पीएम-किसान की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी करेंगे पीएम मोदी, 9.32 करोड़ किसानों के खातों में आएंगे 18,640 करोड़ रुपए
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी किसान सहायता योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की जाएगी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी से इस किस्त को जारी करेंगे। इस दौरान देश भर के 9.32 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 18,640 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम किसानों के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता और अन्नदाता सम्मान की भावना को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि फरवरी 2019 में योजना की शुरुआत के बाद से अब तक किसानों के खातों में 4.09 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे भेजी जा चुकी है। 22वीं किस्त जारी होने के बाद यह कुल राशि बढ़कर 4.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटे और सीमांत किसानों को सीधे आय सहायता देकर कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और स्थायी बदलाव की नींव रखी है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है, जो सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 22वीं किस्त में 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसानों को भी आर्थिक सहायता मिलेगी। उनके अनुसार, समय पर मिलने वाली यह राशि किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।
इसके अलावा यह सहायता शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य घरेलू जरूरतों को पूरा करने में भी उपयोगी साबित होती है। उन्होंने कहा कि महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इस योजना से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि कई स्वतंत्र अध्ययनों में यह सामने आया है कि पीएम-किसान योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। इससे किसानों की कर्ज पर निर्भरता कम हुई है और कृषि क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि यह योजना पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी है, जिसे भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से संचालित किया जा रहा है और इसमें किसी प्रकार के बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं है।
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने पीएम-किसान पोर्टल पर नो योर स्टेटस (केवाईएस) मॉड्यूल भी उपलब्ध कराया है। इसके जरिए किसान अपनी भुगतान स्थिति, पात्रता, भूमि सीडिंग, आधार लिंकिंग और ई-केवाईसी की जानकारी एक ही जगह पर देख सकते हैं। सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन आधारित मोबाइल ऐप भी शुरू किया है, जिसके जरिए किसान बिना ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाइस के घर बैठे ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। इसके साथ ही कृषि मंत्रालय का एआई आधारित वॉइस चैटबॉट किसान-ईमित्र 11 क्षेत्रीय भाषाओं में 24 घंटे किसानों को पीएम-किसान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र किसानों तक ही पहुंचे। इसी उद्देश्य से संपन्न किसानों के लिए स्वैच्छिक सरेंडर की सुविधा शुरू की गई है। साथ ही जिन किसानों से गलती से लाभ सरेंडर हो गया था, उनके खातों को दोबारा सक्रिय करने की व्यवस्था भी की गई है ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसान हित को नीति निर्माण के केंद्र में रखा है। पीएम-किसान योजना के अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड के विस्तार और न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी जैसे कदम किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे पीएम-किसान पोर्टल पर अपनी जानकारी की स्थिति जरूर जांच लें और आवश्यक होने पर जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा कर लें, ताकि 13 मार्च को जारी होने वाली 22वीं किस्त का लाभ समय पर उनके खातों में पहुंच सके।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
‘अनुराग को ठीक होने दो’, UK07 Rider के भाई के दावों पर मैनेजर ने दिया करारा जवाब, 9 महीने की प्रेग्नेंट रितिका को लेकर कही ये बात
Anurag Dobhal Manager Reply to Kalam Ink: यूट्यूबर अनुराग डोभाल पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा में बने हुए हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले अपने यूट्यूब पर एक वीडियो में परिवार पर मेंटली टॉर्चर करने का आरोप लगाया था. उसके अगले दिन उन्होंने कार से सुसाइड करने की कोशिश की. जिसमें वो बाल-बाल बचे. फिलहाल उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. अनुराग के एक्सीडेंट के कुछ दिन बाद मंगलवार को भाई कलाम इंक ने अनुराग के आरोप को खारिज करते हुए एक वीडियो शेयर किया था और आरोप का खंडन किया. अब ताजा मामले में अनुराग के मैनेजर ने एक बयान जारी किया है.
मैनेजर ने भाई कलाम इंक के दावों पर करारा जवाब देते हुए कहा, 'इस समय हमारी प्रायोरिटी अनुराग की हेल्थ और उनकी 9 महीने की प्रेग्नेंट पत्नी रितिका की सेहत है. हम अभी किसी भी वीडियो या बयान पर कमेंट नहीं करेंगे. जब तक सही समय नहीं आ जाता है. अभी अनुराग डोभाल को ठीक होने दो, उसके बाद ही कोई बयान जारी करेंगे'.
