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बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप गहराया, इस साल 1,269 बच्चों की मौत

ढाका, 4 नवंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को इस बीमारी से कम से कम छह बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल खसरे से हुई पुष्टि और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या बढ़कर 1,269 हो गई है।

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के मुताबिक, ये मौतें बुधवार सुबह तक के पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज की गईं। समाचार एजेंसी यूएनबी (यूएनबी) की रिपोर्ट के अनुसार, हाल में हुई छह मौतों को संदिग्ध खसरा मामलों के रूप में दर्ज किया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, खसरे से पुष्टि की गई मौतों की संख्या 105 पर बनी हुई है, जबकि संदिग्ध मौतों का आंकड़ा बढ़कर 1,164 हो गया है। डीजीएचएस ने बताया कि 24 घंटे के दौरान खसरे के 1,325 नए संदिग्ध मामले सामने आए। इसके बाद कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 2,34,148 हो गई है। इसी अवधि में 77 नए पुष्ट मामले भी दर्ज किए गए, जिससे कुल पुष्ट मामलों की संख्या 24,150 तक पहुंच गई।

पिछले महीने द संडे गार्डियन से बातचीत में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खसरे की इस महामारी के लिए सरकारी लापरवाही और दशकों पुराने टीकाकरण तंत्र के कमजोर पड़ने को जिम्मेदार ठहराया था।

हसीना ने आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के समय लिए गए राजनीतिक और प्रशासनिक फैसलों के कारण वैक्सीन की खरीद प्रभावित हुई, जिससे टीकाकरण में बड़ा अंतर पैदा हो गया। उन्होंने दावा किया कि मार्च 2026 में बांग्लादेश में खसरा-रूबेला वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया था। इसके बाद टीकाकरण की दर में तेज गिरावट आई। उनका आरोप था कि सरकार समय पर अतिरिक्त टीकाकरण अभियान शुरू करने में असफल रही।

शेख हसीना ने मौजूदा तारीक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार की भी आलोचना की। उनका कहना था कि जब बीमारी की गंभीरता साफ दिखाई देने लगी, तब भी अधिकारियों ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

उन्होंने कहा, एक ऐसी बीमारी से, जिसे रोका जा सकता है, एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत होना कोई सामान्य प्रशासनिक विफलता नहीं है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने वैक्सीन की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने, कमजोर और जोखिम वाले समुदायों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाने, रियल-टाइम बीमारी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, बच्चों के स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाने और वैक्सीन खरीद तथा टीकाकरण में हुई कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

वहीं, डीजीएचएस में रोग नियंत्रण विभाग के पूर्व निदेशक बे-नजीर अहमद ने पिछले महीने कहा था कि अप्रैल में यूनिसेफ के माध्यम से वैक्सीन खरीद दोबारा शुरू होने और आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाने के बावजूद महामारी को जल्द नियंत्रित करना आसान नहीं होगा।

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार द डेली स्टार के अनुसार, बीमारी के तेजी से फैलने की वजह से इसके प्रभाव को कम करने में अभी समय लग सकता है।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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उत्तराखंड गौरव सम्मान का ऐलान, पूर्व सीएम खंडूड़ी और एकता बिष्ट समेत 15 हस्तियां होंगी सम्मानित

Uttarakhand Gaurav Samman: उत्तराखंड के विकास और मान को देश दुनिया में चमकाने वाली हस्तियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने उत्तराखंड गौरव सम्मान के लिए चयनित 15 हस्तियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है. अपनी कड़ी मेहनत, प्रतिभा और समर्पण से अपनी अलग पहचान बनाने वाले इन सभी लोगों को राज्य स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा. इस बार की सूची बहुत खास है क्योंकि इसमें खेल, सिनेमा, लोक कला, चिकित्सा, शिक्षा, पर्यावरण और समाज सेवा जैसे तमाम क्षेत्रों के लोगों को जगह मिली है. सरकार का यह कदम साफ तौर पर बताता है कि जमीन से जुड़े काम करने वाले लोगों के योगदान को पूरा सम्मान दिया जा रहा है.

