शादी के बाद इमोशनल हुईं रश्मिका मंदाना:सोशल मीडिया पोस्ट पर रिएक्ट किया; बोलीं- ऐसा प्यार ढूंढो जो आपको आजाद कर दे
साउथ और बॉलीवुड एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना एक सोशल मीडिया नोट को पढ़कर भावुक हो गईं। ये नोट रश्मिका और विजय देवरकोंडा के प्यार पर लिखा गया था। एक्ट्रेस ने X पर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए बताया कि इस नोट ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने फैंस को सलाह भी दी कि जीवन में ऐसा प्यार तलाशें जो आपको बंधन में नहीं, बल्कि आजादी का अहसास कराए। यूजर ने कपल के प्यार को मिसाल बताया 9 मार्च को एक फैन ने विजय और रश्मिका की शादी की तस्वीरें शेयर करते हुए उन्हें इस 'स्वार्थी युग' में सच्चे प्यार की मिसाल बताया था। नोट में लिखा था कि रश्मिका जिस तरह से विजय को देखती हैं, वह प्रशंसा और प्यार का सबसे ईमानदार सबूत है। इसे पढ़कर रश्मिका खुद को रोक नहीं पाईं और माना कि लंबे समय बाद किसी बात ने उन्हें इतना इमोशनल किया है। रश्मिका बोलीं- प्यार आजाद करने वाला होना चाहिए एक्ट्रेस ने भावुक होकर लिखा, "मेरे बारे में लिखी गई किसी चीज ने मुझे लंबे समय बाद इतना प्रभावित नहीं किया। मैं बहुत कुछ कहना चाहती हूं लेकिन शब्द कम पड़ रहे हैं। मैं अपनी जगह तलाश रही हूं और इस सफर के लिए आभारी हूं। प्यार के बारे में सिर्फ यही कहूंगी कि उस प्यार को ढूंढो, जो तुम्हें आजाद कर दे।" एक्ट्रेस ने उस यूजर का शुक्रिया भी अदा किया जिसने उनके और विजय के रिश्ते की गहराई को इतनी खूबसूरती से पहचाना। उदयपुर में हुई थी शाही वेडिंग रश्मिका और विजय ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के लग्जरी होटल आईटीसी मेमेंटोस में शादी की थी। इस इंटीमेट सेरेमनी में सिर्फ परिवार और खास दोस्त ही शामिल हुए थे। शादी में दो संस्कृतियों का संगम दिखाविजय की तेलुगू रस्में और रश्मिका की कोडावा (कूर्गी) परंपरा। इसके बाद 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन दिया गया था, जिसमें साउथ फिल्म इंडस्ट्री के तमाम बड़े सितारे और कर्नाटक के डिप्टी सीएम भी पहुंचे थे।
गोल्ड ETF में निवेश 78% घटा:फरवरी में सिर्फ ₹5,255 करोड़ इन्वेस्टमेंट हुआ, जनवरी के रिकॉर्ड ₹24 हजार करोड़ से भारी गिरावट
फरवरी महीने में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (Gold ETFs) में निवेशकों की दिलचस्पी कम हुई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में गोल्ड ईटीएफ में करीब 5,255 करोड़ रुपए का निवेश आया है। यह जनवरी के मुकाबले काफी कम है। जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में 24,039.96 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जनवरी में भारी खरीदारी के बाद निवेशकों ने फरवरी में थोड़ा ब्रेक लिया है। यह निवेश में कोई गिरावट नहीं, बल्कि एक 'नॉर्मलाइजेशन' यानी सामान्य प्रक्रिया है। जनवरी में बना था रिकॉर्ड, इक्विटी के करीब पहुंचा था गोल्ड साल की शुरुआत यानी जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में जबरदस्त उछाल देखा गया था। उस दौरान सोने में निवेश लगभग इक्विटी म्यूचुअल फंड (शेयर बाजार बेस्ड फंड) के बराबर पहुंच गया था। