटीज की आए तो इन पलों में कुछ दिलचस्प किस्से भी जुड़ जाते हैं। बॉलीवुड सितारों से लेकर भारतीय राजनीति की जानी-मानी हस्तियों तक, करवा चौथ मनाने के अंदाज अलग जरूर हैं, लेकिन प्यार, सम्मान और समर्पण की कहानी एक ही है। आइए, तस्वीरों और दिलचस्प किस्सों के जरिए जानते हैं कि मशहूर हस्तियां करवा चौथ कैसे मनाती हैं। करवा चौथ की शाम थी। आसमान में चांद का इंतजार था और हर तरफ पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखने वाली महिलाओं की चर्चा। 2019 में विराट कोहली ने इस परंपरा में प्यार का एक नया रंग भर दिया। इस बार अनुष्का अकेले भूखी-प्यासी रहकर चांद का इंतजार नहीं कर रही थीं। विराट भी उनके साथ व्रत पर थे। दोनों ने एक-दूसरे के लिए उपवास रखा और इस खास पल को तस्वीरों में सहेज लिया। अनुष्का ने विराट को अपना ‘फास्टिंग पार्टनर’ कहा, तो विराट ने भी साथ व्रत रखने की तस्वीर साझा की। 2022 में कटरीना कैफ और विक्की कौशल की शादी के बाद पहला करवा चौथ था। कटरीना ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा, लेकिन इस कहानी का सबसे प्यारा हिस्सा यह था कि विक्की भी बिना कहे उनके साथ पूरे दिन भूखे रहे। न कोई फरमाइश, न कोई शिकायत। बस साथ निभाने का अपना-सा अंदाज। शाम ढली, पूजा हुई और फिर शुरू हुआ चांद का इंतजार। कटरीना को लगा कि तकनीक इस मुश्किल को आसान कर देगी। उन्होंने गूगल से पूछा कि चांद कब निकलेगा। जवाब मिला- रात 8:30 बजे। दोनों ने घड़ी देखी। वक्त हुआ, लेकिन आसमान में चांद का कहीं अता-पता नहीं था। अब इंतजार थोड़ा लंबा और बेचैनी थोड़ी ज्यादा होने लगी। तभी विक्की ने मुस्कुराते हुए ऐसी बात कही, जिसने उस पल को यादगार बना दिया। उन्होंने मजाक में कहा, “चांद गूगल की बात नहीं सुनता, अपनी मर्जी से निकलता है।” परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा के लिए 2023 का करवा चौथ ऐसा ही एक यादगार मौका था। लेकिन इस त्योहार की उनकी कहानी में एक छोटा-सा पल ऐसा था, जिसने सबका दिल जीत लिया। करवा चौथ पर आमतौर पर महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाती हैं। लेकिन परिणीति के पहले करवा चौथ पर राघव ने इस रस्म को अपने अंदाज में खास बना दिया। उन्होंने खुद परिणीति की हथेली पर मेहंदी लगाई। जरा सोचिए, जीवनसाथी के हाथों से रची मेहंदी और उसके पीछे छिपा प्यार-उस पल की खूबसूरती किसी महंगे तोहफे से कम थोड़ी थी! परिणीति और राघव ने अपने इस खास दिन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। तब से दोनों के करवा चौथ सेलिब्रेशन की तस्वीरें उनके चाहने वालों के लिए खास आकर्षण रही हैं। रणवीर सिंह अपने प्यार का इजहार करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। कभी अपने अंदाज से, कभी अपनी बातों से और कभी ऐसी छोटी-सी बात से, जो दिल छू जाए। दीपिका पादुकोण के लिए उनका करवा चौथ का अंदाज भी कुछ ऐसा ही है। साल 2021 में रणवीर अपने शो ‘द बिग पिक्चर’ की शूटिंग कर रहे थे। शो के एक एपिसोड में बातचीत के दौरान उन्होंने एक ऐसा राज खोला, जिसने उनके चाहने वालों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। रणवीर ने बताया कि वह दीपिका के लिए करवा चौथ का व्रत रखते हैं। कहानी में एक और प्यारी बात थी। रणवीर ने अपनी हथेली पर मेहंदी से दीपिका के नाम का पहला अक्षर ‘D’ भी लिखवाया था। जरा सोचिए, एक ऐसा शख्स जो अपने रंगीले अंदाज के लिए मशहूर है, वह अपनी हथेली पर अपने प्यार के नाम