राहुल गांधी बोले-BJP ने गोकुल डेयरी चुनाव में नियम बदले:बहुमत के लिए 4 सरकारी निदेशक जोड़े; कांग्रेस को 25 में से 13 सीटें मिली थीं
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र की गोकुल डेयरी के चुनाव को लेकर BJP पर चुनाव के बाद नियम बदलकर बहुमत छीनने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी बताया। राहुल गांधी ने गुरुवार को X पर लिखा- गोकुल में दूध डेयरी चलाने वालों ने भाजपा को हरा दिया। तो भाजपा ने चुनाव के बाद नियम बदल दिए। 4 डायरेक्टर ठूंसो, 12 को 16 बनाओ, बहुमत चुराओ। ये दूध उत्पादकों के वोट की चोरी है- जनादेश में मिलावट। भाजपा इतनी हताश हो चुकी है कि हर जगह सत्ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। दूध उत्पादकों का वोट चुराने वाले याद रखें- किसान भूलता नहीं। कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ को गोकुल डेयरी के नाम से जाना जाता है। इसके 25 निदेशक पदों के लिए 19 अक्टूबर को चुनाव हुआ था। इसमें कांग्रेस समर्थित पैनल को 13 और भाजपा नीत महायुति गठबंधन को 12 सीटें मिलीं थीं। पवन खेड़ा बोले- लोकतांत्रिक जनादेश कमजोर करने की कोशिश कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी महाराष्ट्र सरकार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निर्वाचित बोर्ड की संरचना बदलकर चुनावी नतीजे को प्रभावित करना चाहती है। खेड़ा के मुताबिक, चुनाव में जीत के बाद महायुति समर्थित निदेशक बैठक से अनुपस्थित रहे, जिसके कारण अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका। इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 नवंबर को नए चुनाव कराने का निर्देश दिया था। खेड़ा ने कहा कि निर्वाचित बोर्ड को काम करने देने के बजाय सरकार चार सरकारी निदेशकों को वोटिंग अधिकार के साथ शामिल करना चाहती है। कांग्रेस इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कह रही है। कांग्रेस समर्थित पैनल को मिली थी जीत कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ को गोकुल डेयरी के नाम से जाना जाता है। इसके 25 निदेशक पदों के लिए 19 अक्टूबर को चुनाव हुआ था। अब महाराष्ट्र कैबिनेट ने बोर्ड में चार सरकारी निदेशकों को वोटिंग अधिकार के साथ नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कांग्रेस नेता सतेज पाटील के नेतृत्व वाले राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी ने 13 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। वहीं, BJP, शिवसेना और NCP वाले महायुति गठबंधन को 12 सीटें मिली थीं। कांग्रेस का कहना है कि इससे बोर्ड का बहुमत बदल सकता है। पार्टी ने इसे सहकारी संस्था की स्वायत्तता और चुनावी जनादेश के खिलाफ बताया है।
चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 से SIR घोषणा-पत्र हटाया:अब अलग से करना होगा जमा; दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति
चुनाव आयोग ने सभी राज्यों में ऑनलाइन फॉर्म 6 से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का घोषणा-पत्र पूरी तरह हटा दिया है। इनमें वे राज्य भी शामिल हैं, जहां अभी SIR की प्रक्रिया चल रही है। अब आवेदकों को यह घोषणा-पत्र फॉर्म 6 के साथ भरने के बजाय अलग से जमा करना होगा। यह बदलाव दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में बदलाव पर आपत्ति जताई थी। विवेक जोशी ने कहा था कि चुनाव नियमों में बदलाव किए बिना Form-6 में इस तरह बदलाव नहीं किया जा सकता। बाद में संधू ने भी इस पर आपत्ति दर्ज की। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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