इंडिगो-स्पाइसजेट के शेयरों ने भरी उड़ान, तेल की गिरती कीमतों ने फूंकी जान
एयरलाइन शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। आज तेल की कीमतों में आई गिरावट ने इनके शेयरों में जान फूंक दी है। इंडिगो का शेयर 5.6% उछलकर 4475.25 रुपये के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि स्पाइसजेट के शेयर में 7.7% की तेजी आई और यह 14.08 रुपये पर पहुंच गया।
Stock Market Today: सेंसेक्स 650 अंक उछला, निफ्टी 24,200 पार; शेयर बाजार में लौटी रौनक
भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत मिलने के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार हरे निशान पर खुला।
शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 655.92 अंक यानी 0.85% की बढ़त के साथ 78,222.08 पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 189.15 अंक यानी 0.79% बढ़कर 24,217.20 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
ट्रंप के बयान से सुधरा निवेशकों का भरोसा
बाजार में तेजी का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का बयान माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य तनाव जल्द खत्म हो सकता है।
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि सैन्य अभियान लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि ईरान तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा।
सोमवार को बाजार में आई थी बड़ी गिरावट
इससे पहले सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ था।
सोमवार को सेंसेक्स 1,352.74 अंक (1.71%) गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ और निफ्टी 422.40 अंक (1.73%) टूटकर 24,028.05 पर बंद हुआ। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति ने निवेशकों को सतर्क बना दिया था।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल के बाजार में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। सोमवार को तेल की कीमतों में लगभग 30% तक उछाल आया और यह 119 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया।
हालांकि बाद में कीमतों में गिरावट आई और यह करीब 84 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया। मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही Brent Crude की कीमत में करीब 10% की गिरावट दर्ज की गई और यह 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य का अहम महत्व
ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण Strait of Hormuz भी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% हिस्सा संभालता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
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