का पहला अक्षर सजाकर घूम रहा हो। यह किसी फिल्मी दृश्य से कम तो नहीं लगता! करवा चौथ की रात थी। प्रियंका चोपड़ा ने पति निक जोनस की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। सुबह से शाम हो गई, पूजा भी हो गई, लेकिन जिस चांद का इंतजार था, वह बादलों के पीछे छिपा रहा। रात के 10-11 बज गए, फिर भी आसमान साफ नहीं हुआ। अब सोचिए, दिनभर भूखी-प्यासी रहने के बाद कोई पत्नी चांद के दीदार का इंतजार कर रही हो और मौसम साथ न दे, तो मन कितना बेचैन होगा! लेकिन निक के पास इस मुश्किल का एक ऐसा हल था, जो किसी फिल्मी कहानी में ही सूझ सकता है। प्रियंका ने 2025 में बताया था कि उस करवा चौथ पर निक उन्हें अपने विमान से बादलों के ऊपर ले गए, ताकि वे चांद देख सकें और अपना व्रत खोल सकें। जमीन पर मौसम ने साथ नहीं दिया, तो निक ने आसमान में ही रास्ता खोज लिया। प्रियंका की सास हर साल उनके लिए सरगी भेजती हैं, जो करवा चौथ की सुबह व्रत रखने से पहले खाई जाती है। शादी के बाद पहला करवा चौथ हर जोड़े के लिए खास होता है। 2024 में सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल के लिए भी यह मौका यादगार बन गया। सोनाक्षी ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा, लेकिन जहीर ने भी उनका साथ देने के लिए पूरे दिन कुछ नहीं खाया। चांद निकलने का इंतजार चल रहा था। इसी बीच सोनाक्षी के मन में एक सवाल आया। उन्होंने जहीर से पूछा कि आखिर उन्होंने व्रत क्यों रखा है? जहीर ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “क्योंकि अगर मैं तुम्हारे सामने खाना खाता, तो तुम मुझे मार डालती!” जहीर की इस बात पर हंसी छूटना लाजिमी था। प्यार में गंभीर वादों के साथ थोड़ी शरारत भी हो, तो रिश्ता और खूबसूरत लगने लगता है। सोनाक्षी ने इस प्यारे पल का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “ऐसा पति ढूंढो, जो तुम्हें अकेले भूखा न रहने दे।” करवा चौथ पर चांद का इंतजार हर उस जोड़े के लिए खास होता है, जो इस परंपरा को साथ निभाता है। लेकिन सोचिए, आप व्रत रखकर चांद का इंतजार कर रहे हों और आसमान में बादल या किसी वजह से चांद दिखाई ही न दे! शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के साथ साल 2018 में कुछ ऐसा ही हुआ। उस साल दोनों करवा चौथ के मौके पर एक इवेंट के लिए श्रीलंका में थे। शाम ढली, रात हुई और चांद निकलने का इंतजार बढ़ता गया। रात के 9:30 बज चुके थे, लेकिन आसमान में चांद के दर्शन नहीं हुए। आखिरकार, मुंबई में मौजूद एक दोस्त ने उनकी मदद की। दोस्त ने चांद की तस्वीर भेजी और उसी तस्वीर को देखकर शिल्पा और राज ने अपना व्रत खोला। कभी-कभी अपनों की भेजी एक छोटी-सी तस्वीर भी दूर देश में बैठे लोगों के लिए कितनी बड़ी खुशी बन जाती है! साल 2018 ताहिरा कश्यप और आयुष्मान खुराना के लिए आसान नहीं था। ताहिरा ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही थीं। ऐसे में करवा चौथ आया, तो सेहत की वजह से वह व्रत नहीं रख पाईं। लेकिन इस बार उनकी जगह आयुष्मान ने यह परंपरा निभाने का फैसला किया। जरा सोचिए, जिस दिन पत्नी हर साल पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती हो, उसी दिन पति उसकी अच्छी सेहत और लंबी उम्र की दुआ मांगने के लिए आगे आए, तो यह पल कितना भावुक कर देने वाला होगा। आयुष्मान ने सिर्फ व्रत ही नहीं रखा, बल्कि अपनी हथेली पर मेहंदी से ‘त’ भी लिखवाया। यह अक्षर ताहिरा के नाम का पहला अक्षर था। हथेली