केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को पश्चिम एशिया संघर्ष पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के संबोधन के दौरान विपक्ष द्वारा की गई नारेबाजी की निंदा करते हुए कहा कि विपक्ष को बहस करने में नहीं बल्कि केवल "अराजकता फैलाने" में दिलचस्पी है। विपक्ष पर "अपने फायदे के लिए राजनीति करने" का आरोप लगाते हुए नड्डा ने कहा कि वे इसमें कभी सफल नहीं होंगे। राज्यसभा में नड्डा ने कहा कि अत्यंत दुख के साथ मैं कह रहा हूं कि विपक्ष का व्यवहार बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय है। उन्हें न तो देश में कोई रुचि है और न ही बहस में, बल्कि उन्हें केवल अराजकता फैलाने में रुचि है।
नड्डा ने आगे कहा कि उन्हें विकसित भारत, देश की प्रगति में कोई रुचि नहीं है, उनकी रुचि केवल अपने फायदे की राजनीति में है, जिसमें वे कभी सफल नहीं होंगे। जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री उभरते घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं। यह घटनाक्रम 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध के मद्देनजर सामने आया है, जिसमें ईरान को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और सत्तारूढ़ दल के कई प्रमुख सदस्यों की मौत हो गई थी। इसके बाद से स्थिति और बिगड़ गई है, सप्ताहांत में तेल भंडारों और जल विलवणीकरण संयंत्रों पर नए हमले हुए हैं।
जयशंकर ने कहा कि सरकार ने क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर पहले ही अपनी आशंकाएं व्यक्त कर दी थीं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हमारा मानना है कि तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए। संघर्ष की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने पुष्टि की कि भारत ने 28 फरवरी, 2026 को आधिकारिक तौर पर युद्ध पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने क्षेत्रों में तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति के आह्वान को दोहराया, साथ ही बढ़ते हताहतों और ईरानी नेतृत्व के पतन की ओर ध्यान आकर्षित किया।
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ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेताओं ने मोजतबा खामेनेई के प्रति अपनी वफादारी की शपथ ली है। उन्हें उनके पिता, अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। इस बीच, अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर बमबारी जारी है। तेहरान और कोम शहरों में धमाकों की खबरें मिली हैं। इजरायली हमलों के कारण ईरानी राजधानी में जहरीला धुआं फैल गया है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और सप्लाई में कटौती के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 25% से ज्यादा बढ़ गई हैं। यह 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। शिपिंग रास्तों में रुकावट आने की आशंका से बाजार में घबराहट का माहौल है।
बढ़ती जनहानि और विस्थापन
युद्ध की आग अब दूसरे देशों तक भी फैल रही है। ईरानी जवाबी हमलों के दौरान सऊदी अरब के अल-खारज में दो लोगों की मौत हुई है। वहीं, अमेरिका ने पुष्टि की है कि संघर्ष में उसका आठवां सैनिक मारा गया है। लेबनान में इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच जारी गोलाबारी के कारण 5 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
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