Tanning Removal Remedies: गर्मियों में टैनिंग से हाथ हो गए काले? अपनाएं ये देसी नुस्खे, एक ही बार में दिखेगा रिजल्ट
Tanning Removal Remedies: गर्मियों के मौसम में तेज धूप और गर्म हवाएं त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं. बाहर निकलते समय सूर्य की किरणें त्वचा पर सीधा असर डालती हैं. इसके कारण हाथों, चेहरे और पैरों पर टैनिंग की समस्या हो जाती है. अक्सर लोग चेहरे की देखभाल तो करते हैं, लेकिन हाथों पर ध्यान नहीं देते. धीरे-धीरे हाथों की त्वचा काली और रूखी दिखने लगती है. हालांकि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर टैनिंग को कम किया जा सकता है. घर में मौजूद प्राकृतिक चीजों से त्वचा को साफ और चमकदार बनाया जा सकता है.
टैनिंग हटाने के लिए अपनाएं ये देसी नुस्खे
नींबू और शहद का करें इस्तेमाल
नींबू में प्राकृतिक ब्लीचिंग गुण होते हैं. यह त्वचा के दाग-धब्बों और टैनिंग को हल्का करने में मदद करता है. इससे इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच नींबू का रस लें. इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं. इस मिश्रण को हाथों पर लगाएंं. फिर इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं. इस मिश्रण को हाथों पर लगाएं. 15 मिनट बाद सादे पानी से धो लें. इस उपाय से त्वचा साफ और मुलायम बनती है.
दही और बेसन का पैक
दही त्वचा को ठंडक देता है. वहीं बेसन त्वचा की गंदगी हटाने में मदद करता है. इसे लगाने के लिए 2 चम्मच बेसन लें. इसमें 1 चम्मच दही मिलाएं. चाहें तो थोड़ा सा हल्दी भी डाल सकते हैं. इस पेस्ट को हाथों पर लगाएं. सूखने के बाद हल्के हाथ से रगड़ते हुए धो लें. यह पैक त्वचा की टैनिंग कम करने में मदद करता है.
एलोवेरा जेल का करें इस्तेमाल
इसके अलावा एलोवेरा त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा को ठंडक देते हैं और रंगत निखारने में मदद करते हैं. इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले ताजा एलोवेरा जेल लें. इसे हाथों पर हल्के हाथ से लगाएं. 20 मिनट बाद पानी से साफ कर लें. नियमित इस्तेमाल से त्वचा मुलायम और साफ दिखने लगती है.
आलू का रस भी है फायदेमंद
आलू में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा की रंगत को हल्का करने में मदद करते हैं. इसे इस्तेमाल करने का तरीका बेहद आसान है. इसमें एक आलू को कद्दूकस कर लें. उसका रस निकाल लें. इस रस को हाथों पर लगाएं. 10 से 15 मिनट बाद पानी से धो लें. इस उपाय से धीरे-धीरे टैनिंग कम होने लगती है.
खीरा और गुलाब जल
खीरा त्वचा को ठंडक देता है. गुलाब जल त्वचा को ताजगी देता है. इसे लगाने के लिए सबसे पहले खीरे का रस निकाल लें. इसमें थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं. इस मिश्रण को कॉटन से हाथों पर लगाएं. यह उपाय त्वचा को फ्रेश और साफ बनाए रखने में मदद करता है.
टैनिंग से बचने के लिए जरूरी टिप्स
- धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं.
- ज्यादा देर तक तेज धूप में रहने से बचें.
- बाहर जाते समय हाथों को कपड़े या दुपट्टे से ढक लें.
- दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं.
