केंद्र सरकार ने गुरुवार को उन खबरों को पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि वह एविएशन टर्बाइन फ्यूल में इथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि यह दावा पूरी तरह से गलत और गैर-जिम्मेदाराना है कि सरकार एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में इथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। इथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) पूरी तरह से अलग-अलग हैं और इन्हें एक-दूसरे से मिलाना नहीं चाहिए। SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एविएशन फ्यूल है, जिसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइज़ेशन (ICAO) ने मान्यता दी है और दुनिया भर में अपनाया गया है।
नायडू ने कहा कि यह कड़े परीक्षणों से गुजरता है और सुरक्षा के कड़े वैश्विक मानकों को पूरा करता है। एविएशन सुरक्षा के बारे में गलत जानकारी फैलाने से हवाई यात्रियों में केवल बेवजह की चिंता पैदा होती है। यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह स्पष्टीकरण आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के उस बयान के कुछ घंटों बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सूत्रों के अनुसार, इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को वापस लेने की बढ़ती मांगों के बीच नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस योजना पर विचार कर रही है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि ई20 ईंधन व्यवस्था लागू करने के बाद सरकार पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा पता चल रहा है कि वे पेट्रोल में 50 प्रतिशत से अधिक एथनॉल मिलाने वाले हैं। वे बस माहौल शांत होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने पहले आपकी ई0 और ई10 गाड़ियों में जबरन ई20 पेट्रोल डालकर कबाड़ा किया। आज अगर आप नया ई20 वाहन खरीदते हैं तो सरकार कुछ समय बाद उसमें जबरदस्ती ई50 पेट्रोल डालकर उसका कबाड़ा कर देगी।
ई20 पेट्रोल का अर्थ ऐसे ईंधन से है जिसमें 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल मिला होता है। केजरीवाल ने दावा किया कि सरकार जल्द ही डीजल में भी एथनॉल मिलाएगी। उन्होंने लोगों से नए पेट्रोल और डीजल वाहन फिलहाल नहीं खरीदने की अपील की। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विमान टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) में भी एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि सूत्रों से पता चला है कि मोदी सरकार विमान टर्बाइन ईंधन में एथनॉल मिलाने की योजना बना रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।
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