Kal Ka Mausam: बार-बार बिगड़ रहा मौसम का मिजाज, दिल्ली-यूपी समेत 19 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट
कल का मौसम, 4 नवंबर: मानसून की विदाई के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब मौसम साफ रहेगा, लेकिन मौसम विभाग के ताजा अनुमान ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है. बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री इलाकों में बने सिस्टम के चलते देश का मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है. मौसम विभाग ने कल 4 नवंबर के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार समेत देश के 19 राज्यों में मूसलाधार बारिश और भयंकर आंधी का अलर्ट घोषित किया है. कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है. अगर आप कल किसी सफर पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर से कदम बाहर रखने से पहले मौसम का ताजा हाल जानना बेहद जरूरी है.
चक्रवाती तूफान का दिखेगा बड़ा असर
दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में इस समय एक प्रचंड चक्रवाती तूफान सक्रिय है. इसके साथ ही तटीय कर्नाटक और दक्षिण तमिलनाडु के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का दबाव बना हुआ है. इस पूरे मौसमी बदलाव का सबसे भयानक असर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों पर पड़ने वाला है. दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में आंधी, तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का बड़ा खतरा है. कई जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं, जिससे खेतों में खड़ी पकी फसलों को भारी नुकसान होने का डर है. वहीं पहाड़ी राज्यों में लगातार पानी गिरने से चट्टानें खिसकने यानी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है.
| शहर | अधिकतम तापमान (4 नवंबर) | न्यूनतम तापमान (4 नवंबर) |
| दिल्ली | 30°C | 17°C |
| मुंबई | 34°C | 26°C |
| चेन्नई | 31°C | 27°C |
| कोलकाता | 30°C | 23°C |
| लखनऊ | 31°C | 18°C |
| पटना | 30°C | 19°C |
| रांची | 27°C | 18°C |
| भोपाल | 29°C | 17°C |
| जयपुर | 31°C | 18°C |
| शिमला | 21°C | 10°C |
| नैनीताल | 21°C | 12°C |
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अलर्ट
देश की राजधानी दिल्ली में 4 नवंबर को बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान है. यहां 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 17 डिग्री तक रह सकता है. वहीं उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम काफी बिगड़ा रहेगा. मौसम विभाग ने गोरखपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, कानपुर, बरेली, पीलीभीत और उन्नाव समेत कई जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी का अलर्ट जारी किया है. यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. राजधानी लखनऊ में दिन का तापमान 31 और रात का 18 डिग्री तक रहने की संभावना है.
बिहार और झारखंड में बिगड़ेगा मौसम
बिहार में भी कल मौसम करवट बदलेगा. पटना, गया, बक्सर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और कटिहार समेत कई जिलों में मूसलाधार पानी गिरने और 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने का अंदेशा है. पटना का पारा 19 से 30 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है. पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका और पलामू जैसे इलाकों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी है. यहां कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी बात कही गई है. रांची का पारा गिरकर न्यूनतम 18 डिग्री तक जा सकता है.
मौसम संबंधी चेतावनी !
— India Meteorological Department (@Indiametdept) November 3, 2026
मुख्य बिंदु:
(i) दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर स्थित प्रचंड चक्रवाती तूफान “मुरासु” (Severe Cyclonic Storm “Murasu”) के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा आज, 03 नवंबर 2026 की दोपहर तक कमजोर होकर चक्रवाती तूफान और इसके बाद मध्यरात्रि तक और कमजोर… pic.twitter.com/RSk42pYaq4
उत्तराखंड और हिमाचल पर बारिश और लैंडस्लाइड का डर
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी आंधी चलने के साथ भारी वर्षा का अनुमान है. इससे पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा बना रहेगा. हिमाचल के शिमला, कुल्लू और मनाली में ठंडी हवाओं के साथ बारिश होगी, जहां मनाली में पारा शून्य से नीचे चार डिग्री तक लुढ़क सकता है. जम्मू कश्मीर के डोडा, जम्मू और बारामूला में भी बारिश के चलते ठंड अचानक से बढ़ जाएगी.
पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी दिखेगा असर
पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मौसमी उथल पुथल देखने को मिलेगी. पंजाब के अमृतसर और पटियाला में हवाओं के साथ पानी बरसेगा. राजस्थान के जयपुर, अजमेर, सीकर और बीकानेर में 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी आंधी और वर्षा का अनुमान है. मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, मुरैना और रायसेन में भी तेज बादलों की गर्जना के साथ बारिश का अलर्ट है, जिससे पूरे उत्तर और मध्य भारत में ठंड की शुरुआत तेजी से हो जाएगी.
यह भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में तक पहुंचा चक्रवात अर्नब का असर! देर रात से बारिश जारी, 6.4 डिग्री लुढ़का पारा, IMD ने बताया आज का हाल
सिर्फ इंसानों की सेहत नहीं, जानवरों और प्रकृति का स्वस्थ रहना भी जरूरी : डब्ल्यूएचओ
नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अक्सर जब हम सेहत की बात करते हैं तो हमारा ध्यान सिर्फ इंसानों की बीमारियों, खानपान और इलाज तक सीमित रहता है। हम अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए अच्छी डाइट लेते हैं, नियमित व्यायाम करते हैं और समय-समय पर डॉक्टर से सलाह भी लेते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि हमारी सेहत का रिश्ता सिर्फ हमारे रहन-सहन और खानपान से नहीं, बल्कि जानवरों और आसपास के पर्यावरण से भी जुड़ा हुआ है?
दरअसल, इंसान, जानवर और प्रकृति एक-दूसरे पर निर्भर हैं। अगर इनमें से किसी एक का स्वास्थ्य बिगड़ता है तो उसका असर बाकी सभी पर भी पड़ सकता है। इसी सोच को दुनिया के सामने रखने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) वन हेल्थ यानी एक स्वास्थ्य की अवधारणा पर जोर देता है।
डब्ल्यूएचओ ने आज वन हेल्थ डे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वन हेल्थ एक ऐसा एकीकृत नजरिया है, जिसका उद्देश्य इंसानों, जानवरों और पर्यावरण के स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाना और उसे लंबे समय तक बनाए रखना है।
इसका मतलब है कि अगर हमें एक स्वस्थ दुनिया बनानी है तो केवल इंसानों की सेहत पर ध्यान देना काफी नहीं होगा। हमें पालतू और जंगली जानवरों, पेड़-पौधों, पानी, हवा और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत का भी ख्याल रखना होगा।
हमारे आसपास मौजूद हर चीज किसी न किसी तरह से हमारी जिंदगी को प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए, अगर पीने का पानी दूषित हो जाता है तो इससे इंसानों के साथ-साथ जानवरों की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। इसी तरह हवा में बढ़ता प्रदूषण सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। जंगलों की कटाई और प्राकृतिक आवासों के नष्ट होने से जंगली जानवरों का जीवन प्रभावित होता है। इससे इंसानों और जानवरों के बीच टकराव बढ़ सकता है, जो कुछ संक्रामक बीमारियों के फैलने का कारण बन सकता है। इसलिए इन सभी पहलुओं को अलग-अलग देखने के बजाय एक साथ समझना जरूरी है।
वन हेल्थ की अवधारणा सिर्फ पर्यावरण को बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में भी मददगार है। आज दुनिया के सामने नई संक्रामक बीमारियों का उभरना, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस यानी दवाओं के खिलाफ बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्मजीवों का प्रतिरोध बढ़ना और खाद्य सुरक्षा जैसी कई चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का समाधान तभी बेहतर तरीके से निकाला जा सकता है, जब स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ पशु चिकित्सक, पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और सरकारी विभाग मिलकर काम करें।
उदाहरण के तौर पर, जानवरों में किसी बीमारी के लक्षण समय रहते पहचान लिए जाएं तो उसके इंसानों तक पहुंचने के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है। इसी तरह खाने-पीने की चीजों की साफ-सफाई और सुरक्षा पर ध्यान देकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, वन हेल्थ का नजरिया स्थानीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर तक अपनाया जा सकता है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और तालमेल जरूरी है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