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने ट्रंप की युद्ध रणनीति की आलोचना की
नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि भले ही अमेरिकी सैन्य अभियानों में सामरिक स्तर पर बड़ी सफलता दिखाई दे रही हो, लेकिन ट्रंप सरकार का ईरान के साथ युद्ध बिना किसी स्पष्ट रणनीतिक मकसद के भटक सकता है।
सीएनएन के फरीद जकारिया जीपीएस पर सुलिवन ने कहा कि अमेरिकी सेना का ऑपरेशनल प्रदर्शन शानदार रहा है। हालांकि, उन्होंने युद्ध के आखिरी लक्ष्यों की स्पष्टता पर भी सवाल उठाया। सुलिवन ने कहा, अच्छी बात यह है कि अमेरिकी सेना बस कमाल की है। यह टैक्टिकल मकसद हासिल करने, स्किल, प्रोफेशनलिज्म और हिम्मत के साथ ऑपरेशन करने में कमाल की है।
इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि युद्ध का रणनीतिक मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं है। सुलिवन ने कहा, निराशाजनक बात यह है कि हम अमेरिकी सेना से खुद को खतरे में डालने के लिए कह रहे हैं और हम पहले ही छह सेवा सदस्य खो चुके हैं, जो पूरी तरह से साफ मकसद की ओर इशारा करते हैं।
उनके मुताबिक सरकार ने युद्ध के आखिरी नतीजे को साफ तौर पर बताए बिना कई वजहें बताई हैं। उन्होंने कहा, सरकार साफ तौर पर बिल्कुल भी यह नहीं कह पाई है कि इस युद्ध का आखिरी मकसद क्या है? अधिकारियों ने शायद एक दर्जन अलग-अलग वजहें दी हैं, जो हर घंटे बदलती रहती हैं। इतनी उलझन, मुझे लगता है कि एक बहुत बड़ी चुनौती है। इससे पता चलता है कि यह लड़ाई बिना पूरी तरह सोचे-समझे शुरू कर दी गई।”
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ट्रंप सरकार ने वेनेजुएला में अमेरिकी स्पेशल फोर्स के पिछले ऑपरेशन से गलत सबक लिया है। सुलिवन ने पहले के हमले का जिक्र करते हुए कहा, राष्ट्रपति ट्रंप इससे गलत सबक लेंगे। उन्हें लगेगा कि हम कहीं भी, कभी भी, किसी भी मकसद के लिए सैन्य फोर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं और सब ठीक हो जाएगा।
सुलिवन ने कहा कि इस युद्ध के अनचाहे भूराजनीतिक नतीजे भी हो सकते हैं, खासकर रूस को फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा, रूस अमेरिका का दुश्मन है। वे एक ऐसे दुश्मन हैं जो, कथित तौर पर, असल में इंटेलिजेंस सप्लाई कर रहे हैं ताकि ईरान उन जगहों का पता लगा सके जहां अमेरिकी सेवा सदस्य मौजूद हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि रूस को इस लड़ाई से फंडिंग और रणनीति दोनों तरह से फायदा हो सकता है। सुलिवन ने कहा, इस सब में सबसे बड़े विजेताओं में से एक व्लादिमीर पुतिन और रूस हैं। इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने तेल की बढ़ती कीमतों और यूक्रेन के लिए मौजूद अमेरिकी सैन्य संसाधनों में कमी की ओर इशारा किया।
सुलिवन का कहना था कि मध्य पूर्व में युद्ध शुरू करने के निर्णय ने रूस के खिलाफ यूक्रेन की रक्षात्मक स्थिति को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा, “बातचीत के एक महत्वपूर्ण दौर में, जब राष्ट्रपति ट्रंप यूक्रेन को बड़ा समर्थन दे सकते थे, उस समय उन्होंने इसके बजाय मध्य पूर्व में यह बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने का फैसला किया।”
उन्होंने आगे कहा कि इस युद्ध से खतरनाक भू-राजनीतिक मिसालें और मजबूत होने का खतरा है। सुलिवन ने कहा, “मुझे लगता है कि वे दो बड़े सबक ले रहे हैं। बड़ा स्ट्रेटेजिक सबक यह है कि हम भू-राजनीति के एक नए दौर में हैं, जहां बड़े देश बिना किसी अंतरराष्ट्रीय कानून के रेफरेंस के ताकत से काम कर सकते हैं।”
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा, “मुझे लगता है कि इससे उन्हें यकीन हो जाएगा कि उनके पास ताइवान के खिलाफ सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने का ज्यादा मौका है।”
--आईएएनएस
केके/एएस
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