चंडीगढ़ धोखाधड़ी मामले में 645 करोड़ रुपये के दावों का निपटान: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक
चंडीगढ़ धोखाधड़ी मामले में 645 करोड़ रुपये के दावों का निपटान: आईडीएफसी फर्स्ट बैंकसलीम खान 3-4 दिन में डिस्चार्ज हो सकते हैं:सेहत में सुधार, ब्रेन हैमरेज के बाद वेंटिलेटर पर थे; 21 दिन से लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट
सलमान खान के पिता सलीम खान को अस्पताल से 3-4 दिन में छुट्टी मिल सकती है। 17 फरवरी से मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती 88 साल के सलीम खान अब तेजी से रिकवर हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है और अगर सब कुछ ठीक रहा, तो उन्हें इसी हफ्ते डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इससे पहले हालत गंभीर होने के कारण सलीम को कुछ समय के लिए ICU और वेंटिलेटर पर रखा गया था। पिछले कुछ दिनों से शाहरुख-आमिर समेत खान परिवार के सभी सदस्य अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल ले रहे हैं। सलीम 21 दिन से लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट हैं। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। आमिर खान ने कहा- हम सभी दुआ कर रहे सलीम खान के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही बॉलीवुड के कई सितारे उनका हाल जानने पहुंचे।मैं सलीम साहब से मिलने गया था। हम सब दुआ कर रहे हैं कि वो जल्द से जल्द अच्छे हो जाएं। क्योंकि वो ICU में थे, मैं उनसे पर्सनली नहीं मिल पाया। मैं उनके परिवार के साथ बैठा था। मुझे अलवीरा जी हर रोज बता रही हैं कि उनकी हेल्थ इम्प्रूव हो रही है। हम सब प्रार्थना कर रहे हैं, दुआ कर रहे हैं कि वो एक बार फिर घर आ जाएं। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 88 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए।
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