भारत का मोबाइल फोन निर्यात बीते एक दशक में 127 गुना बढ़ा: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। भारत का मोबाइल फोन का निर्यात बीते एक दशक में 127 गुना से अधिक बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में दो लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2014-15 में 0.01 लाख करोड़ रुपए था। यह जानकारी बुधवार को सरकार द्वारा संसद में दी गई।
लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोबाइल फोन के निर्यात में तेज बढ़ोतरी की वजह सरकार द्वारा मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों की मदद से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस करना है।
इन नीतियों का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के लिए एक संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का निर्माण करना है।
सरकार के अनुसार, भारत पिछले 11 वर्षों में मोबाइल फोन का शुद्ध आयातक होने से शुद्ध निर्यातक बन गया है।
उन्होंने कहा, “देश अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेंटर है।”
इसी अवधि के दौरान, भारत में इलेक्ट्रॉनिक सामानों का कुल उत्पादन लगभग छह गुना बढ़कर 2014-15 में लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपए से 2024-25 में लगभग 11.3 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया, “इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी लगभग आठ गुना बढ़कर 0.38 लाख करोड़ रुपए से लगभग 3.3 लाख करोड़ रुपए हो गया है।”
वैष्णव ने कहा कि भारत ने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग की शुरुआत तैयार उत्पादों के प्रोडक्शन से की थी, और अब ध्यान मॉड्यूल, सब-मॉड्यूल, घटकों और यहां तक कि मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में उपयोग होने वाले कच्चे माल, औजारों और मशीनरी के विकास पर केंद्रित हो गया है।
सरकार ने घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।
इनमें बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी हार्डवेयर के लिए उत्पादन-संबंधित प्रोत्साहन योजना (पीएलआई), इलेक्ट्रॉनिक घटकों और अर्धचालकों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर योजना शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना के तहत, तीन स्वीकृत आवेदकों ने महाराष्ट्र राज्य में विनिर्माण इकाइयां स्थापित की हैं, और ये सभी लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) हैं।
साथ ही बताया कि वैश्विक कंपनियों ने भी भारत में लैपटॉप और सर्वर जैसे उत्पादों का निर्माण शुरू कर दिया है।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Gold Silver Price Fall: जंग के बीच धड़ाम हुए सोने-चांदी के दाम, जानें एक दिन में कितनी कम हो गई कीमतें
Gold Silver Price Fall: वैश्विक बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. खासतौर पर चांदी के दामों में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों और खरीदारों के लिए यह एक अच्छा अवसर बन गया है. बाजार में आई इस गिरावट के चलते कई निवेशक अब कीमतों के अगले रुख पर नजर बनाए हुए हैं.
MCX पर चांदी में 4,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट
कमोडिटी बाजार में बुधवार को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 मई डिलीवरी वाली चांदी करीब 1.44 प्रतिशत यानी 4,000 रुपये से अधिक गिरकर 2,73,848 रुपये पर पहुंच गई.
वहीं सोने की कीमतों में भी कमी देखने को मिली. 2 अप्रैल डिलीवरी वाला सोना लगभग 0.46 प्रतिशत या 747 रुपये गिरकर 1,62,556 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया.
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण कीमती धातुओं के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर हुआ सोना
वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख बना हुआ है. अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार COMEX पर सोने की कीमत लगभग 0.56 प्रतिशत गिरकर 5,212.64 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई.
इसी तरह चांदी भी करीब 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.493 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस कमजोरी का असर सीधे भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है, जिसके कारण घरेलू कीमतों में गिरावट दर्ज की गई.
(Photo: AI)
प्रमुख शहरों में सोने के भाव
देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर देखा जा रहा है, लेकिन औसतन दाम 1.63 लाख से 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच बने हुए हैं. 24 कैरेट सोने की कीमत चेन्नई में सबसे अधिक 1,64,950 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब दर्ज की गई.
वहीं मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलूरु, हैदराबाद और केरलम में 24 कैरेट सोना लगभग 1,63,310 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है.
इसके अलावा दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव करीब 1,49,850 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 18 कैरेट सोना लगभग 1,22,630 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है.
बाजार में गिरावट की क्या है वजह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने-चांदी के दामों में आई यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक तनाव से जुड़ी हुई है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध से जुड़े संकेतों के कारण निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है.
जानकारों की मानें तो अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण वैश्विक व्यापारिक माहौल प्रभावित हुआ है. हालांकि कुछ संकेत ऐसे भी मिले हैं कि भविष्य में स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है.
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी के दामों में गिरावट के बाद निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर बन सकता है. हालांकि बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेश से पहले सावधानी बरतना जरूरी है.
अगर वैश्विक हालात में कोई बड़ा बदलाव होता है या अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ती या घटती हैं, तो उसका असर तुरंत घरेलू बाजारों में भी देखने को मिल सकता है. ऐसे में निवेशकों को बाजार के रुझानों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजर रखते हुए ही निवेश का फैसला लेना चाहिए.
यह भी पढ़ें - सोने और चांदी के दाम घटे, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से तय होगी आगे की चाल
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation




