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों ने सोने को एक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर चुना था। फरवरी में आई कमी को बाजार के जानकार एक स्वाभाविक ठहराव मान रहे हैं। पैसिव फंड्स में कुल ₹13,879 करोड़ का निवेश हुआ इंडेक्स फंड्स और विदेशी फंड्स का हाल निवेशकों ने क्यों कम किया निवेश? बाजार जानकारों के अनुसार, फरवरी में निवेश कम होने की मुख्य वजह सोने की कीमतों में स्थिरता या मामूली बदलाव हो सकता है। जब कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं या निवेशक पहले ही भारी मात्रा में सोना खरीद चुके होते हैं, तो वे नई खरीदारी के लिए सही मौके का इंतजार करते हैं। इसके अलावा, शेयर बाजार में कुछ चुनिंदा सेक्टरों में आई रिकवरी ने भी निवेशकों का ध्यान सोने से हटाकर वापस इक्विटी की ओर खींचा है। क्या होता है गोल्ड ETF? एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। एक गोल्ड ETF यूनिट का मतलब है कि 1 ग्राम सोना। वह भी पूरी तरह से प्योर। गोल्ड ETFs की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। गोल्ड ETF में निवेश करने के 5 फायदे कम मात्रा में भी खरीद सकते हैं सोना: ETF के जरिए सोना यूनिट्स में खरीदते हैं, जहां एक यूनिट एक ग्राम की होती है। इससे कम मात्रा में या SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए सोना खरीदना आसान हो जाता है। वहीं भौतिक (फिजिकल) सोना आमतौर पर तोला (10 ग्राम) के भाव बेचा जाता है। ज्वेलर से खरीदने पर कई बार कम मात्रा में सोना खरीदना संभव नहीं हो पाता। मिलता है शुद्ध सोना: गोल्ड ETF की कीमत पारदर्शी और एक समान होती है। यह लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन का अनुसरण करता है, जो कीमती धातुओं की ग्लोबल अथॉरिटी है। वहीं फिजिकल गोल्ड अलग-अलग विक्रेता/ज्वेलर अलग-अलग कीमत पर दे सकते हैं। गोल्ड ETF से खरीदे गए सोने की 99.5% शुद्धता की गारंटी होती है, जो कि सबसे उच्च स्तर की शुद्धता है। आप जो सोना लेंगे उसकी कीमत इसी शुद्धता पर आधारित होगी। नहीं आता ज्वेलरी मेकिंग का खर्च: गोल्ड ETF खरीदने में 1% या इससे कम की ब्रोकरेज लगती है, साथ ही पोर्टफोलियो मैनेज करने के लिए सालाना 1% चार्ज देना पड़ता है। यह उस 8 से 30% मेकिंग चार्जेस की तुलना में कुछ भी नहीं है, जो ज्वेलर और बैंक को देना पड़ता है, भले ही आप सिक्के या बार खरीदें। सोना रहता है सुरक्षित: इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड डीमैट अकाउंट में होता है, जिसमें सिर्फ सालाना डीमैट चार्ज देना होता है। साथ ही चोरी होने का डर नहीं होता। वहीं फिजिकल गोल्ड में चोरी के खतरे के अलावा उसकी सुरक्षा पर भी खर्च करना होता है। व्यापार की आसानी: गोल्ड ETF को बिना किसी परेशानी के तुरंत खरीदा और बेचा जा सकता है। गोल्ड ETF को लोन लेने के लिए सिक्योरिटी के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है। सोने में सीमित निवेश फायदेमंद एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 10 से 15% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता है, लेकिन लंबी अवधि में यह आपके पोर्टफोलियो के रिटर्न को कम कर सकता है। ये खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹13 हजार बढ़कर ₹2.73 लाख पर पहुंची: सोना ₹1700 बढ़कर ₹1.60 लाख का हुआ, इस साल कीमत ₹27 हजार बढ़ी सोने और चांदी के दामों में आज यानी 10 मार्च को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,700 रुपए बढ़कर 1.60 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.59 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। एक किलो चांदी 13 हजार रुपए बढ़कर 2.73 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले इसकी कीमत 2.60 लाख रुपए प्रति किलो थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार 29 जनवरी को सोने की कीमत 1.76 लाख रुपए और चांदी के दाम 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गए थे। इसके बाद से इनकी कीमत में काफी गिरावट आ चुकी है। इसलिए इनकी खरीदारी देखने को मिल रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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