Responsive Scrollable Menu

Dhanteras Shopping Tips: सोने की खरीदारी में न खाएं धोखा, हॉलमार्क और HUID की सही पहचान बचाएगी आपकी गाढ़ी कमाई

Dhanteras Shopping Tips: त्योहारी सीजन में धनतेरस का दिन हर घर में खुशियां और समृद्धि लेकर आता है. परंपरा के अनुसार इस दिन सोने के गहने या सिक्के खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है. भारतीय परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी यह मान्यता चली आ रही है कि इस अवसर पर घर लाई गई धातु बरकत बढ़ाती है. मौजूदा समय में सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में अगर शुद्धता में जरा सा भी हेरफेर हो जाए तो खरीदार को भारी आर्थिक चपत लग सकती है. मेहनत की गाढ़ी कमाई से की गई खरीदारी में थोड़ी सी समझदारी और सतर्कता आपको किसी भी तरह की धोखाधड़ी से पूरी तरह सुरक्षित रख सकती है.

हॉलमार्क के तीन जरूरी निशान पहचानें

सोने के आभूषण खरीदते समय सबसे पहला ध्यान भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस के हॉलमार्क पर देना चाहिए. यह सरकारी मानक सोने की असली शुद्धता की पक्की गारंटी देता है. किसी भी प्रमाणित गहने पर तीन खास निशान अनिवार्य रूप से बने होते हैं. सबसे पहले बीआईएस का तिकोना लोगो दिखाई देता है. इसके बाद सोने का कैरेट और उसकी शुद्धता का स्तर लिखा होता है. तीसरा सबसे अहम निशान छह अक्षरों और अंकों का अनूठा एचयूआईडी कोड होता है. अगर किसी गहने पर यह तीनों निशान नहीं हैं तो उसे खरीदने से सीधे इनकार कर देना ही समझदारी है.

कैरेट और कीमत का सीधा संबंध

आभूषणों का भाव सीधे तौर पर उसमें मौजूद शुद्ध सोने की मात्रा से तय होता है. यदि गहने का वजन बराबर भी हो, तब भी अलग-अलग कैरेट की कीमत कभी एक जैसी नहीं हो सकती. उदाहरण के तौर पर 22 कैरेट सोने पर 22K916 लिखा रहता है, जिसका अर्थ है कि उसमें 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना मौजूद है. वहीं 18 कैरेट के आभूषण पर 18K750 लिखा होता है, जिसका मतलब 75 प्रतिशत सोना होता है. इसलिए जितने कैरेट का गहना आप चुन रहे हैं, भुगतान भी उसी शुद्धता के अनुपात में करें. जागरूक ग्राहक के तौर पर आपको दुकानदार से मैग्निफाइंग ग्लास मांगकर आभूषण पर लिखे इन बारीक निशानों को खुद अपनी आंखों से देखना चाहिए.

मोबाइल ऐप से करें कोड का मिलान

ग्राहकों की सुविधा के लिए सरकार ने बीआईएस केयर नाम का आधिकारिक मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया है. आभूषण पर दर्ज 6 अक्षरों वाले एचयूआईडी कोड को इस ऐप में डालकर आप गहने की पूरी कुंडली जान सकते हैं. इसमें आभूषण किस केंद्र पर प्रमाणित हुआ, उसकी शुद्धता कितनी है और किस दिन हॉलमार्किंग हुई, यह सारी जानकारी सामने आ जाती है. यदि ऐप में दिखने वाली जानकारी और हाथ में लिए गहने के विवरण में कोई भी फर्क नजर आए तो तुरंत दुकानदार से जवाब मांगें. इसके अलावा जोड़े में मिलने वाले आभूषणों जैसे झुमके या कुंडल के हर हिस्से पर अलग-अलग हॉलमार्क और कोड होना जरूरी है.

सिक्कों की खरीद और पक्के बिल का महत्व

यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि गहनों के लिए बने अनिवार्य हॉलमार्किंग के नियम सोने के सिक्कों और सिल्लियों पर उसी रूप में लागू नहीं होते. सिक्का या बार खरीदते समय विक्रेता की साख, वजन और रिफाइनरी के प्रमाणपत्र की पड़ताल अलग से करें. खरीदारी के बाद पक्का बिल लेना कभी न भूलें. वैध बिल में धातु का शुद्ध वजन, कैरेट, हॉलमार्किंग का शुल्क, मेकिंग चार्ज और जीएसटी की अलग-अलग जानकारी साफ दर्ज होनी चाहिए. यह बिल भविष्य में आभूषण बेचने, बदलने या उसकी शुद्धता की दोबारा जांच कराने के समय आपके सबसे बड़े कानूनी सुरक्षा कवच का काम करता है.

यह भी पढ़ें: दिवाली से पहले कीमती धातुओं में लौटी तेजी, सोना 0.50 प्रतिशत चढ़ा तो चांदी में 3,500 रुपए की उछाल

Continue reading on the app

  Sports

अबू धाबी टी10 लीग में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर ग्रहण, पीसीबी ने रोकी एनओसी

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपने खिलाड़ियों का एनओसी (नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) ब्लॉक कर दिया है। इस वजह से पाकिस्तानी खिलाड़ियों का अबू धाबी टी10 में हिस्सा लेना बहुत मुश्किल हो गया है। Thu, 5 Nov 2026 08:05:31 +0530

  Videos
See all

US Midterm Election LIVE: Abdul El-Sayed Wins, पहले Muslim Senator बने तो Owaisi क्या बोले?| Trump #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-05T02:41:01+00:00

Top 100 News Today | 100 बड़ी खबरें | US Election Result | Rahul Gandhi on PM Modi | BJP |Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-11-05T02:35:18+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers