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लोगों के जीवन स्तर में सुधार अफगानिस्तान की सर्वोच्च प्राथमिकता: चीनी प्रतिनिधि

बीजिंग, 10 मार्च (आईएएनएस)। स्थानीय समयानुसार 9 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष, क्षेत्रीय परिस्थितियों के प्रभाव तथा अफगान महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों की सुनिश्चितता जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू छोंग ने बैठक के दौरान कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अफगानिस्तान के लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

फू छोंग ने कहा कि अफगानिस्तान इस समय मानवीय सहायता, विकास, आतंकवाद-विरोध और मानवाधिकार से जुड़े कई गंभीर मुद्दों का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 2.2 करोड़ अफगान नागरिकों को अभी भी मानवीय सहायता की आवश्यकता है, जबकि 3 करोड़ से अधिक लोग ऐसे हैं जिनका प्रतिदिन का खर्च एक अमेरिकी डॉलर से भी कम है।

उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध के अवशेष के रूप में मौजूद विस्फोटकों से लगातार हो रही नागरिक मौतें, लाखों शरणार्थियों की वापसी और बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाएं जैसे कारक अफगानिस्तान के मानवीय संकट और विकास संबंधी कठिनाइयों को और अधिक गंभीर बना रहे हैं।

चीनी प्रतिनिधि ने आगे कहा कि चीन आशा करता है कि अफगान सरकार अधिक खुला, समावेशी और ज़िम्मेदार रवैया अपनाएगी। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अफ़ग़ानिस्तान अपनी संबंधित नीतियों में जल्द से जल्द आवश्यक बदलाव करेगा और महिलाओं सहित सभी लोगों के बुनियादी अधिकारों की प्रभावी ढंग से रक्षा सुनिश्चित करेगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

डीकेपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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ईरान युद्ध का सहारा लेकर कश्मीर में भर्ती बढ़ाना चाहता है अलकायदा, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट (एक्‍यूआईएस) ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को एक साज‍िश के तहत युवाओं को भड़काने के ल‍िए इस्‍तेमाल कर रहा है। कश्मीर को जिहाद का मुख्य केंद्र बनाने की साज‍िश कर रहा है।

एक्‍यूआईएस युद्ध को एक प्रचार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, ताकि जम्मू-कश्मीर में युवाओं की भर्ती बढ़ाई जा सके। एक्‍यूआईएस ने कई देशों के नाम लिए हैं, जिन्हें वह इस्लाम का विरोधी मानता है।

भारत, अमेरिका, इजरायल, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों को इस्लाम का साझा दुश्मन बताते हुए अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट (एक्‍यूआईएस) ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से एकजुट होने की अपील की है। आतंकी संगठन का कहना है कि कश्मीर को जिहाद का मुख्य केंद्र (थियेटर) बनाया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि युवाओं को एक साथ आकर कश्मीर से ही इन देशों के खिलाफ लड़ाई शुरू करनी चाहिए।

अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट (एक्‍यूआईएस) एक उर्दू प्रचार पत्रिका चलाता है और इसके मार्च अंक में उसने यह बताया है कि कश्मीर के युवाओं को विकास से ज्यादा धर्म को प्राथमिकता देनी चाहिए। संगठन ने यह भी नाराजगी जताई कि जब केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाया, तब कश्मीर के लोगों ने पर्याप्त विरोध या विद्रोह नहीं किया।

इसमें जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए केंद्र की कोशिशों के बारे में डिटेल में बताया गया है और कहा गया है कि युवाओं को भटकना नहीं चाहिए या यह नहीं भूलना चाहिए कि धर्म सबसे ऊपर है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि एक्‍यूआईएस 2014 में अपनी शुरुआत के बाद से आगे बढ़ने में नाकाम रहा है। यह संगठन अफगानिस्तान में जम्मू-कश्मीर में लड़ाई छेड़ने के मुख्य इरादे से बनाया गया था।

यह संगठन मानता है कि गजवा-ए-हिंद (भारत को नष्ट करने की अवधारणा) की शुरुआत जम्मू-कश्मीर से होनी चाहिए। यह तालिबान का उदाहरण भी देता है, जिसने कई बार वैश्विक शक्तियों से लड़ाई लड़ी। एक्‍यूआईएस का कहना है कि कश्मीर जिहाद का प्रवेश द्वार बनना चाहिए और यह आंदोलन पूरे भारत में फैलना चाहिए।

एक अधिकारी के अनुसार, एक्‍यूआईएस अब हताश हो गया है। उसने कई जगह अपने मॉड्यूल बनाए हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। इसलिए वह ईरान के खिलाफ युद्ध को इस्लाम विरोधी अभियान के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, ताकि कश्मीर में नैरेटिव बदला जा सके और ज्यादा युवा हथियार उठाएं।

एक अन्य अधिकारी के मुताबिक एक्‍यूआईएस कश्मीर को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाना चाहता है, लेकिन उसकी प्रचार पत्रिका से साफ है कि संगठन इस आंदोलन को पूरे भारत में फैलाना चाहता है।

अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी योजना को अंजाम देना मुश्किल होगा, लेकिन एक्‍यूआईएस लगातार प्रचार फैलाने की कोशिश कर रहा है। उसका उद्देश्य है कि बार-बार प्रचार करके युवाओं के बीच इसे लोकप्रिय बनाया जाए।

सुरक्षा एजेंसियां इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। खासकर यह देखा जा रहा है कि एक्‍यूआईएस अनुच्छेद 370 के मुद्दे को फिर से उभारने की कोशिश कर रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद एजेंसियों ने काफी प्रयास किए, ताकि जम्मू-कश्मीर में हिंसा न फैले।