पर सजा यह छोटा-सा निशान अपने आप में प्यार का एक बड़ा इजहार था। रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी के लिए साल 2024 का यह त्योहार यादगार था, लेकिन इसकी कहानी में प्यार के साथ थोड़ी परेशानी और ढेर सारी शरारत भी थी। जिम में चोट लगने के कारण रकुल की कमर में दर्द था और डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी थी। इसके बावजूद उन्होंने लाल कपड़े पहनकर त्योहार मनाया। लेकिन इस दिन की सबसे प्यारी बात यह थी कि जैकी ने भी पत्नी के लिए व्रत रखा। दिन बीतता गया और भूख का एहसास बढ़ने लगा। आखिर जैकी भी कब तक अपने मन की बात छिपाते! उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “मुझे बहुत भूख लगी है, लेकिन मैं भी नहीं खाऊंगा।” उनकी यह बात सुनकर चेहरे पर मुस्कान आना लाजिमी है। प्यार में कभी-कभी बड़ी-बड़ी बातें नहीं, बल्कि भूख लगने पर भी साथ निभाने की छोटी-सी जिद दिल जीत लेती है। रकुल ने जैकी को अपना सूरज, चांद और पूरी दुनिया बताया। शायद यही इस कहानी की सबसे खूबसूरत बात है। जिस चांद को देखने के लिए करवा चौथ का इंतजार होता है, रकुल के लिए उनका चांद तो पहले से ही उनके साथ था। शादी के बाद पहला करवा चौथ हर जोड़े के लिए खास होता है। लेकिन 2024 में रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम का पहला करवा चौथ थोड़ा अलग था। रणदीप शूटिंग के सिलसिले में व्यस्त थे और लिन के साथ मौजूद नहीं हो सकते थे। ऐसे में रणदीप ने लिन से कहा कि वह उनके लिए व्रत न रखें। अब जरा लिन का अंदाज देखिए। उन्होंने उदास होने या दिनभर पति की कमी महसूस करने के बजाय इस मौके को अपने ही तरीके से खास बनाने का फैसला किया। लिन ने स्नैक्स की एक टोकरी सजाई और सोशल मीडिया पर मजेदार अंदाज में लिखा, “हसबैंड, जब आपने व्रत रखने से मना किया है, तो स्नैक्स, नेटफ्लिक्स और मेरे डांस मूव्स तैयार हैं!” प्यार की कोई एक भाषा नहीं होती और न ही उसकी कोई सीमा। कभी दो अलग-अलग देशों में पले-बढ़े लोग मिलते हैं और फिर एक-दूसरे की दुनिया को अपना बना लेते हैं। अभिनेत्री श्रेया सरन और उनके पति आंद्रेई कोशचीव की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। श्रेया भारतीय हैं, जबकि आंद्रेई मूल रूप से रूस के रहने वाले हैं। दोनों की संस्कृतियां अलग हैं, लेकिन प्यार ने उनके बीच की दूरियां मिटा दीं। श्रेया अपने विदेशी पति के लिए करवा चौथ का व्रत भी रखती हैं। साल 2019 में श्रेया ने स्पेन के खूबसूरत शहर बार्सिलोना से करवा चौथ की तस्वीरें साझा की थीं। सात समंदर पार, अपने देश से दूर, उन्होंने भारतीय परंपरा को उसी प्यार से निभाया, जो इस त्योहार की पहचान है। करवा चौथ पर चांद का इंतजार वैसे ही लंबा लगता है, लेकिन सोचिए, अगर व्रत एक देश में शुरू हो और दूसरे देश में जाकर खत्म हो, तो क्या होगा? अभिनेत्री प्रीति जिंटा के साथ साल 2020 में कुछ ऐसा ही हुआ। प्रीति अपने विदेशी पति जीन गुडइनफ के लिए हर साल करवा चौथ का व्रत रखती हैं। लेकिन उस साल उनका व्रत कुछ ज्यादा ही लंबा खिंच गया। प्रीति ने सोशल मीडिया पर इसे अपना ‘सबसे लंबा’ करवा चौथ बताया था। व्रत दुबई में शुरू हुआ और 24 घंटे से ज्यादा समय बाद लॉस एंजेल्स में जाकर खत्म हुआ। करवा चौथ की कहानियों में अक्सर पति-पत्नी के प्यार और साथ निभाने के किस्से सुनने को मिलते हैं। लेकिन अमेरिकी गायिका और अभिनेत्री मैरी मिलबेन की कहानी थोड़ी अलग है। यहां जीवनसाथी साथ नहीं था, बल्कि अभी उनकी जिंदगी में आया ही नहीं था! 