न्यूजीलैंड विमेंस पेसर ली ताहूहू का वनडे क्रिकेट से संन्यास:व्हाइटफर्न्स की टॉप विकेट टेकर रहीं; कहा- टी-20 वर्ल्ड कप अगला टारगेट
न्यूजीलैंड विमेंस क्रिकेट टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज ली ताहूहू ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया। 35 साल की ताहूहू ने अपने 15 साल लंबे वनडे करियर पर ब्रेक लगाया। वे टी-20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगी, उन्होंने कहा कि उनका टारगेट इस साल जून में होने वाला वर्ल्ड कप है। न्यूजीलैंड की सबसे सफल वनडे गेंदबाज ताहूहू ने 2011 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। तब से वे कीवी टीम के बॉलिंग डिपार्टमेंट को लीड कर रही हैं। उन्होंने पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला। इस मुकाबले में उन्होंने 9 रन देकर 1 विकेट लिया। ताहूहू के नाम 3 बड़े रिकॉर्ड्स सपना सच होने जैसा रहा सफर- ताहूहू संन्यास की घोषणा करते हुए ताहूहू भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, "व्हाइटफर्न्स के लिए वनडे खेलना हमेशा गर्व की बात रही। जब मैंने शुरुआत की थी, तो एक मैच खेलना भी बड़ी बात थी, लेकिन अपने देश के लिए 100 से ज्यादा मैच खेलना मेरे लिए सपने जैसा है। मैं इस सफर की हर याद को संजोकर रखूंगी।" टी-20 वर्ल्ड कप बचाने पर फोकस वनडे को अलविदा कहने के बाद अब ताहूहू का पूरा ध्यान टी-20 फॉर्मेट पर है। न्यूजीलैंड की टीम मौजूदा टी-20 वर्ल्ड चैंपियन है और इस साल जून-जुलाई में इंग्लैंड में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में अपने खिताब को डिफेंड करने उतरेगी। ताहूहू ने कहा कि वह टीम को दोबारा चैंपियन बनाने के लिए पूरी तरह मोटिवेटेड हैं। कोच ने बताया 'रोल मॉडल' न्यूजीलैंड के हेड कोच बेन सॉयर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि ली ने वनडे क्रिकेट में गेंदबाजी के नए पैरामीटर सेट किए। उनकी स्पीड और क्रिकेट के लिए डेडिकेशन युवाओं को इंस्पायर करता रहेगा। वे इस देश में विमेंस क्रिकेटर्स के लिए रोल मॉडल हैं। --------------------------------------- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ----------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… 2022 के बाद कैसे बदली टीम इंडिया की अप्रोच 10 नवंबर 2022, टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया को इंग्लैंड ने हरा दिया। हार भी मामूली नहीं, 169 रन का टारगेट 16 ओवर में बगैर विकेट गंवाए ही हासिल कर लिया। मैच के बाद भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने विकेटकीपर दिनेश कार्तिक से कहा, "हमें बदलना होगा।" पढ़ें पूरी खबर…
37 साल पुराना गाना, मोहम्मद अजीज की आवाज ने बयां किया दर्द, इमोशनल हुए मिथुन चक्रवर्ती, फूट-फूटकर रोईं नूतन
नई दिल्ली. 'मुजरिम न कहना मुझे गाना साल 1989 की फिल्म मुजरिम का टाइटल ट्रैक है जिसे मोहम्मद अजीज के करियर के सबसे पावरफुल गानों में से एक माना जाता है. इस गाने में जो दर्द और बगावत सुनाई देती है, वो मोहम्मद अजीज की खास गायकी का ही जादू है. मिथुन चक्रवर्ती पर फिल्माया गया यह गाना एक ऐसे इंसान की कहानी कहता है जिसे दुनिया ने गलत समझा और मुजरिम करार दे दिया. गाने के बोल सीधे दिल पर चोट करते हैं. अनु मलिक का संगीत और मोहम्मद अजीज की बुलंद आवाज ने मिलकर इस गाने को उस दौर का एंथम बना दिया था. आज भी जब मिथुन के फैंस उनके संघर्ष वाले किरदारों को याद करते हैं, तो यह गाना सबसे पहले जेहन में आता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि मिथुन गाने के जरिए अपना दर्द बयां कर रहे हैं वहीं, नूतन घर का दरवाजा बंद करके फूट-फूटकर रो रही हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News18














/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)