देहरादून के परेड ग्राउंड में होगा भव्य कार्यक्रम

हर साल 9 नवंबर के दिन उत्तराखंड अपना राज्य स्थापना दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाता है. इस मौके पर राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इसी भव्य मंच पर इन सभी 15 लोगों को उत्तराखंड गौरव सम्मान भेंट किया जाएगा. इस पुरस्कार का मुख्य मकसद उन लोगों के समर्पण को पहचानना है, जिन्होंने अपने शानदार कामों से देवभूमि का नाम हर जगह आगे बढ़ाया है. राजधानी में इस बड़े आयोजन को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं और पूरे प्रदेश में इस सम्मान को लेकर काफी खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है.

राजनीति, चिकित्सा और उद्योग जगत के बड़े नाम शामिल

इस सम्मान सूची में राजनीतिक और प्रशासनिक क्षेत्र में बड़ा योगदान देने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी को चुना गया है. उनको यह सम्मान मरणोपरांत दिया जाएगा. उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे और सुशासन को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई थी. वहीं चिकित्सा जगत से नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जीवन सिंह तितियाल का चयन किया गया है, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में मिसाल पेश की है. उद्यम के क्षेत्र से मनमोहन भारद्वाज को यह गौरव मिलेगा, जिन्होंने स्वरोजगार और नए मौकों को बढ़ावा देने में अहम काम किया है. इन नामों के चयन से साफ है कि हर क्षेत्र के काम को सराहा गया है.

सिनेमा और लोक संस्कृति को भी मिला पूरा आदर

भारतीय सिनेमा और रंगमंच पर उत्तराखंड का नाम चमकाने वाली जानी मानी अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है. हिमानी शिवपुरी ने अपने दमदार अभिनय से कई दशकों तक दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई है. इसके साथ ही राज्य की पारंपरिक लोक संस्कृति और जागर गायन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली लोक गायिका हेमा नेगी करासी को सम्मानित किया जाएगा. लोक संगीत के क्षेत्र में निरंतर काम करने वाली गायिका रेशमा शाह का नाम भी इस गौरवशाली सूची में शामिल है. इन दोनों कलाकारों ने अपनी लोक धुनों से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखा है.

ये हैं वो 15 हस्तियां 

क्रम संख्या नाम क्षेत्र
1 स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी राजनीति एवं शासन (मरणोपरांत)
2 डॉ. जीवन सिंह तितियाल चिकित्सा
3 मनमोहन भारद्वाज उद्यमिता
4 हिमानी शिवपुरी फिल्म जगत
5 हेमा नेगी करासी लोक जागर गायन
6 डॉ. गिरीश रंजन तिवारी शिक्षा एवं पत्रकारिता
7 अनीता थपलियाल शर्मा सामाजिक सेवा
8 कश्मीर सिंह सामाजिक सेवा
9 सुरेश भाई पर्यावरण संरक्षण
10 रेशमा शाह लोक गायन
11 एकता बिष्ट खेल
12 वंदना कटारिया खेल
13 अंकिता ध्यानी खेल
14 निकिता चंद खेल
15 कपिल पोखरिया खेल

शिक्षा, पत्रकारिता और पर्यावरण के रक्षकों की पहचान

शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले डॉक्टर गिरीश रंजन तिवारी को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है. सामाजिक सरोकारों और जनहित के कार्यों में जुटी अनीता थपलियाल शर्मा और कश्मीर सिंह को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके समर्पण के लिए सम्मानित किया जाएगा. वहीं पहाड़ों के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आजीवन काम करने वाले पर्यावरणविद् सुरेश भाई का नाम भी इस सूची में बहुत सम्मान के साथ शामिल है. पर्वतीय परिवेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए उनका काम हमेशा प्रेरणा देने वाला रहा है.

