Titan Q2 Results: दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ दोगुना होकर 2,393 करोड़ रुपये हुआ
नयी दिल्ली, पांच नवंबर टाइटन कंपनी लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष की जुलाई- सितंबर तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ दोगुने से अधिक होकर 2,393 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बीते वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,120 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। टाइटन ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में परिचालन से उसका राजस्व 23.54 प्रतिशत बढ़कर 20,337 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 16,461 करोड़ रुपये था।
हालांकि, कंपनी की राजस्व वृद्धि की रफ्तार पिछली तिमाहियों के मुकाबले धीमी रही है। इससे पहले टाइटन ने लगातार तीन तिमाहियों में 40 प्रतिशत से अधिक की राजस्व वृद्धि दर्ज की थी। इसके अलावा, कंपनी के निदेशक मंडल ने निजी नियोजन के आधार पर 2,500 करोड़ रुपये तक के रेटिंग प्राप्त, सूचीबद्ध, भुनाए जा सकने वाले और बिना गारंटी गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी कर कोष जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
कंपनी के कुल कारोबार में करीब 90 प्रतिशत योगदान देने वाले आभूषण कारोबार का राजस्व 7.25 प्रतिशत बढ़कर 17,721 करोड़ रुपये हो गया, जो बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 16,522 करोड़ रुपये था। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 13.76 प्रतिशत बढ़कर 18,429 करोड़ रुपये हो गया। टाइटन की कुल एकीकृत आय दूसरी तिमाही में 13.7 प्रतिशत बढ़कर 21,430 करोड़ रुपये रही।
Mahanadi Coalfields के IPO को SEBI की हरी झंडी, Coal India बेचेगी 66 करोड़ से अधिक शेयर
नयी दिल्ली, पांच नवंबर ओडिशा स्थित महानदी कोलफील्ड्स लि. को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये पूंजी जुटाने के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिल गई है। मामले से जुड़े सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सेबी ने चार नवंबर को कंपनी के निर्गम के मसौदा दस्तावेजों पर अंतिम टिप्पणी जारी की।
नियामक की टिप्पणी आईपीओ प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके बाद कंपनी संबंधित नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करते हुए सार्वजनिक निर्गम की आगे की तैयारी कर सकती है। महानदी कोलफील्ड्स लि. (एमसीएल) ने सितंबर में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना मसौदा विवरण-पत्र दाखिल किया था।
दस्तावेज के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। इसमें कंपनी की प्रवर्तक कोल इंडिया लिमिटेड 66,18,36,300 तक इक्विटी शेयर बेचेगी। चूंकि यह पूरी तरह बिक्री पेशकश है, इसलिए सार्वजनिक निर्गम से एमसीएल को कोई राशि नहीं मिलेगी और पूरी रकम शेयर बेचने वाली कंपनी कोल इंडिया के पास जाएगी।
वर्ष 1992 में स्थापित एमसीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 21.83 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया। मसौदा दस्तावेजों में क्रिसिल की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि यह देश के कुल गैर-कोकिंग कोयला उत्पादन का करीब 22.4 प्रतिशत है। एमसीएल, कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक अनुषंगी कंपनी भी है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कोल इंडिया के कुल कोयला उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही। कोल इंडिया देश के घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान करती है। प्रस्तावित सूचीबद्धता पूंजी बाजार के जरिये अपनी अनुषंगी कंपनियों का मूल्य बढ़ाने की कोल इंडिया की व्यापक योजना का हिस्सा है।
कोल इंडिया इस साल अपनी दो अनुषंगी कंपनियों- भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को जनवरी और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) को मार्च में शेयर बाजार में सूचीबद्ध करा चुकी है।
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