2023 में मैरी ने भारतीय परंपरा के प्रति सम्मान जताते हुए करवा चौथ मनाया। उन्होंने पारंपरिक भारतीय परिधान में अपनी तस्वीर साझा की। उस वक्त वह अविवाहित थीं, लेकिन उन्होंने अपने होने वाले जीवनसाथी के लिए प्रार्थना की। करवा चौथ का दिन हो, पत्नी ने व्रत रखा हो और शाम को साथ बिताने के लिए कुछ सुकून भरे पल मिल जाएं, तो त्योहार की खुशी और बढ़ जाती है। बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और उनकी पत्नी शेफाली की कहानी में भी ऐसा ही एक खूबसूरत पल जुड़ा है। साल 2022 में करवा चौथ के दिन अनुराग ठाकुर अपनी पत्नी शेफाली के साथ दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सैर करने निकले। दिनभर की व्यस्तताओं और राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच यह साथ बिताया गया एक साधारण-सा पल था, लेकिन इसकी खूबसूरती कुछ खास थी। अनुराग ने इस सैर का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। साथ में लिखी उनकी पंक्ति ने सबका ध्यान खींचा- “कर्तव्य पथ… एक सफर, हमसफर के साथ।” दिनभर बैठकों, सरकारी कामकाज और जनता से जुड़े मुद्दों में व्यस्त रहना। हर फैसले के साथ एक नई जिम्मेदारी और हर दिन नई चुनौतियां। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की दिनचर्या कुछ ऐसी ही है। लेकिन इन तमाम जिम्मेदारियों के बीच उनकी जिंदगी का एक हिस्सा ऐसा भी है, जिसे वे खास अहमियत देती हैं- उनका परिवार। रेखा गुप्ता अपने पति मनीष गुप्ता के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। राजनीतिक जीवन की व्यस्तताओं के बावजूद वे इस पारिवारिक परंपरा को निभाने के लिए वक्त निकालती हैं। राजनीति की दुनिया में दिन कब सुबह से शाम में बदल जाता है, पता ही नहीं चलता। बैठकों, कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों के बीच अपने लिए वक्त निकालना आसान नहीं होता। लेकिन रिश्तों की खूबसूरती इसी में है कि व्यस्तता कितनी भी हो, अपनों के लिए कुछ पल बचा लिए जाएं। साल 2021 में शिवराज सिंह चौहान ने कुछ ऐसा ही अपनापन दिखाया। भोपाल स्थित अपने निवास पर उन्होंने करवा चौथ के दिन पत्नी साधना सिंह के साथ समय बिताया। इस मौके पर शिवराज ने उन्हें करवा चौथ की कथा भी सुनाई। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी ही ऐसी है कि दिन का बड़ा हिस्सा बैठकों, कार्यक्रमों और जनता से जुड़े कामों में बीतता है। ऐसे में अपने परिवार के साथ सुकून के कुछ पल बिताना भी किसी खास मौके से कम नहीं है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी के लिए करवा चौथ ऐसा ही एक अवसर है। राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच पुष्कर सिंह धामी करवा चौथ पर पत्नी गीता के साथ समय बिताते हैं। यह त्योहार उन्हें रोजमर्रा की भागदौड़ से अलग होकर अपने रिश्ते और पारिवारिक परंपराओं के लिए वक्त निकालने का मौका देता है। सार्वजनिक जीवन में रहने वालों की दिनचर्या अक्सर इतनी व्यस्त होती है कि अपने लिए वक्त निकालना भी मुश्किल हो जाता है। बैठकों, कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों के बीच दिन कब बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। लेकिन कुछ मौके ऐसे होते हैं, जब तमाम व्यस्तताओं के बीच भी परिवार और रिश्तों के लिए समय निकालना खास मायने रखता है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और उनकी