खेल जगत से जुड़े 5 सितारों को मिलेगा बड़ा मान

खेल के मैदान में भारत का झंडा लहराने वाले 5 खिलाड़ियों को इस बार उत्तराखंड गौरव सम्मान दिया जाएगा. इनमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी खिलाड़ी एकता बिष्ट और भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार खिलाड़ी वंदना कटारिया का नाम सबसे आगे है. इसके अलावा एथलेटिक्स और मुक्केबाजी से जुड़े होनहार खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा. इन युवा सितारों के चयन से राज्य के अन्य उभरते खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने का बड़ा हौसला मिलेगा.

युवा पीढ़ी के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगी यह पहल

राज्य सरकार की तरफ से घोषित यह सूची केवल एक पुरस्कार भर नहीं है, बल्कि यह देवभूमि की असली ताकत को दर्शाती है. इसमें अनुभवी दिग्गजों से लेकर युवा खिलाड़ियों तक का बहुत अच्छा तालमेल देखने को मिल रहा है. जब 9 नवंबर को इन सभी हस्तियों को मंच से सम्मानित किया जाएगा, तो यह पल पूरे प्रदेश के लिए बेहद गर्व भरा होगा. इस सम्मान से प्रदेश की युवा पीढ़ी को यह सीख मिलेगी कि मेहनत और निष्ठा से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है. राज्य की तरक्की में हर नागरिक का योगदान बहुत बड़ा होता है.

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  Sports

Mohammed Shami ने Test Cricket से लिया संन्यास, BCCI और फैंस का जताया आभार

भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का एक अहम अध्याय समाप्त हो गया। इस अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के ज़रिए अपने इस फ़ैसले की जानकारी दी। उन्होंने क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में अपने सफ़र को याद किया और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया, जो इस दौरान उनके साथ खड़े रहे। शमी ने उस दिन को याद करते हुए लिखा कि जब मैंने पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब मेरा बस एक ही सपना था - अपने देश के लिए कुछ कर दिखाने का।

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35 वर्षीय शमी ने कहा कि हर विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी ने उन्हें जीवन के ज़रूरी सबक सिखाए हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को महज़ एक प्रारूप से कहीं बढ़कर बताया। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं था; यह मेरी ज़िंदगी का एक बहुत ही खास हिस्सा था। भारी मन और अनगिनत सुनहरी यादों के साथ अपने फैसले की घोषणा करते हुए, शमी ने अपने साथियों, कोचों, परिवार और उन लाखों भारतीय समर्थकों का आभार जताया, जिन्होंने अच्छे और बुरे, हर समय उन पर भरोसा बनाए रखा।

उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया, उन्हें मौके दिए और उनके क्रिकेट सफर में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने लिखा कि भले ही मैंने अपनी आखिरी टेस्ट गेंद फेंक दी हो, लेकिन भारत के लिए खेलने का गर्व मेरे दिल में हमेशा जिंदा रहेगा। दिल से आभार जताते हुए, शमी ने अपनी बात खत्म की: "धन्यवाद, टेस्ट क्रिकेट।" उनके संन्यास के साथ ही पारंपरिक फॉर्मेट में उनके सफर का अंत हो गया है, जबकि भारत की सफेद जर्सी में उनके शानदार प्रदर्शन की यादें हमेशा उनकी क्रिकेट विरासत का एक अहम हिस्सा बनी रहेंगी।

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शमी ने नवंबर 2013 में ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया। उन्होंने भारत के लिए कुल 64 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 27.71 की औसत से 229 विकेट लिए। उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा दर्ज है, और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इंग्लैंड के खिलाफ 56 रन देकर 6 विकेट लेना रहा। अपनी तेज गति, रिवर्स स्विंग और पुरानी गेंद से मूवमेंट निकालने की क्षमता के लिए मशहूर शमी, हर तरह की परिस्थितियों में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का एक अहम हिस्सा बन गए। उन्होंने भारत के विदेशी दौरों - खासकर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में - बेहद अहम भूमिका निभाई और जसप्रीत बुमराह के साथ मिलकर एक शानदार जोड़ी बनाई।

Sat, 07 Nov 2026 07:58:00 +0530

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