अनुराग डोभाल से जुड़ा पूरा मामला समझें
इस पूरे विवाद की शुरुआत अनुराग डोभाल की शादी के बाद से होती है. दरअसल, अनुराग की पत्नी रितिका चौहान उन्हें शादी से पहले जानती थी और उन्हें इंस्टाग्राम पर फैन के तौर फॉलो भी करती थीं. इसके बाद दोनों के बीच इंस्टाग्राम के जरिए बातचीत होती रही. करीब दो-तीन साल दोनों ने एक दूसरे से मैसेज के जरिए बात की. इस दौरान दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया और डेट करने लगे.
इसके कुछ टाइम बाद शादी करने का फैसला कर लिया. हालांकि, कहानी में मोड़ तब आता है जब उन्होंने घर वालों को शादी करने के बारे में बताया क्योंकि उनकी शादी से दोनों के ही परिवार वाले राजी नहीं थे. इसका कारण अनुराग ने खुद बताया कि उनका परिवार इस शादी के फैसले से खुश नहीं थे क्योंकि रितिका चौधरी जाति से राजपूत हैं और वो खुद ब्राह्मण हैं.
परिवार की मर्जी के खिलाफ की शादी
अनुराग के घर वाले जब इस शादी के फैसले से खुश नहीं थे तब उन्होंने बिना उनकी मर्जी के मई 2025 में कोर्ट मैरिज कर ली फिर देहरादून के एक मंदिर में सात फेरे लिये. उनकी शादी में अनुराग और रितिका के परिवार वाले मौजूद नहीं थे. अनुराग ने बताया कि घरवालों ने उनका बिल्कुल भी सपोर्ट नहीं किया, इसलिए उन्हें घर से अलग रहना पड़ा.
मां के नाम की प्रॉपर्टी
अनुराग डोभाल को एलिमनी न देनी पड़े इसलिए उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी अपनी मां के नाम कर दी. हालांकि जब उन्होंने प्रोपर्टी वापस मांगी तो उनके घरवालों ने मना कर दिया. उन्होंने बताया कि इस बीच उनके घर वालों ने मेंटल टॉर्चर किया. इसके अलावा पत्नी ने भी उनके साथ नहीं दिया. हालांकि रितिका के हवाले से कहा जा रहा था कि अनुराग का किसी और के साथ अफेयर चल रहा था. इसलिए वो अनुराग से नाराज थीं. इन सबके बीच अनुराग मेंटली बहुत परेशान हो गए थे और उन्होंने यूट्यूब पर इसका वीडियो शेयर कर सब कुछ बताया कि उनके परिवार और पत्नी रितिका की वजह से वो कितने मेंटली परेशान हैं.
कार से सुसाइड करने की कोशिश
अनुराग इसके बाद इंस्टाग्राम पर लाइव आए और उन्होंने हाई स्पीड कार से सुसाइड करने की कोशिश. हालांकि वो बाल-बाल बच गए. उन्हें इलाज के लिए मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अनुराग को लेकर चर्चा और तेज हो गई. अनुराग की मेंटल हेल्थ को लेकर सोशल मीडिया पर कई इंफ्यूंएसर ने बात की कि अनुराग को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए अगर कोई दिक्कत है तो बात करनी चाहिए. उनकी सपोर्ट में कई लोग खड़े नजर आए. इसके साथ ही अनुराग डोभाल के परिवार पर आरोप लगे कि वो उन्हें अस्पताल में मिलने नहीं आए.
अनुराग के भाई कलाम इंक ने जारी किया वीडियो
अनुराग के भाई कलाम इंक ने एक वीडियो जारी किया था कि अनुराग ने जो आरोप लगाए थे वो सरासर गलत हैं वो सब पीआर स्टंट है. उन्होंने अनुराग से सवाल करते हुए कहा कि अगर उनके पास हमारे खिलाफ एक भी सबूत है तो हमें दिखाएं. हालांकि अनुराग की टीम की तरफ इसका कोई सीधा-सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन उन्होंने एक स्टेटमेंट जारी किया कि अभी उनका फोकस अनुराग और उनकी पत्नी की हेल्थ पर है. उनकी रिकवरी होने के बाद ही कोई बयान जारी किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: रिद्धिमा पंडित को मिल रही रेप की धमकी, एक्ट्रेस ने 'The 50' के इस कंटेस्टेंट के खिलाफ दर्ज कराई FIR
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation












.jpg)