पत्नी नम्रता पाठक के लिए करवा चौथ ऐसा ही एक अवसर है। दोनों इस त्योहार को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं और अपनी पारिवारिक परंपराओं को महत्व देते हैं। गूगल पर करवाचौथ ट्रेंड कर रहा है… सोर्स- गूगल ट्रेंड ……………………. ग्राफिक- विपुल शर्मा ……………………. यह खबर भी पढ़ें…. करवा चौथ– यूनीक ज्वेलरी और मेकअप से निखारें अपना लुक:ट्रेंडिंग मेहंदी डिजाइन, सेलिब्रिटी साड़ियां और ज्वेलरी के बजट ऑप्शन आपको प्यार और समर्पण के इस पर्व करवा चौथ की मुबारकें। किसी भी महिला के लिए इस दिन सबसे खास क्या होता है। उसके हाथों की मोहक मेंहदी, रूप–रंग को निखारता श्रृंगार, देह पर फब रही लकदक साड़ी और दिल में ढेर सारा प्यार। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

पेरेंटिंग- शहर में आकर बच्चा अकेला हो गया है:दादा-दादी की याद में हर वक्त उदास रहता है, उसे इस नए माहौल में कैसे ढालें

सवाल- मैं 35 साल का हूं। मेरा 5 साल का बेटा जन्म से अब तक गांव में दादा-दादी और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ जॉइंट फैमिली में रहा है। वहां उसके साथ खेलने के लिए हमेशा कोई-न-कोई बच्चा या बड़ा मौजूद रहता था। नौकरी की वजह से अब हम उसे अपने साथ शहर ले आए हैं। यहां वह ज्यादातर घर में ही रहता है। आसपास उसके खेलने के लिए कोई बच्चा नहीं है। पिछले कुछ समय से वह बहुत चुप और मायूस रहने लगा है और बार-बार दादा-दादी के पास जाने की बात करता है। हमें लगता है कि वह अपने पुराने माहौल को मिस कर रहा है। यहां शहर में वह अकेला पड़ गया है। उसे इस नए माहौल में कैसे एडजस्ट कराएं? एक्सपर्ट- डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। पांच साल के बच्चे के लिए गांव से शहर आना सिर्फ घर बदलना नहीं है। उसके लिए इसका मतलब अपने परिचितों, दोस्तों, डेली रूटीन और सेफ माहौल से दूर होना भी है। जिस बच्चे को अब तक हर समय किसी-न-किसी का साथ मिलता था, उसे अचानक घर में अकेले रहना पड़ रहा है। ऐसे में उसका उदास होना, दादा-दादी को याद करना और गांव वापस जाने की जिद करना स्वाभाविक है। यहां सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बच्चा जानबूझकर परेशान नहीं कर रहा है। वह अपने तरीके से बदलाव का दुख और अकेलापन जाहिर कर रहा है। ऐसे में उसे पेरेंट्स के इमोशनल सपोर्ट की जरूरत है। बच्चे की उदासी की असल वजह पांच साल की उम्र में बच्चे अपनी भावनाओं को शब्दों में ठीक से व्यक्त नहीं कर पाते। वे यह भी समझ नहीं पाते कि बदलाव क्यों हुआ है और यह कब तक रहेगा। ऐसे में वे अपने इन व्यवहारों के जरिए परेशानी जाहिर कर सकते हैं- बच्चे की उदासी के पीछे और भी कई वजहें हो सकती हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- पेरेंट्स क्या करें? बच्चे को जब पुराने घर, दादा-दादी या अपने दोस्तों की याद आए, तो उसे समझाने या चुप कराने की जल्दबाजी न करें। उसकी उदासी को समझें। उसे महसूस होने दें कि उसकी भावनाएं आपके लिए मायने रखती हैं। वह रोए या बार-बार घर लौटने की बात करे तो डांटने की बजाय प्यार से कहें- “तुम्हें दादी की याद आ रही है न? मुझे पता है कि तुम्हें उनकी कमी खल रही है।” इससे बच्चे को लगेगा कि माता-पिता उसकी भावनाएं समझते हैं। यही भरोसा उसे नए माहौल में सहज होने और धीरे-धीरे बदलाव को स्वीकार करने में मदद करता है। साइकोलॉजी में इसे ‘इमोशनल वैलिडेशन’ कहते हैं। बच्चे की भावनाओं को कैसे संभालें? भावनाओं में आकर