रीमा कागती से जोया अख्तर तक; फीमेल डायरेक्टर्स जिन्होंने सिनेमा जगत को बनाया संवेदनशील और सशक्त
मुंबई, 8 मार्च (आईएएनएस)। कहते हैं कि सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है, लेकिन बॉलीवुड में सफल फिल्मों के पीछे महिलाओं का हाथ न केवल सहारा दे रहा है, बल्कि कहानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। पुरुष-प्रधान इंडस्ट्री में ये महिला फिल्म निर्माता अपनी संवेदनशीलता, साहस और क्रिएटिविटी से समाज के मुद्दों को पर्दे पर ला रही हैं, दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर रही हैं और सफलता के नए मानक गढ़ रही हैं।
रीमा कागती से जोया अख्तर तक; फीमेल डायरेक्टर्स जिन्होंने सिनेमा जगत को बनाया संवेदनशील और सशक्त
मुंबई, 8 मार्च (आईएएनएस)। कहते हैं कि सफल पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है, लेकिन बॉलीवुड में सफल फिल्मों के पीछे महिलाओं का हाथ न केवल सहारा दे रहा है, बल्कि कहानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। पुरुष-प्रधान इंडस्ट्री में ये महिला फिल्म निर्माता अपनी संवेदनशीलता, साहस और क्रिएटिविटी से समाज के मुद्दों को पर्दे पर ला रही हैं, दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर रही हैं और सफलता के नए मानक गढ़ रही हैं।
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