US Midterm Elections में भारतीय मूल के उम्मीदवारों का डंका, राज्यों की विधानसभाओं में दर्ज की बड़ी जीत
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, चार नवंबर अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने न केवल अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, बल्कि विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव में भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। मिशिगन की प्रतिनिधि सभा में अल्पमत दल के नेता रणजीव पुरी (डेमोक्रेटिक पार्टी) ने शानदार जीत दर्ज की है और उन्हें सदन के अध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। यदि वह इस पद पर चुने जाते हैं, तो वह मिशिगन की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष बनने वाले भारतीय मूल के पहले अमेरिकी होंगे।
एरिजोना की सीनेट में अल्पमत दल की नेता प्रिया सुंदरेशन सीनेट के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 18 से फिर से निर्वाचित हुई हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने 60 वर्ष में पहली बार एरिजोना की विधायिका पर नियंत्रण हासिल किया है। फीनिक्स में आयोजित विजय रैली में सुंदरेशन को सीनेट की अगली अध्यक्ष के रूप में पेश किया गया।
डेमोक्रेटिक पार्टी के कृष सुब्रह्मण्यम ने मिनेसोटा की सीनेट सीट पर अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डस्टिन डुफॉल्ट को हराकर जीत दर्ज की। डेमोक्रेटिक पार्टी की लिसा कौल ने न्यूयॉर्क राज्य की सीनेट के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 39 से जीत हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के रॉब रोलिसन को हराया।
डेमोक्रेटिक पार्टी की नबीला सैयद ने इलिनॉय की सीनेट के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की डार्बी हिल्स को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। जेरेमी कूनी ने निर्वाचन क्षेत्र संख्या 56 से चौथी बार सीनेट का चुनाव जीता। उन्हें कोलकाता के एक अनाथालय से गोद लिया गया था।
उनकी मां ने न्यूयॉर्क राज्य में अकेले उनका पालन-पोषण किया। सैन्य सेवा का अनुभव रखने वाले इंजीनियर अमर मुकुंद ने मैरीलैंड की सीनेट के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 39 से निर्विरोध जीत हासिल की। भारत में जन्मीं सबा हैदर ने इलिनॉय की प्रतिनिधि सभा के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 84 से रिपब्लिकन पार्टी के ब्रायन स्कोपा को हराया।
यहूदी मां और हिंदू पिता की संतान केशा राम हिंसडेल ने वर्मोंट में सीनेट का चुनाव जीता। डेमोक्रेटिक पार्टी के निखिल गोयल ने भी वर्मोंट में सीनेट की एक सीट पर जीत दर्ज की। डेमोक्रेटिक पार्टी के अरविंद वेंकट पेनसिल्वेनिया की प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए, जबकि ज्योत सिंह जॉर्जिया की विधायिका के लिए चुने जाने वाले भारतीय मूल के पहले अमेरिकी और पहले सिख अमेरिकी बने।
नॉर्थ कैरोलाइना की सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्य सचेतक जय चौधरी निर्वाचन क्षेत्र संख्या 15 से फिर से निर्वाचित हुए। डेमोक्रेटिक पार्टी की पूजा सेठी ने टेक्सास की प्रतिनिधि सभा के निर्वाचन क्षेत्र संख्या 47 से जीत हासिल की। वह राज्य की विधायिका में पहुंचने वाली भारतीय मूल की पहली अमेरिकी बनी हैं।
अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की अनुमानित आबादी 50 लाख से अधिक है। यह देश में एशियाई मूल के लोगों का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय है।
हनुमान अंश फेम सिंगर की आंखों का इलाज शुरू:लिखा- प्रार्थना करें मेरे जीवन में भी रोशनी लौट आए; बचपन से दृष्टिबाधित हैं सुनील लोधी
'हनुमान अंश' फिल्म के गीत 'मैंने तेरे ही भरोसे' से लोकप्रिय हुए दृष्टिबाधित सिंगर सुनील लोधी की आंखों का इलाज शुरू हो गया है। 4 नवंबर को सुनील लोधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर इलाज की जानकारी दी। उन्होंने अपने फैंस से दुआएं मांगने की अपील की है, ताकि उनकी आंखों की रोशनी वापस आ सके। लिखा- मेरे लिए प्रार्थना करें सुनील लोधी ने अस्पताल से अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि भगवान की कृपा से उनकी आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "फैंस की प्रार्थनाओं से एक नई उम्मीद जागी है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मेरी जिंदगी में रोशनी वापस लौट आए और मैं इस सुंदर दुनिया को अपनी आंखों से देख सकूं।" उन्होंने अपने माता-पिता के वर्षों पुराने इंतजार के पूरा होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ट्रेनों में तंबूरा बजाकर की थी करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुनील लोधी का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि महज 10-11 साल की उम्र से ही उन्होंने लोकल ट्रेनों और गांवों में तंबूरा बजाकर बुंदेली लोकगीत और भजन गाना शुरू कर दिया था। अपनी शारीरिक सीमाओं को उन्होंने कभी संगीत के आड़े नहीं आने दिया और बिना किसी प्लेटफॉर्म के अपनी पहचान बनाई। 'मोरे संकट के कटैया' से मिली पहचान सुनील के करियर को पहला बड़ा मोड़ तब मिला जब उनके बुंदेली भजन 'मोरे संकट के कटैया' को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पेज 'बुंदेली दुनिया' पर 2.9 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। इसके बाद फिल्ममेकर और म्यूजिक प्रोड्यूसर पंकज की नजर सुनील की आवाज पर पड़ी। पंकज ने उन्हें अपनी फिल्म 'हनुमान अंश' के गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे' के लिए चुना, जिसके बाद सुनील रातों-रात पूरे देश में पहचाने जाने लगे। हनुमान अंश प्रोड्यूसर और एमपी सीएम ने की मदद इससे पहले हनुमान अंश फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर और एमपी सीएम ने सुनील के इलाज में मदद करने की पहल की थी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अनुप्रिया ने बताया था कि वे सुनील के इलाज में मदद करेंगी।
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