कई वर्षों से कश्मीर में मौजूद अलगाववादी आंदोलन को रोकना बहुत जरूरी था। अधिकारियों के अनुसार एक्‍यूआईएस अब कोशिश कर रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश में अलगाववादी मानसिकता फिर से लौट आए, इसलिए अनुच्छेद 370 की बहस को फिर से जीवित करने की कोशिश की जा रही है।

इन आतंकवादी संगठनों को अब समझ आ गया है कि पहले की तरह कश्मीर में आसानी से हमला करना और चरमपंथ को बढ़ाना अब संभव नहीं रहा। इसलिए घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को फिर से सक्रिय करने की कोशिशें हो रही हैं।

जब ये प्रयास ज्यादा सफल नहीं हुए, तो अब झूठा प्रचार फैलाकर और अलगाववादी सोच को वापस लाकर माहौल बदलने की कोशिश की जा रही है, ऐसा अधिकारियों का कहना है।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी

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  Sports

क्या खत्म हो गया Babar Azam का वनडे करियर? Pakistan Cricket Team कप्तान Shaheen Afridi ने तोड़ी चुप्पी

आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों का आगाज़ करते हुए पाकिस्तान की टीम इस सप्ताह बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलने के लिए तैयार है। हालांकि, इस सीरीज के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा घोषित 15 सदस्यीय टीम में दिग्गज बल्लेबाज बाबर आज़म का नाम न होने से क्रिकेट गलियारों में उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। अब पाकिस्तान के वनडे कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए बाबर आज़म की स्थिति स्पष्ट की है।
 
शाहीन शाह अफरीदी की लीडरशिप वाली 15 मेंबर वाली टीम में युवा ओपनर सैम अयूब के साथ आज़म की गैरमौजूदगी ने उनके भविष्य पर कई सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन मीरपुर में पहले ओपनर से एक दिन पहले, पाकिस्तान के ODI कप्तान शाहीन ने बाबर के भविष्य को लेकर यह कहकर स्थिति साफ कर दी कि बांग्लादेश सीरीज़ के लिए किसी भी खिलाड़ी को ड्रॉप नहीं किया गया है।
 

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उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट बांग्लादेश के खिलाफ युवाओं को मौका देना चाहता है, इसीलिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को नहीं चुना गया, लेकिन किसी को ड्रॉप नहीं किया गया है। अफरीदी ने मंगलवार को मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "देखिए, इस सीरीज़ के लिए किसी को ड्रॉप नहीं किया गया है।"

उन्होंने आगे कहा "हम बस अपने युवाओं को मौके देना चाहते हैं। वे हमारा भविष्य भी हैं। आप बांग्लादेश के खिलाफ मौके देना चाहते हैं। मुझे लगता है कि जब समय आएगा, तो उन्हें भी अपनी भूमिका और भविष्य में क्या होने वाला है, यह पता चल जाएगा। हमें बस अपनी टीम को वर्ल्ड कप के लिए तैयार करने की ज़रूरत है। यह युवाओं के लिए अपनी स्किल्स दिखाने का मौका है।

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच पहला वनडे मैच बुधवार (11 मार्च) को मीरपुर के शेरे बांग्ला क्रिकेट स्टेडियम में होगा। और उस मैच में साहिबज़ादा फरहान सहित तीन खिलाड़ी अपना ODI डेब्यू करेंगे।

फरहान पाकिस्तान T20 वर्ल्ड कप 2026 टीम का हिस्सा थे, और सलमान अली आगा की कप्तानी वाली टीम के लिए ओपनिंग बैट्समैन के तौर पर छह मैचों में, उन्होंने कुल 383 रन बनाए और रन बनाने वालों की लिस्ट में टॉप पर रहे। अफरीदी ने कहा, "तीन खिलाड़ी डेब्यू करेंगे। साहिबज़ादा फरहान T20 और लिस्ट A क्रिकेट में टॉप परफॉर्मर हैं। माज़ सदाकत ओपनिंग करेंगे, और शमील हुसैन वन डाउन होंगे। हम भी, एक टीम के तौर पर, उन्हें पाकिस्तान के लिए खेलते हुए देखने के लिए बहुत उत्साहित हैं, और सिर्फ़ एक सीरीज़ के लिए नहीं बल्कि भविष्य के लिए भी।"
 

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उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें बांग्लादेश प्रीमियर लीग खेलने का कुछ अनुभव है। साहिबज़ादा फरहान, माज़ सदाकत और कुछ अन्य लोग इस साल यहां खेले थे। मुझे लगता है कि वे पहले ही इस ग्राउंड और पिच पर खेल चुके हैं; वे कंडीशन भी जानते हैं। मुझे उम्मीद है कि वे अपना बेस्ट क्रिकेट खेलेंगे।"

अफरीदी बांग्लादेश को घरेलू हालात में एक अच्छी टीम मानते हैं लेकिन उन्हें अपनी टीम की तैयारियों पर भरोसा है।

उन्होंने कहा, "बांग्लादेश की टीम अच्छी है। वे घरेलू हालात में बहुत अच्छा क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने हाल ही में वेस्टइंडीज को हराया था। हम एक टीम के तौर पर तैयार हैं। हमने साउथ अफ्रीका और श्रीलंका के खिलाफ अपनी पिछली दो ODI सीरीज़ जीती थीं। हमने बहुत अच्छा क्रिकेट खेला, इसलिए हम बस इसे जारी रखना चाहते हैं।"
Wed, 11 Mar 2026 10:06:06 +0530

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