CBSE Board Exam 2026: मिडिल ईस्ट देशों में 12–16 मार्च की 12वीं बोर्ड परीक्षाएं स्थगित, 14 March को होगा फैसला
Central Board of Secondary Education ने मिडिल ईस्ट देशों में आयोजित हो रही 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने 12 मार्च से 16 मार्च 2026 तक होने वाली परीक्षाओं को स्थगित करने की घोषणा की है।
बोर्ड के अनुसार मध्य पूर्व क्षेत्र में मौजूदा हालात और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई परीक्षा तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
इन देशों में प्रभावित होंगी परीक्षाए
सीबीएसई की अधिसूचना के मुताबिक जिन देशों में परीक्षाएं स्थगित की गई हैं उनमें शामिल हैं:
- Bahrain
- Iran
- Kuwait
- Oman
- Qatar
- Saudi Arabia
- United Arab Emirates
इन क्षेत्रों में मौजूदा परिस्थितियों और अनिश्चितताओं को देखते हुए बोर्ड ने छात्रों की मानसिक स्थिति और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
14 मार्च को स्थिति की होगी समीक्षा
सीबीएसई ने बताया है कि 14 मार्च 2026 को हालात की दोबारा समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आगे होने वाली परीक्षाओं को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गोल्ड की चमक पड़ी फीकी: जनवरी की तेजी के बाद गोल्ड ईटीएफ में बड़ी गिरावट, फरवरी में निवेश घटकर 5255 करोड़
Gold Etf inflows: सोने में निवेश को लेकर निवेशकों का उत्साह जनवरी के बाद थोड़ा ठंडा पड़ता दिख रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में आने वाला पैसा काफी कम हो गया।
फरवरी में गोल्ड ETF में कुल 5255 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके मुकाबले जनवरी में इस कैटेगरी में 24039.96 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड इनफ्लो दर्ज हुई थी। यानी सिर्फ एक महीने में निवेश में बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाजार के जानकार इसे निवेशकों की दिलचस्पी कम होना नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि जनवरी में जो भारी निवेश हुआ था, उसके बाद फरवरी में यह गिरावट एक तरह की नॉर्मलाइजेशन है।
गोल्ड ईटीएफ में निवेश कम हुआ
यानी निवेशकों ने साल की शुरुआत में ही सोने में बड़ी मात्रा में पैसा लगाया और अब थोड़ा रुककर स्थिति देख रहे हैं। दरअसल जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में आया निवेश इतना ज्यादा था कि यह इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के इनफ्लो के करीब पहुंच गया था। उस समय वैश्विक अनिश्चितता और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों ने सोने जैसे सुरक्षित एसेट में ज्यादा पैसा लगाया।
पैसिव फंड्स में फरवरी में 13 हजार करोड़ का निवेश आया
फरवरी के आंकड़े बताते हैं कि निवेश पूरी तरह से रुका नहीं है, लेकिन उसकी रफ्तार जरूर धीमी हुई है। अगर पूरे पैसिव फंड सेगमेंट को देखें तो फरवरी में कुल 13879 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसमें इंडेक्स फंड, गोल्ड ईटीएफ, अन्य ईटीएफ और विदेशी बाजारों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स शामिल हैं।
इसके मुकाबले जनवरी में इस कैटेगरी में 39,954 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश आया था। वहीं दिसंबर में यह आंकड़ा करीब 11000 करोड़ रुपये था। पैसिव फंड कैटेगरी में इंडेक्स फंड में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। फरवरी में इंडेक्स फंड में करीब 3233 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं अन्य ईटीएफ में लगभग 4,487 करोड़ रुपये का इनफ्लो दर्ज किया गया। इसके अलावा विदेशी बाजारों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स में भी करीब 904 करोड़ रुपये का निवेश आया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोना अभी भी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और बाजार की अस्थिरता के दौर में निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने का हिस्सा बनाए रखते हैं। फिलहाल फरवरी के आंकड़े यही संकेत दे रहे हैं कि जनवरी की असाधारण तेजी के बाद निवेशक अब थोड़ा संतुलित तरीके से गोल्ड ईटीएफ में पैसा लगा रहे हैं।
(प्रियंका कुमारी)
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