पतंजलि अनुसंधान संस्थान में जेब्राफिश-ड्रोसोफिला की आधुनिक लैब का उद्घाटन, जैव-चिकित्सीय क्षेत्र में हासिल की बड़ी उपलब्धि
भारतीय पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को जोड़ने की दिशा में Patanjali Research Institute ने अहम कदम उठाया है. इंस्टीट्यूट में अत्याधुनिक जेब्राफिश और ड्रोसोफिला अनुसंधान प्रयोगशाला का उद्घाटन हुआ है. लैब का उद्घाटन खुद प्रसिद्ध आयुर्वेद वैज्ञानिक आचार्य बालकृष्ण ने किया है. खास मौके पर संस्थान के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और रिसर्चर्स मौजूद थे.
ऐसे किया जाएगा रिसर्च
नई प्रयोगशाला आधुनिक जैव-चिकित्सीय अनुसंधान के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी, जिसमें जेब्राफिश और ड्रोसोफिला जैसे मॉडल जीवों पर रिसर्च की जाएगी. वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जीवों के जीन्स इंसानों के जीन्स से बहुत मिलते-जुलते हैं. इस वजह से इनका उपयोग दवाओं और बीमारियों के रिसर्च में किया जाता है. जेब्राफिश शुरुआत में ट्रांसपेरेंट होता है, जिसे वैज्ञानिक उनकी शरीर के अंदर होने वाली गतिविधियों को आसानी से देख सकते हैं. इसके अलावा, ड्रोसोफिला मक्खियों का लाइफ साइकिल छोटा होता है, जिससे प्रयोग जल्दी पूरे किए जा सकते हैं.
दुनिया के सामने आयुर्वेद की शक्ति को वैज्ञानिक आधार पर रखा जाएगा
लैब के उद्घाटन के दौरान, आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि भारत की आयुर्वेदिक परंपरा में बहुत बड़ा ज्ञान छिपा हुआ है. इसी ज्ञान को आधुनिक विज्ञान की मदद से प्रमाणित करना आवश्यक है, जिससे दुनिया के सामने आयुर्वेद की शक्ति को वैज्ञानिक आधार के साथ रखा जा सकता है. पतंजलि संस्थान इसी दिशा में लगातार काम कर रहा है.
लैब में सारी सुविधाएं मौजूद- डॉ. अनुराग
संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक Dr. Anurag Varshney ने बताया कि नई प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं. इसमें नियंत्रित तापमान वाले एक्वेरियम, ड्रोसोफिला के लिए विशेष कल्चर सिस्टम और हाई-रिजॉल्यूशन माइक्रोस्कोपी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं.
देश में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देगी ये लैब- एक्सपर्ट
इस प्रयोगशाला की मदद से मेटाबोलिक बीमारियां, न्यूरोलॉजिकल रोग, सूजन से जुड़ी समस्याएं और कैंसर जैसी जटिल बीमारियों पर आयुर्वेदिक दवाओं के प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा भारत में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देगी और युवाओं को अनुसंधान के लिए प्रेरित करेगी.
कुवैत का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद, राजदूत ने बैठक कर भारतीयों की सुरक्षित वापसी पर दिया जोर
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। कुवैत के हवाई क्षेत्र के अस्थायी रूप से बंद होने के बाद वहां रहने और आने-जाने वाले भारतीय नागरिकों की यात्रा को लेकर भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया है। कई एयरलाइन्स मिडिल ईस्ट में अपने फ्लाइट ऑपरेशन्स को शुरू करने का प्रयास कर रही हैं।
इसी सिलसिले में कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने जजीरा एयरवेज के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर उड़ानों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कुवैत का हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद होने के बाद, कुवैत आने-जाने वाले या वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की उड़ानों की स्थिति का आंकलन किया गया।
राजदूत ने वतन लौटने वाले भारतीय नागरिकों की यात्रा को सुगम बनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई दूतावास की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
वहीं, दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए इंडिगो एयरलाइन्स ने मध्य पूर्व में अपनी उड़ान सेवाओं को धीरे-धीरे पुनः चालू करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत की है।
इंडिगो ने उड़ानों की एडवाइजरी करते हुए बताया कि 12 मार्च 2026 को इंडिगो मध्य पूर्व के 9 गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करेगी। साथ ही कुछ विशेष मार्गों पर यूरोप के लिए भी उड़ानें होंगी, जो प्रचलित सुरक्षा परिस्थितियों और आवश्यक नियामक अनुमतियों पर निर्भर करेंगी।
इंडिगो ने ग्राहकों से अनुरोध किया है कि उड़ान समय सारिणी में अचानक बदलाव हो सकते हैं। हमारी टीम प्रभावित ग्राहकों से संपर्क कर वैकल्पिक यात्रा व्यवस्थाओं में सहायता प्रदान कर रही है।
अतिरिक्त सहायता या प्रश्नों के लिए ग्राहक हमारे ग्राहक संपर्क केंद्र +91 124 6173838 पर संपर्क कर सकते हैं।
वहीं, कतर में भारतीय दूतावास की ओर से भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी की जानकारी दी गई। कतर में फंसे 500 से ज्यादा भारतीय नागरिक 11 मार्च को कतर एयरवेज की फ्लाइट से नई दिल्ली और दूसरी जगहों पर पहुंचे।
कतर एयरवेज 12 मार्च को भी भारत के लिए दो फ्लाइट (नई दिल्ली और मुंबई के लिए एक-एक) ऑपरेट करने वाला है।
एंबेसी भारतीय नागरिकों के लिए पासपोर्ट जल्दी जारी करने पर खास ध्यान दे रही है। मौजूदा हालात की वजह से हम पासपोर्ट एप्लीकेशन लेने के लिए हफ्ते के सभी दिन खुले हैं। तत्काल पासपोर्ट 1-2 दिनों में जारी किए जा रहे हैं।
कृपया ऑफिशियल चैनलों से जारी अलर्ट और चेतावनी वाले मैसेज को गंभीरता से लें और जरूरी गाइडलाइंस का पालन करें।
सभी को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनजान चीज, मलबे या टुकड़ों के पास न जाएं। कृपया तुरंत 999 पर कॉल करके इसकी रिपोर्ट करें।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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