गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष पिछले महीने छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग करता रहा। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि गृह मंत्री सदन में आकर उनकी चिंताओं का जवाब दें। हंगामे के बीच, मल्लिकार्जुन खड़गे ने चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से आग्रह किया कि वे गृह मंत्री को राज्यसभा में आकर बयान देने का निर्देश दें।
रिजिजू ने इस मांग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पिछले सात दिनों से यही मुद्दा उठा रहे हैं और नियम इस तरह के निर्देश की इजाज़त नहीं देते हैं। रिजिजू ने कहा कि आप चेयर को निर्देश नहीं दे सकते, और जोड़ा कि विपक्ष के नेता सदन को अपनी शर्तें नहीं थोप सकते। रिजिजू ने खड़गे पर विपक्ष के नेता के पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया और कहा कि विपक्ष बार-बार उसी मुद्दे को उस तरह से नहीं उठा सकता, जैसा वे कर रहे थे।
मंत्री ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व उन्हें अपना पहला भाषण देने का मौका नहीं दे रहा है, इसलिए वह सदन के बीचों-बीच (वेल में) आकर नारे लगा रहे हैं। इस तीखी बहस के बीच, राज्यसभा के सभापति ने रिजिजू से कहा कि वह विपक्ष की बात गृह मंत्री तक पहुंचा सकते हैं। विपक्ष, छात्रों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई पर अमित शाह के बयान, राम मंदिर के चंदे में "हेराफेरी" पर चर्चा और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहा है।
इससे पहले बुधवार को, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन की पार्टियों ने संसद में 'प्रेरणा स्थल' पर गांधी जी की मूर्ति से 'मकर द्वार' तक मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने प्लेकार्ड लिए हुए थे और 'चंदा चोर, गद्दी चोर', 'अमित शाह जवाब दो' और 'चंदा चोर कहां मिलेंगे, BJP के दफ़्तर में' जैसे नारे लगाए।
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