भारत ने बांग्लादेश को 5,000 टन डीजल भेजा:ईरान-इजराइल युद्ध के बीच नुमालीगढ़ रिफाइनरी से सप्लाई शुरू, सालाना 1.80 लाख टन सप्लाई का है समझौता
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनियाभर में एनर्जी पर संकट मंडरा रहा है, ऐसे में भारत ने असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को डीजल भेजना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि मंगलवार तक करीब 5,000 टन डीजल की पहली खेप बांग्लादेश पहुंच गई है। ईरान युद्ध के कारण बांग्लादेश में तेल का संकट बांग्लादेश इस समय ईंधन की भारी किल्लत से जूझ रहा है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल ऑयल सप्लाई में आई रुकावट है। बांग्लादेश अपनी जरूरत का करीब 95% ईंधन मिडिल ईस्ट से आयात करता है। 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' जैसे रास्तों पर तनाव से सप्लाई बंद है। इससे बांग्लादेश में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई शहरों में सरकार को तेल की राशनिंग करनी पड़ी है, जहां बाइक के लिए 10 लीटर और कारों के लिए 40 लीटर की लिमिट तय की गई है। असम से दिनाजपुर तक पाइपलाइन से पहुंच रहा तेल यह डीजल 'भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन' के जरिए भेजा जा रहा है। इसका उद्घाटन मार्च 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन पीएम शेख हसीना ने किया था। नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर यह पाइपलाइन उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है। बीपीसी के अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर 3:20 बजे पंपिंग शुरू हुई। हर घंटे लगभग 113 टन तेल भेजा जा रहा है, जिसे पूरी तरह पहुंचने में करीब 44 घंटे लगेंगे। सालाना 1.80 लाख टन सप्लाई का है समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच हुए सालाना समझौते के तहत भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए 1.80 लाख टन डीजल की सप्लाई करेगा। बीपीसी चेयरमैन रेजानुर रहमान ने बताया, "5,000 टन की यह खेप इसी एग्रीमेंट का हिस्सा है। अगले छह महीनों में हमें 90,000 टन डीजल मिलने की उम्मीद है, जिससे हमारे देश में ईंधन की उपलब्धता स्थिर हो सकेगी।" पाइपलाइन के जरिए सप्लाई होने से रेलवे टैंकरों के मुकाबले समय और पैसा दोनों की बचत हो रही है। तनाव के बाद फिर सुधर रहे हैं दोनों देशों के रिश्ते अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद भारत और बांग्लादेश के ऊर्जा संबंध बिगड़ गए थे। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने भारत के साथ कई समझौतों की समीक्षा की थी। अडानी के झारखंड पावर प्लांट से बिजली सप्लाई को लेकर भी विवाद हुआ था। हालांकि, अब ढाका में राजनीतिक बदलावों के बाद भारत का डीजल भेजना इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच एनर्जी टायज फिर से पटरी पर लौट रहे हैं। हसीना के जाने के बाद आई थी रिश्तों में कड़वाहट शेख हसीना के बाहर होने के बाद अंतरिम सरकार ने भारत के साथ हुए बिजली और गैस समझौतों को 'शर्तों के मुताबिक प्रतिकूल' बताया था। बकाया भुगतान न होने के कारण अडानी पावर ने सप्लाई आधी कर दी थी, जिसे मार्च 2025 में भुगतान शुरू होने के बाद बहाल किया गया। जानकारों का कहना है कि भौगोलिक स्थिति और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए बांग्लादेश के लिए भारत सबसे भरोसेमंद पार्टनर है।
बजट सत्र का दूसरा फेज, तीसरा दिन:स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी; विपक्ष ने पक्षपात का आरोप लगाया था
संसद के बजट सत्र के दूसरे फेज का बुधवार को तीसरा दिन है। लोकसभा में आज भी स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी रहेगी। इस पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय हुआ है, जिसमें मंगलवार को करीब 7 घंटे तक बहस हो चुकी है। मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन विपक्षी सांसद ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। 50 से अधिक सांसदों के प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने के बाद पीठासीन अधिकारी ने इसे सदन में पेश करने और चर्चा की मंजूरी दी थी। बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि बजट सत्र के दौरान 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई। वहीं संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष केवल 2 बार बोले। जब सेशन चलता है, तो विदेश चले जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष अपनी बात बोल के सदन से भाग जाते हैं। किसी और की बात नहीं सुनते हैं। फिर कहते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया जाता है। लोकसभा के स्पीकर को हटाने की प्रक्रिया को जानिए... भारतीय संविधान का अनुच्छेद 94(c) लोकसभा को यह अधिकार देता है कि अगर सदन का बहुमत चाहे तो प्रस्ताव पास करके स्पीकर को पद से हटा सकता है। अनुच्छेद 94 (सी) के तहत लोकसभा स्पीकर को हटाने के लिए कम से कम 14 दिन पहले लिखित नोटिस देना जरूरी होता है। नोटिस लोकसभा के सेक्रेटरी जनरल को दिया जाता है। इसके बाद सदन में इस पर चर्चा और मतदान होता है, जिसके लिए साधारण बहुमत की जरूरत होती है। प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग के दौरान स्पीकर सदन में लोकसभा सदस्य के तौर पर मौजूद रह सकते हैं, लेकिन खुद कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करते। उनकी जगह डिप्टी स्पीकर या अन्य सदस्य मौजूद सदन चलाते हैं। स्पीकर बिरला को हटाने का प्रस्ताव पास होना मुश्किल नियमों के अनुसार स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव लोकसभा में साधारण बहुमत से पारित होता है। मौजूदा लोकसभा में एनडीए के पास करीब 290 से अधिक सांसदों का समर्थन है, इसलिए प्रस्ताव पारित होना कठिन है। चर्चा के दौरान स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे, लेकिन उन्हें अपना पक्ष रखने और मतदान करने का अधिकार होगा। सदन के दूसरे फेज के पिछले 2 दिन की कार्यवाही… 10 मार्च: गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। पूरी खबर पढ़ें…
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