क्या पूरे दिन छाई रहती है सुस्ती और थकान? आहार में शामिल करें ये चीजें
नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। अक्सर लोगों को पूरे दिन सुस्ती, थकान और कमजोरी महसूस होने की शिकायत करते हुए आपने देखा होगा। इसका एक बड़ा कारण हो सकता है शरीर में आयरन की कमी यानी एनीमिया।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सही आहार से आयरन की पूर्ति करके इस समस्या से आसानी से निजात पाया जा सकता है और दिनभर तरोताजा महसूस किया जा सकता है। स्वस्थ जीवन की शुरुआत सही पोषण से होती है। आयरन शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। जब आयरन कम होता है तो खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा घट जाती है, जिससे थकान, सुस्ती, चक्कर आना और कमजोरी जैसी शिकायतें बढ़ जाती हैं। खासकर महिलाएं, बच्चे और युवा इस समस्या से ज्यादा प्रभावित होते हैं।
अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा के आहार में कुछ साधारण चीजें शामिल करके आप आयरन की कमी को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए आहार में गुड़, तिल, हरी पत्तेदार सब्जियां, चना, काली दाल, मूंगफली आदि को शामिल करें।
इन खाद्य पदार्थों को रोजाना आहार में शामिल करने से शरीर में आयरन का स्तर सुधरता है, खून साफ होता है और ऊर्जा बनी रहती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि विटामिन सी युक्त फल जैसे नींबू, संतरा, आंवला के साथ आयरन वाले भोजन लें, क्योंकि विटामिन-सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है। सही खान-पान से आप दिनभर फुर्तीले और स्वस्थ रह सकते हैं।
गुड़ आयरन का सबसे अच्छा और सस्ता स्रोत है। रोजाना एक छोटा टुकड़ा गुड़ खाने से शरीर में आयरन की अच्छी मात्रा मिलती है। इसे चने या मूंगफली के साथ खाने से फायदा और बढ़ जाता है।
काले चने, मसूर दाल, उड़द दाल और राजमा में भरपूर आयरन होता है। इन्हें नियमित रूप से डाइट में शामिल करें।
पालक, मेथी, सरसों का साग और बथुआ जैसी सब्जियां आयरन से भरपूर होती हैं। इन्हें सलाद, सब्जी या साग के रूप में खा सकते हैं।
मूंगफली न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि आयरन का अच्छा स्रोत भी है। भुनी हुई मूंगफली या मूंगफली की चटनी रोजाना थोड़ी मात्रा में लें।
तिल में भी आयरन की अच्छी मात्रा होती है। इसे चटनी, लड्डू या सलाद में मिलाकर खा सकते हैं। इसके सेवन से शरीर को एनर्जी के साथ ही कई लाभ मिलते हैं।
--आईएएनएस
एमटी/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
चीन 2026 में छांग अ-7 चंद्रयान का प्रक्षेपण करेगा
बीजिंग, 10 मार्च (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधि और चीन एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी ग्रुप की पांचवीं अकादमी के शोधकर्ता सुन ज़ेजोउ ने एक साक्षात्कार में बताया कि चीन के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम का चौथा चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2026 में, छांग अ-7 चंद्रयान का प्रक्षेपण किया जाएगा, जिससे यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला और जल बर्फ के साक्ष्य की खोज करने वाला पहला चंद्रयान बन जाएगा।
सुन जेजोउ ने बताया कि छांग अ-7 मिशन चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के वातावरण, चंद्र रेगोलिथ और जल बर्फ का सर्वेक्षण करेगा, साथ ही चंद्रमा की स्थलाकृति, संरचना और बनावट पर उच्च परिशुद्धता के साथ अन्वेषण और अनुसंधान करेगा।
15वीं पंचवर्षीय योजना के मसौदा रूपरेखा में गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण को 109 प्रमुख इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। सुन जेजोउ ने कहा कि ग्रह अन्वेषण के क्षेत्र में, चीन भविष्य में थ्येनवन-3 और थ्येनवन-4 का प्रक्षेपण करेगा। थ्येनवन-3 मंगल ग्रह के वातावरण का अन्वेषण करने के लिए मंगल से नमूने वापस लाने का मिशन चलाएगा। थ्येनवन-4 वृहस्पति और उसके उपग्रहों का अध्ययन करेगा, बृहस्पति के अंतरिक्ष और आंतरिक संरचना का अन्वेषण करेगा।
2025 में, चीन का गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण एक नया और महत्वपूर्ण कदम उठाएगा। थ्येनवन-2 ने चीन का पहला क्षुद्रग्रह अन्वेषण और नमूना वापसी मिशन लॉन्च किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
डीकेपी/
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