बच्चे से यह वादा न करें कि उसे जल्द ही गांव ले जाएंगे, जब तक कि ऐसा तय न हो। झूठी उम्मीद से उसका भरोसा कमजोर हो सकता है। इसके बजाय- इसके साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें- बच्चे को नए माहौल में कैसे एडजस्ट कराएं? आपके मामले में एक बड़ी समस्या यह है कि बच्चा दिन में ज्यादातर समय घर पर रहता है और उसके आसपास खेलने के लिए दूसरे बच्चे भी नहीं हैं। ऐसे में सिर्फ उसे समझाते रहना काफी नहीं है। उसे दूसरे बच्चों के साथ जुड़ने के मौके भी देने होंगे। बच्चे को नए दोस्त बनाने में मदद करने के लिए ये तरीके अपना सकते हैं- दादा-दादी से जुड़ाव जरूरी पेरेंट्स इन बातों का ध्यान रखें कई बार पेरेंट्स नौकरी और घर की जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि बच्चे को समय नहीं दे पाते। यह व्यस्तता मजबूरी हो सकती है। लेकिन बच्चे की भावनात्मक जरूरतों को पूरा करने के लिए कुछ समय निकालना जरूरी है। पेरेंट्स न करें ये गलतियां पेरेंट्स कभी-कभी बच्चे का ध्यान डायवर्ट करने के लिए उसे खिलौने, मोबाइल या दूसरी चीजें देने लगते हैं। लेकिन अकेलेपन की समस्या का समाधान केवल मनोरंजन नहीं है। बच्चे को किसी ऐसे व्यक्ति की जरूरत होती है, जिसके साथ वह खेल सके, बात कर सके और अपनी भावनाएं शेयर कर सके। पेरेंट्स को कुछ गलतियों से बचना चाहिए- एक्सपर्ट से कब मिलें? नए माहौल में आने के बाद कुछ समय तक उदासी या असहजता सामान्य है। लेकिन इन संकेतों को नजरअंदाज न करें- ऐसे बदलाव लंबे समय तक बने रहें, बढ़ें या बच्चे की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित करने लगें, तो चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से सलाह लें। अंतिम बात बच्चे को नई जगह में ढलने के लिए समय, अपनापन और दूसरे बच्चों के साथ घुलने-मिलने के मौके दें। उसे भरोसा दिलाएं कि पुराने लोग आज भी उससे प्यार करते हैं और नए शहर में भी वह नए दोस्त बना सकता है। आपके धैर्य और सहयोग से उसके लिए नए माहौल में सहज होना आसान होगा। *********************** ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा ………………… यह खबर भी पढ़ें पेरेंटिंग- बेटा किताबें नहीं छूता: हर वक्त मोबाइल, लैपटॉप या टीवी, उसे सिर्फ स्क्रीन चाहिए, उसमें रीडिंग हैबिट कैसे डेवलप करें आज के समय में बच्चों की पढ़ाई के लिए डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल होता है। इस वजह से कई बच्चों का अटेंशन स्पैन (एकाग्रता) प्रभावित होता है। दरअसल, लगातार बदलने वाला कंटेंट उनके ब्रेन को तुरंत स्टिमुलेट करता है। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

IND vs NZ: अक्षर पटेल नंबर 5 पर क्यों? गौतम गंभीर पर निशाना, टीम इंडिया की रणनीति पर उठे सवाल

न्यूजीलैंड में भारत की जीत पर जीत के बावजूद उसकी रणनीतियों पर सवाल उठे हैं. भारत के एक पूर्व क्रिकेटर ने सवाल उठाते हुए हेड कोच गौतम गंभीर को निशाना बनाया है. Sun, 08 Nov 2026 08:55:57 +0530

  Videos
See all

8 November Diwali Rashifal : कन्या राशि (Virgo) के लिए 8 नवंबर 2026 का राशिफल |Hindi Astrology #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-08T00:20:26+00:00

Waris Pathan | AIMIM | 3-4 बच्चे पैदा करने पर क्या बोले वारिस पठान ? #shorts #ytshorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-08T00:22:11+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers