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वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के AI कंपनियों के लिए नए नियम तैयार, सरकार को देना होगा ‘किसी भी वैध उपयोग’ का अधिकार

अमेरिकी सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के लिए नए सख्त दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन नियमों के तहत जो कंपनियां अमेरिकी सरकार के साथ काम करना चाहेंगी, उन्हें अपने AI सिस्टम के किसी भी वैध उपयोग के लिए अमेरिकी सरकार को स्थायी लाइसेंस देना होगा। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, नए दिशानिर्देश जनरल सर्विसिज एडमिनिस्ट्रेशन (GSA) द्वारा तैयार किए गए हैं और यह नागरिक (सिविलियन) सरकारी अनुबंधों पर लागू होंगे। इसका मकसद सरकारी संस्थाओं द्वारा AI सेवाओं की खरीद प्रक्रिया को अधिक सख्त और सुरक्षित बनाना है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी रक्षा विभाग और AI कंपनी एंथ्रोपिक के बीच तनाव बढ़ गया है। पेंटागन ने हाल ही में एंथ्रोपिक को सप्लाई-चेन जोखिम घोषित कर सरकारी ठेकेदारों को सैन्य कार्यों में उसकी तकनीक इस्तेमाल करने से रोक दिया था। ड्राफ्ट नियमों के अनुसार: अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कनाडा में भारतीय मूल की इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, मां का आरोप- 18 बार चाकू मारा, पुराने विवाद के कारण हमला भारतीय मूल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना मंगलवार शाम विंडसर के पास हुई। नैन्सी की मां शिंदर पाल ग्रेवाल का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी बेटी पर 18 बार चाकू से हमला किया और उसकी हत्या कर दी। परिवार के अनुसार, यह हमला किसी पुराने विवाद के कारण किया गया। परिजनों का कहना है कि नैन्सी मूल रूप से लुधियाना जिले के नरंग गांव की रहने वाली थीं। वह कनाडा में एक मरीज से मिलने गई थीं। घर के बाहर निकलते ही कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। मां ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने ऐसी जगह पर वारदात को अंजाम दिया जहां CCTV कैमरे नहीं थे, जिससे साफ है कि हमला पहले से योजनाबद्ध था। परिवार के मुताबिक, नैन्सी का विवाद एक गुरुद्वारे से जुड़े कुछ लोगों के साथ चल रहा था। आरोप है कि उन्होंने गुरुद्वारे के राशन की चोरी का मुद्दा उठाया था और वहां कैमरे लगवाने में मदद की थी। उनकी मां का कहना है कि इसी विवाद के बाद उन्हें धमकियां मिलने लगी थीं। 45 वर्षीय नैन्सी ग्रेवाल पेशे से नर्स थीं और दो कंपनियों में काम करती थीं, जहां वे अक्सर 16 घंटे तक की शिफ्ट करती थीं।

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डिजिटल फ्रॉड होने पर ₹25,000 तक का मुआवजा मिलेगा:RBI का नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क तैयार, 6 अप्रैल तक इस पर सुझाव मांगे

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल ट्रांजैक्शन में होने वाले फ्रॉड से ग्राहकों को बचाने के लिए नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क 'कस्टमर लायबिलिटी इन डिजिटल ट्रांजैक्शंस' जारी किया है। इसके तहत अगर किसी ग्राहक के साथ डिजिटल धोखाधड़ी होती है और वह इसकी तुरंत रिपोर्ट करता है, तो उसे 25,000 रुपए तक का मुआवजा मिल सकता है। नए नियमों का उद्देश्य बैंक शिकायतों के निपटारे में लगने वाले समय को कम करना और छोटे मूल्य के फ्रॉड के लिए एक बेहतर मुआवजा मैकेनिज्म तैयार करना है। आरबीआई ने इस ड्राफ्ट पर जनता और स्टेकहोल्डर्स से 6 अप्रैल, 2026 तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद सरकार इसे लागू करेगी। फ्रॉड की रकम का 85% तक वापस मिल सकेगा प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि 50,000 रुपए तक का डिजिटल फ्रॉड होता है और ग्राहक समय पर इसकी सूचना देता है, तो उसे नुकसान का 85% या ₹25,000 (जो भी कम हो) वापस मिल सकता है। RBI का मानना है कि इससे न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि डिजिटल पेमेंट ईकोसिस्टम और भी सुरक्षित होगा। यह मुआवजा मैकेनिज्म लागू होने की तारीख से एक साल तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद इसके अनुभवों के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी। उदाहरण से समझें फ्रॉड होने पर कितना पैसा वापस मिलेगा पहली स्थिति : अगर ₹10,000 का फ्रॉड हुआ, तो 85% के हिसाब से ₹8,500 वापस मिलेंगे। दूसरी स्थिति : अगर ₹40,000 का फ्रॉड हुआ, तो 85% के हिसाब से ₹34,000 बनते हैं, लेकिन लिमिट ₹25,000 है, इसलिए ₹25,000 ही मिलेंगे। 2017 के नियमों में बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी? आरबीआई ने बताया कि मौजूदा नियम साल 2017 में जारी किए गए थे। पिछले 7-8 सालों में डिजिटल बैंकिंग और पेमेंट का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब अनधिकृत ट्रांजैक्शन के अलावा भी कई तरह के नए इलेक्ट्रॉनिक फ्रॉड सामने आ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुराने नियमों का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया गया है ताकि हर तरह की डिजिटल धोखाधड़ी को इसमें कवर किया जा सके। जल्द निपटेंगे शिकायत के मामले, बैंकों पर बढ़ेगी जवाबदेही नए ड्राफ्ट का एक मुख्य उद्देश्य बैंकों द्वारा शिकायतों को प्रोसेस करने में लगने वाले समय को घटाना है। अक्सर देखा जाता है कि फ्रॉड होने के बाद ग्राहकों को रिफंड के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। RBI चाहता है कि बैंक और वित्तीय संस्थान इस प्रक्रिया को तेज करें। भविष्य में आरबीआई मुआवजे के भुगतान में अपनी हिस्सेदारी कम करने और बैंकों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी विचार करेगा। 6 अप्रैल तक सुझाव दे सकते हैं आम लोग RBI ने इस ड्राफ्ट को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। रेगुलेटेड एंटिटीज (बैंक/NBFCs) और आम जनता इस पर अपनी प्रतिक्रिया ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। फीडबैक मिलने के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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  Sports

T20 World Cup Final: टीम के साथ खड़ा है पूरा देश, न्यूजीलैंड का यह खिलाड़ी फेर सकता है पानी, कौन जीत रहा वर्ल्ड कप?

T20 World Cup Final Match IND VS NZ: रविवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह फाइनल मैच खेला जाएगा. इसी बीच सहरसा के न्यू वॉरियर क्रिकेट अकादमी के युवा खिलाड़ियों ने कहा कि वे सभी मिलकर फाइनल मैच देखने की तैयारी कर रहे हैं और पूरी उम्मीद है कि भारत शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम करेगा. खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि पूरा देश टीम के साथ खड़ा है. Sat, 7 Mar 2026 15:54:19 +0530

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