कौन सा स्वाद बढ़ाता है कौन सा दोष? जानिए आयुर्वेदिक आहार का सिद्धांत
नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद के अनुसार त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) शरीर को नियंत्रित करने वाली तीन मूलभूत ऊर्जाएं हैं, जिसका सीधा संबंध हमारे भोजन से होता है। जब ये तीनों दोष संतुलन में रहते हैं, तब शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करता है। लेकिन अगर इनका संतुलन बिगड़ जाए, तो कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं शुरू हो सकती हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन सा स्वाद किस दोष को बढ़ाता है और कौन सा उसे शांत करता है।
आयुर्वेद में भोजन के छह प्रमुख रस बताए गए हैं मधुर (मीठा), अम्ल (खट्टा), लवण (नमकीन), कटु (तीखा), तिक्त (कड़वा) और कषाय (कसैला)। इन रसों का हमारे शरीर के दोषों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।
वात दोष को बढ़ाने वाले स्वादों में तीखा, कड़वा और कसैला रस शामिल हैं। अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा तीखा या कड़वा भोजन करता है, तो वात बढ़ सकता है, जिससे गैस, सूखापन, बेचैनी या जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वात को संतुलित रखने के लिए मीठा, नमकीन और खट्टा स्वाद फायदेमंद माना जाता है। साथ ही गर्म और थोड़े तैलीय भोजन का सेवन भी वात को शांत करने में मदद करता है।
अब बात करें पित्त दोष की। पित्त का संबंध शरीर की गर्मी और पाचन शक्ति से माना जाता है। तीखा, खट्टा और नमकीन स्वाद पित्त को बढ़ा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा मसालेदार या खट्टा खाना खाता है, तो शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जिससे एसिडिटी, जलन, चिड़चिड़ापन या त्वचा से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। पित्त को शांत करने के लिए मीठा, कड़वा और कसैला स्वाद बेहतर माना जाता है। ठंडे और हल्के भोजन, जैसे हरी सब्जियां और फल, पित्त को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
कफ दोष का संबंध शरीर की स्थिरता, नमी और ताकत से होता है। मीठा, नमकीन और खट्टा स्वाद कफ को बढ़ा सकते हैं। अगर इन स्वादों का ज्यादा सेवन किया जाए, तो शरीर में भारीपन, सुस्ती, वजन बढ़ना या बलगम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कफ को कम करने के लिए तीखा, कड़वा और कसैला स्वाद उपयोगी माना जाता है। हल्का, गर्म और मसालेदार भोजन कफ को संतुलित रखने में मदद करता है।
--आईएएनएस
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'कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के विरुद्ध जीरों टॉलरेंस नीति', LPG और पेट्रोल-डीजल के दाम पर बोले CM योगी
उत्तर प्रदेश में पेट्रो, डीजल और रसोई गैस को लेकर किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं. इसकी आपूर्ति को लेकर तरह-तरह की अफवाह फैल रही है. इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है. शासन के आला अधिकारी और जिलाधिाकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में ईंधन को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है. उन्होंने अफसरों को आदेश दिया कि आपूर्ति को निर्बाध बनाया जाना चाहिए. वहीं कृत्रिम संकट पैदा करने वाले जमाखरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो.
किसी भी प्रकार की घबराहट के हालत नहीं
अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के बाद से ऐसी अफवाह देखने को मिल रही है कि प्रदेश में सिलेंडर की किल्लत हो रही है. इस दौरान खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने सीएम को आश्वस्त किया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है. सभी तेल डिपो और गैस बॉटलिंग प्लांट से आपूर्ति और वितरण पूरी तरह से सामान्य है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम जनता के बीच किसी भी प्रकार की घबराहट के हालत नहीं है.
जमाखोरी और कलाबाजारी पर लगे ब्रेक
बैठक के दौरान सीएम योगी ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि संकट की अफवाह फैलाकर अगर किसी तरह के डीलर या बिचौलिया जमाखोरी या कालाबाजारी करने का प्रयास करता है. उन्होंने खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों का आदेश दिया कि वह फील्ड में उतरकर पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें. सीएम ने कहा कि कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के विरुद्ध जीरों टॉलरेंस की नीति के तहत गैंगस्टर एक्ट तक की कार्रवाई होगी.
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