बिहार में पहली बार हुई सफल रोबोटिक सर्जरी, पटना के इस अस्पताल ने रचा इतिहास
स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार सरकार को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. राजधानी पटना के प्रतिष्ठित अस्पताल आईजीआईएमएस में अब रोबोटिक सर्जरी के जरिए मरीजों का उपचार किया जाएगा. इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि बिहार में पहली सफल रोबोटिक सर्जरी बुधवार को आईजीआईएमएस के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट विभाग द्वारा की गई. यह सर्जरी पित्ताशय की पथरी (जीबी स्टोन) के मरीज पर सफलतापूर्वक की गई.
डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
इस रोबोटिक सर्जरी में सर्जन के रूप में डॉ. मनीष मंडल, डॉ. राकेश कुमार सिंह और डॉ. नेत्रनंद शामिल रहे. वहीं एनेस्थेटिस्ट के रूप में डॉ. विनोद के वर्मा, डॉ. बिब्हा और डॉ. सोनम पटेल समेत पूरी मेडिकल टीम ने अहम भूमिका निभाई.
अलग-अलग विभागों में चल रहा ट्रायल
डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के औपचारिक उद्घाटन से पहले इस सप्ताह ट्रायल प्रक्रिया चल रही है. यह ट्रायल रोज अलग-अलग विभागों में किया जा रहा है. इनमें जनरल सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रो सर्जरी, पेडियाट्रिक सर्जरी सहित अन्य विभाग शामिल हैं.
15 मार्च को स्वास्थ्य मंत्री करेंगे उद्घाटन
अस्पताल के मरीजों को एआई आधारित आधुनिक तकनीक से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए 15 मार्च यानी रविवार को स्वास्थ्य मंत्री के हाथों रोबोटिक सर्जरी उपकरण का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा. इसके बाद मरीजों को नियमित रूप से इस तकनीक का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.
सरकार और मेडिकल टीम को दिया श्रेय
आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, गैस्ट्रो सर्जरी की सर्जिकल टीम, एनेस्थेसिया टीम, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग और ओटी स्टाफ को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से बिहार में रोबोटिक सर्जरी का नया इतिहास बना है.
सरकारी अस्पताल में कम लागत पर सर्जरी
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि जनरल वार्ड के मरीजों के लिए रोबोटिक सर्जरी की लागत 50 हजार रुपये प्रति केस होगी. वहीं प्राइवेट या स्पेशल वार्ड के मरीजों के लिए इसकी लागत 75 हजार रुपये तय की गई है. यह शुल्क निजी अस्पतालों की तुलना में लगभग आधा है.
शिवहर की 26 वर्षीय युवती बनी पहली मरीज
रोबोटिक सर्जरी से इलाज कराने वाली पहली मरीज बिहार के शिवहर जिले की 26 वर्षीय युवती है. विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि युवती को तीन महीने से पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत थी. जांच में पित्ताशय की पथरी का पता चला था और पहले लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी की योजना बनाई गई थी.
रोबोटिक तकनीक से हुआ ऑपरेशन
जब मरीज को जानकारी मिली कि आईजीआईएमएस के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में रोबोटिक सर्जरी शुरू हो चुकी है तो वह यहां आई और रोबोटिक सर्जरी के लिए भर्ती हुई. बुधवार को उसका सफल ऑपरेशन किया गया. इसके साथ ही वह किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन कराने वाली पहली मरीज बन गई.
केंद्र सरकार में 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी, OPS-NPS का डेटा आया सामने
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation























