नई दिल्ली में इमाम अली की याद में 11 मार्च को बंद रहेगा ईरान का दूतावास
नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की एम्बेसी 11 मार्च को इमाम अली (पीबीयूएच) की शहादत की सालगिरह के मौके पर बंद रहेगी। रेगुलर वर्किंग आवर्स अगले वर्किंग-डे से फिर से शुरू होंगे।
इमाम अली की याद में बुधवार को ईरान सहित कई जगहों पर दूतावास बंद रहेंगे।
भारत में नई दिल्ली स्थित ईरान की एम्बेसी में मंगलवार को भी अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक बुक पर हस्ताक्षर किए गए। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के चीफ फारूक अब्दुल्ला ने भी नई दिल्ली में ईरानी एम्बेसी का दौरा किया और तेहरान पर अमेरिका-इजरायल की संयुक्त एयर स्ट्राइक में ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक बुक पर हस्ताक्षर किए।
इस दौरान उनके साथ जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के एमपी चौधरी मोहम्मद रमजान, सज्जाद अहमद किचलू और गुरविंदर सिंह ओबेरॉय मौजूद थे।
एनसी के प्रवक्ता ने कहा कि डेलीगेशन ने भारत में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के डिप्टी एम्बेसडर से भी मुलाकात की और दुख की इस घड़ी में ईरान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
एनसी के प्रवक्ता ने कहा, फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को नई दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की एम्बेसी का दौरा किया और ईरान के स्पिरिचुअल और सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर शोक बुक पर साइन किए और जम्मू-कश्मीर के लोगों ने दिल से हमदर्दी और संवेदनाएं जाहिर कीं।
इससे एक दिन पहले सोमवार को पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रेसिडेंट महबूबा मुफ्ती भी ईरान के सुप्रीम लीडर की शहादत पर दुख जताने के लिए ईरानी एम्बेसी पहुंची थीं।
बता दें कि आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की खबर यहां पहुंचने के तुरंत बाद कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
घाटी में शिया मुसलमानों ने ईरान पर अमेरिका-इजरायली की एयर स्ट्राइक और ईरानी लीडर की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ईरान में भारतीय छात्र सुरक्षित, निकासी के लिए दूतावास से कर रहे समन्वय: सांसद आगा रूहुल्लाह
नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने वतन वापसी का भरोसा दिलाया। वहीं, बहरीन में भारतीय दूतावास ने भी स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों के लिए निजी ट्रांसपोर्ट व्यवस्थाओं से उसका कोई संबंध नहीं है।
सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, हम उन माता-पिता की गहरी चिंता को समझते हैं, जिनके बच्चे ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं। हम उनके सुरक्षा और निकासी के मामले में तेहरान में भारतीय दूतावास के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सभी छात्र सुरक्षित हैं। उरमिया यूनिवर्सिटी के छात्र, जिन्होंने आर्मेनिया के माध्यम से निकासी के लिए पंजीकरण किया है, जल्द ही वहां से भेजे जाएंगे।
यह निकासी विकल्प ईरान के सभी विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए खुला है, जिनमें केरमैन, शीराज और अन्य शामिल हैं। निकासी सुविधा के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय से कम से कम 30 छात्रों की आवश्यकता है। निकासी का खर्च छात्रों के माता-पिता उठाएंगे।
छात्र दिए गए इन नंबरों 9596540111, 9103790071, 8899663717, 7780906871 पर संपर्क कर सकते हैं।
सांसद आगा ने कहा कि दुर्भाग्यवश, अब तक भारत सरकार ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। वर्तमान समन्वय और निकासी सुविधा आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के कार्यालय की ओर से तेहरान में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर की जा रही है।
बहरीन में भारतीय दूतावास ने सभी संबंधित लोगों को जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि बहरीन में भारतीय दूतावास, प्राइवेट पार्टियों की ओर से बहरीन से पड़ोसी देशों तक ट्रांसपोर्ट के बिजनेस ग्रुप्स के इंतजाम से जुड़ा नहीं है।
वहीं, दूसरी ओर भारतीय नागरिकों को वतन वापसी के प्रयास सरकार की ओर से जारी हैं। 10 मार्च को कतर में फंसे लगभग एक हजार भारतीय यात्रियों को वतन वापसी कराई गई। इसके लिए भारतीय दूतावास ने कतर एयरवेज का धन्यवाद किया।
भारतीय दूतावास की ओर से जानकारी दी गई कि 10 मार्च को लगभग एक हजार भारतीय यात्रियों ने कतर एयरवेज की फ्लाइट्स से नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि की यात्रा की।
इसके साथ ही 11 मार्च को नई दिल्ली के लिए कतर एयरवेज की एक उड़ान निर्धारित की गई है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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