Israel Iran War Impact on India Live: जंग के बीच भारत पर बड़ी खबर | Breaking News | Trump | Oil |LPG
Israel Iran War Impact on India Live: जंग के बीच भारत पर बड़ी खबर | Breaking News | Trump | Oil |LPG ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग के बीच भारत को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है..देखें जंग का भारत पर क्या असर पड़ेगा.. #iranamericawar #breakingnews #donaldtrump #khamenei #trump #usvsiran #IranAttacksQatar #iranattackonisrael #israelattacksIran #iranamericawar #IranAmericaWar #TrumpNews #MiddleEastTension #IranUSConflict #WorldWarAlert #BreakingNews #GlobalPolitics #WarLive #Geopolitics #USMilitary #IranNews #iranamericawar #IranUSUpdate #IranWar #Khamenei #Trump #MiddleEastTension #WorldNews #USIranTension #ProtestsInIran #pmmodi #putin #indiarussiafriendship #indiarussiaoildeal ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ Disclaimer: Republic Media Network may provide content through third-party websites, operating systems, platforms, and portals (‘Third-Party Platforms’). Republic does not control and has no liability for Third-Party Platforms, including content hosted, advertisements, security, functionality, operation, or availability. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ रिपब्लिक भारत देश का नंबर वन न्यूज चैनल है। देश और दुनिया की जनहित से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल और मनोरंजन की खबरों का खजाना है । इस खजाने तक पहुंचने के लिए रिपब्लिक भारत से जुड़े रहिए और सब्सक्राइब करिए। ► http://bit.ly/RBharat R. Bharat TV - India's no.1 Hindi news channel keeps you updated with non-stop LIVE and breaking news. Watch the latest reports on political news, sports news, entertainment, and much more. आप Republic Bharat से जुड़ें और अपडेट्स पाएं! ???? Facebook: https://www.facebook.com/RepublicBharatHindi/ ???? Twitter: https://twitter.com/Republic_Bharat ???? Instagram: https://www.instagram.com/republicbharat/ ???? WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va7GPTi7dmecQ2LFH01I ???? Telegram: https://t.me/RepublicBharatHindi ???? LinkedIn: https://www.linkedin.com/company/republic-bharat/
एआई सुपर एप के लिए डेटा पर कब्जे की जंग:चीनी नववर्ष पर यूजर्स को लुभाने के लिए अलीबाबा-टेंसेंट जैसी कंपनियों ने खर्चे 11 हजार करोड़; मुनाफा छोड़, यूजर बेस बढ़ाने में जुटे टेक दिग्गज
चीन में लूनर न्यू ईयर के दौरान लोगों को लाल लिफाफों में पैसे देने की परंपरा (हांगबाओ) है, इस बार यह नए रूप में दिखी। एआई दिग्गज कंपनियां ही लोगों को डिजिटल हांगबाओ बांटने लगीं। पिछले कुछ हफ्तों में अलीबाबा, बाइडांस, टेंसेंट व बायडू ने 11 हजार करोड़ रुपए के कूपन और कैश रिवॉर्ड देकर लोगों को अपने एआई एप डाउनलोड व इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया। चीन में इस सब्सिडी की होड़ को ‘होंगबाओ वॉर’ कहा जा रहा है। यह नए साल पर दिए जाने वाले लिफाफों के नाम पर है। ज्यादातर चीनी एआई कंपनियां पहले ही अपने मॉडल मुफ्त दे रही थीं। अब वे यूजर्स को पैसे देकर इस्तेमाल करा रही हैं। दरअसल कंपनियां एजेंटिक सर्विस बनाने और प्रमोट करने में बड़ा निवेश कर रही हैं। चीनी नव वर्ष से ठीक पहले अलीबाबा व बाइडांस ने चैटबॉट के अपग्रेड लॉन्च किए। अपग्रेड के बाद इनके बॉट यूजर की ओर से कई टास्क कर सकते हैं। इस मौके पर अलीबाबा के चैटबॉट क्वेन के जरिए 10 करोड़ से ज्यादा बेवरेज बेचे गए। वहीं, बाइडांस के चैटबॉट दौबाओ ने टीवी शो के दौरान कुछ ही घंटों में 2 अरब सवालों के जवाब दिए। एक्सपर्ट कहते हैं,‘यह सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि डिजिटल बाजार पर कब्जे की रणनीति है। जो कंपनी सबसे पहले ज्यादा यूजर जोड़ेगी, वही आगे एआई-आधारित सुपर एप बना पाएगी। जिसमें चैट, खरीदारी, भुगतान व टिकट बुकिंग एक ही जगह हो सकेगी। स्टैनफोर्ड की एआई इंडेक्स रिपोर्ट बताती है कि शुरुआती यूजर बेस बेहद अहम है, क्योंकि इससे कंपनियों को ज्यादा डेटा मिलता है और मॉडल तेजी से बेहतर होते हैं। इसी वजह से कंपनियां मुनाफे की बजाय यूजर्स जुटाने पर खर्च कर रही हैं। इस प्रतिस्पर्धा के नकारात्मक असर भी दिखने लगे हैं। निवेशकों को भरोसा नहीं है कि इतना बड़ा खर्च भविष्य में मुनाफा देगा। उदाहरण के तौर पर, हांगबाओ वॉर शुरू होने के बाद अलीबाबा के शेयर 30% गिर गए। इंडस्ट्री के भीतर दबाव भी बढ़ रहा है। हाल ही में ‘क्वेन’ के मुख्य इंजीनियर लिन जुनयांग ने इस्तीफा दे दिया। बढ़ते कारोबारी दबाव को इसके पीछे प्रमुख वजह माना जा रहा है। चिप नहीं मस्तिष्क की कोशिकाओं से चलेगा डेटा सेंटर मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के बायोटेक स्टार्टअप कॉर्टिकल लैब्स ने मेलबर्न में दुनिया का पहला ऐसा डेटा सेंटर बनाया है जो चिप्स नहीं, बल्कि मानव मस्तिष्क की कोशिकाओं से चलता है। कंपनी सिंगापुर में भी सेंटर बना रही है। इन ‘बायोलॉजिकल कंप्यूटर्स’ में लैब में तैयार किए गए न्यूरॉन्स सिलिकॉन पर लगाए जाते हैं, जो बिजली के संकेतों से प्रतिक्रिया देते हैं और कंप्यूटिंग आउटपुट बनाते हैं। ये कोशिकाएं बेहद कम ऊर्जा खर्च करती हैं। स्टार्टअप ने पहले अपने न्यूरॉन्स को ‘पोंग’ गेम खेलना सिखाया था। अब वे डूम खेलने में भी सफल रहे। एक्सपर्ट मानते हैं कि प्रयोग शुरुआती चरण में है, लेकिन भविष्य में पारंपरिक चिप को चुनौती दे सकता है
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