किसानों के लिए यूपी सरकार की नई पहल, ट्रॉली माउंटेड सोलर पंप से आसान होगी सिंचाई
UP Government: खेती में सिंचाई की व्यवस्था किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होती है, खासकर तब जब उनके खेत अलग-अलग स्थानों पर हों. ऐसे में पंप सेट को एक खेत से दूसरे खेत तक ले जाना और पानी की व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो जाता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए ट्रॉली माउंट सोलर पंप योजना की शुरुआत की है.
इस योजना के तहत किसान कम लागत में सोलर पंप की मदद से अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे. इससे उन्हें बिजली या डीजल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और खेती की लागत भी कम होगी.
ट्रॉली माउंटेड सोलर पंप की खासियत
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सोलर पंप को ट्रॉली पर लगाया जाएगा. किसान इस ट्रॉली को आसानी से एक खेत से दूसरे खेत तक ले जा सकते हैं.
यह सुविधा खास तौर पर उन किसानों के लिए बेहद उपयोगी है जिनकी जमीन अलग-अलग स्थानों पर है. सोलर ऊर्जा से चलने वाला यह पंप बिना बिजली कनेक्शन या डीजल के खेतों में पानी पहुंचाने में सक्षम होगा.
लघु सिंचाई विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में मिर्जापुर जिले में 23 ट्रॉली माउंटेड सोलर पंप वितरित करने का लक्ष्य तय किया है. इन पंपों का उपयोग मुख्य रूप से चेकडैम और तालाबों से सिंचाई के लिए किया जाएगा.
सोलर पंप की लागत कितनी
लघु सिंचाई विभाग के अनुसार योजना के तहत 2 हॉर्स पावर का सोलर पंप लगाया जाएगा. इस पंप की कीमत लगभग 1 लाख 44 हजार 526 रुपये बताई गई है.
इसके अलावा ट्रॉली लगाने में करीब 75 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है. इस तरह पूरी व्यवस्था की कुल लागत लगभग 2 लाख 19 हजार 526 रुपये तक पहुंच जाती है. हालांकि सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी के कारण किसानों पर इसका बोझ काफी कम हो जाएगा.
सरकार दे रही भारी सब्सिडी
इस योजना के तहत किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ दिया जा रहा है. सोलर पंप की कीमत पर लगभग 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी, जबकि ट्रॉली पर करीब 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा.
सरकारी सहायता के बाद किसानों को कुल लागत का केवल एक छोटा हिस्सा ही देना होगा. योजना के तहत किसानों को लगभग 76 हजार रुपये का कृषक अंश जमा करना होगा, जो बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से लघु सिंचाई विभाग में जमा किया जाएगा.
आवेदन प्रक्रिया और लाभ
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा. पंप का आवंटन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा, इसलिए विभाग ने इच्छुक किसानों से जल्द आवेदन करने की अपील की है.
विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पंप जैसी योजनाएं किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती हैं. इससे डीजल और बिजली की बचत होगी, खेती की लागत कम होगी और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होगा.
अगर यह योजना बड़े स्तर पर लागू होती है, तो किसानों को आधुनिक और किफायती सिंचाई सुविधा मिल सकेगी, जिससे खेती की उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है.
एनएसई का ब्रोकर्स को निर्देश, वित्त वर्ष 24 या उससे पहले एकत्रित की गई अतिरिक्त एसटीटी वापस करें
मुंबई, 10 मार्च (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने मंगलवार को ब्रोकर्स से वित्त वर्ष 2023-24 और उससे पहले सालों में एकत्रित किए गए अतिरिक्त सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी), जो कि सरकार को जमा नहीं किया गया है, को लौटाने और खुलासा करने को कहा है।
एनएसई ने यह कदम इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से निर्देश मिलने के बाद उठाया है।
सर्कुलर में एनएसई ने कहा कि यह कदम आयकर के संयुक्त आयुक्त, रेंज 7(1) से संदेश मिलने के बाद उठाया गया है, जिसमें यह बताया गया था कि कुछ ब्रोकरों ने आवश्यक राशि से अधिक एसटीटी एकत्र किया था और इसे सरकारी खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रखा था।
एनएसई सर्कुलर में ब्रोकरों और उप-ब्रोकरों को 31 मार्च, 2023 तक एकत्रित और जमा न किए गए अतिरिक्त एसटीटी का विवरण सीधे एक्सचेंज को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
साथ ही कहा कि ब्रोकरों को अतिरिक्त एसटीटी सर्कुलर प्रकाशित होने के सात दिनों के भीतर एक्सचेंज के पास जमा करनी होगी।
एसटीटी, शेयर बाजार में प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री पर लगने वाला टैक्स है।
एक्सचेंज ने कहा कि ब्रोकरों को अतिरिक्त एसटीटी और देरी के प्रत्येक महीने पर 1 प्रतिशत ब्याज सहित तुरंत एनएसई को जमा करनी होगी और इसकी सूचना आयकर विभाग को देनी होगी। एक्सचेंज वसूल की गई राशि को सरकारी खाते में जमा करेगा।
एनएसई के सर्कुलर में आयकर संयुक्त आयुक्त के 5 मार्च के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया, यह अनुरोध किया जाता है कि एक सर्कुलर जारी किया जाए जिसमें सभी सदस्यों, ब्रोकरों/उप-ब्रोकरों से वित्तीय वर्ष 2023-24 और उससे पहले के वर्षों के लिए 31.03.2023 तक उनके द्वारा एकत्र किए गए और उनके पास रखे गए अतिरिक्त एसटीटी का विवरण सीधे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड को प्रस्तुत करने का अनुरोध किया जाए, जिसकी सूचना इस कार्यालय को भी दी जाए।
--आईएएनएस
एबीएस/
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