PM Modi की 2025 की विदेश यात्रा पर 187 करोड़ रुपये खर्च हुए, सरकार ने दी जानकारी।
नयी दिल्ली, छह अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वर्ष 2025 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और जापान समेत 23 देशों की यात्राओं पर 180 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। विदेश मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं को लेकर देशवार और वर्षवार आंकड़े साझा किए गए। इसके अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर करीब 74.58 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
इसमें छह से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा भी शामिल है। आप के संजय सिंह और माकपा के वी. शिवदासन ने विदेश मंत्रालय से 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का देशवार विवरण और इन यात्राओं पर हुए खर्च का वर्षवार एवं यात्रा-वार ब्योरा मांगा था। विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने अपने जवाब में प्रधानमंत्री द्वारा 2021 से की गई विदेश यात्राओं और प्रत्येक यात्रा पर हुए कुल खर्च का वर्षवार तथा यात्रा-वार विवरण दिया।
इसके अनुसार, प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा (2011) पर 10,74,27,363 रुपये, रूस यात्रा (2013) पर 9,95,76,890 रुपये, फ्रांस यात्रा (2011) पर 8,33,49,463 रुपये और जर्मनी यात्रा (2013) पर 6,02,23,484 रुपये खर्च हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े महंगाई या मुद्रा विनिमय दर में बदलाव को समायोजित किए बिना वास्तविक खर्च को दर्शाते हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री की विभिन्न देशों की यात्राओं पर करीब 187 करोड़ रुपये खर्च हुए।
इनमें से फ्रांस यात्रा पर 25,59,82,902 रुपये, अमेरिका यात्रा पर 16,54,84,302 रुपये, सऊदी अरब यात्रा पर 15,54,03,792.47 रुपये, ब्राजील यात्रा पर 17,72,22,144 रुपये, चीन यात्रा पर 10,59,90,561 रुपये और ब्रिटेन यात्रा पर 9,91,55,061.39 रुपये खर्च हुए। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने 2025 में मॉरीशस, थाईलैंड, श्रीलंका, साइप्रस, कनाडा, क्रोएशिया, घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, नामीबिया, मालदीव, जापान, भूटान, दक्षिण अफ्रीका, जॉर्डन, ओमान और इथियोपिया की भी यात्रा की। सरकार ने जुलाई 2025 में राज्यसभा में एक अन्य लिखित जवाब में बताया था कि 2021 से 2024 तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कुल खर्च करीब 295 करोड़ रुपये रहा।
आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री की वर्ष 2024 में रूस, यूक्रेन, अमेरिका और ब्राजील समेत 16 देशों की यात्राओं पर करीब 109 करोड़ रुपये, वर्ष 2023 में करीब 93 करोड़ रुपये, वर्ष 2022 में 55.82 करोड़ रुपये और वर्ष 2021 में करीब 36 करोड़ रुपये खर्च हुए। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश, अमेरिका, इटली और ब्रिटेन की यात्रा की थी। इन यात्राओं पर क्रमश: 1,00,71,288 रुपये, 19,63,27,806 रुपये, 6,90,49,376 रुपये और 8,57,41,408 रुपये खर्च हुए थे।
विदेश मंत्रालय से इन यात्राओं के दौरान हुए द्विपक्षीय समझौतों और समझौता ज्ञापनों (एमओयू), घोषित निवेश प्रतिबद्धताओं तथा इनके परिणामस्वरूप भारत में आए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का देशवार विवरण भी मांगा गया था। मार्गेरिटा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की उच्चस्तरीय विदेश यात्राएं अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्तर पर भारत की भागीदारी को बढ़ावा देने का स्थापित माध्यम हैं। इन यात्राओं के दौरान हुए समझौते और सहमतियां प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार एवं निवेश, रक्षा, ऊर्जा सहयोग और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने में मदद करती हैं।’’ उन्होंने 35 पृष्ठों के जवाब में इन यात्राओं के दौरान हुए एमओयू का देशवार विवरण साझा करते हुए बताया कि अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 तक भारत में कुल 381.8 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया।
सरकार द्वारा साझा सूची के अनुसार, जुलाई 2021 से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान कुल 316 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
Delhi Court ने आरोपी पति को बरी किया, पत्नी बोली हमलावर का चेहरा मफलर से ढका था
नयी दिल्ली, छह अगस्त दिल्ली की एक अदालत ने चाकू गोद कर पत्नी की हत्या के प्रयास और दहेज के लिये क्रूरता करने के आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया और कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुनीत पाहवा, 2018 में गोकलपुरी पुलिस थाने में हत्या की कोशिश और पति द्वारा क्रूरता के आरोपों के तहत दर्ज एक मामले की सुनवाई कर रहे थे। अदालत ने तीन अगस्त के एक आदेश में कहा, “यह अदालत पक्के तौर पर मानती है कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए गवाहों में से कोई भी आरोपी का दोष बिना किसी शक के साबित नहीं कर सका।
अभियोजन पक्ष की कहानी में कई कमियां रह गई हैं, जिनका फायदा आरोपी को मिलना चाहिए।” अभियोजन पक्ष के अनुसार, पति ने कथित तौर पर 15 जून, 2018 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अपनी पत्नी के मायके में उसे कई बार चाकू मारा। पुलिस का आरोप है कि यह हमला मोटरसाइकिल, सोने की चेन और अंगूठी की मांग को लेकर हुए झगड़े के बाद हुआ। महिला को कई जगह चाकू मारे गए और उसे जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी चोटों को गंभीर बताया।
अदालत ने हालांकि गौर किया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर पड़ गया, क्योंकि ज्यादातर अहम गवाह या तो मुकर गए या फिर आरोपी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं दे पाए। अभियोजन पक्ष के लिए एक बड़ा झटका पीड़ित की बहन और कथित चश्मदीद गवाह की गवाही थी। न्यायाधीश ने गौर किया कि सुनवाई के दौरान बहन की मौत हो गई, इससे पहले कि उनसे जिरह पूरी हो पाती; इस वजह से उनकी गवाही का सबूत के तौर पर कोई महत्व नहीं रह गया।
पीड़िता ने खुद भी अभियोजन पक्ष की बात का समर्थन नहीं किया। अपने बयान में पत्नी ने कहा कि एक आदमी, जिसका चेहरा मफलर से ढका हुआ था, उसके कमरे में घुसा और उस पर हमला किया; उसने अपने पति को हमलावर के तौर पर नहीं पहचाना। अदालत ने आगे कहा कि परिवार के अन्य सदस्यों को या तो घटना के बारे में कोई सीधी जानकारी नहीं थी या उनके बयान सुनी-सुनाई बातों पर आधारित थे।
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