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Iran-Israel तनाव से Crude Oil की कीमतों में 'आग', Brent दो साल के High पर पहुंचा।

वैश्विक ऊर्जा बाजार में इन दिनों काफी हलचल देखने को मिल रही है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन तक कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। मौजूद जानकारी के अनुसार यह बढ़त पिछले दो साल में साप्ताहिक आधार पर सबसे बड़ी बढ़तों में से एक मानी जा रही है।

हालांकि सप्ताह के दौरान शुरुआत में कीमतों में थोड़ी गिरावट भी देखी गई थी। एक समय ऐसा भी आया जब तेल की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज हुई। बताया जा रहा है कि यह गिरावट उस समय आई जब अमेरिका की ओर से ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कुछ संभावित कदमों के संकेत मिले।

मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिकी प्रशासन रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से तेल जारी करने, ईंधन मिश्रण नियमों में ढील देने और जरूरत पड़ने पर ट्रेजरी विभाग की भूमिका बढ़ाने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहा है। इन संकेतों से बाजार में शुरुआती दबाव देखने को मिला।

इसके बावजूद पूरे सप्ताह के दौरान तेल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। खास तौर पर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ने जैसी स्थिति बताई जा रही है, जिससे बाजार में चिंता बढ़ी है।

इसी बीच क्षेत्रीय तनाव भी लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें बहरीन के एक तेल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। वहीं इज़राइल की ओर से तेहरान में हवाई हमले जारी रहने की जानकारी मिल रही है। इसी तनाव के बीच अमेरिका ने कुवैत में अपने दूतावास की गतिविधियों को भी अस्थायी रूप से सीमित किया है।

तेल बाजार की तकनीकी स्थिति पर नजर डालें तो डब्ल्यूटीआई क्रूड फिलहाल लगभग 81 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक 78.19 डॉलर का स्तर अब महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। अगर कीमतें इस स्तर के ऊपर बनी रहती हैं तो आगे 82 डॉलर से लेकर 84 डॉलर तक का स्तर देखने को मिल सकता है।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कच्चा तेल भी मजबूत रुख के साथ लगभग 85 डॉलर के आसपास बना हुआ है। बताया जा रहा है कि ब्रेंट क्रूड ने 84.49 डॉलर के महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर को पार कर लिया है और बाजार में ऊपर की दिशा का रुझान फिलहाल बरकरार दिखाई दे रहा है।

दूसरी ओर प्राकृतिक गैस के बाजार में थोड़ी कमजोरी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। प्राकृतिक गैस फ्यूचर्स करीब 2.97 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहे हैं और 2.91 डॉलर का स्तर फिलहाल महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि अगर गैस की कीमतें 2.91 डॉलर के नीचे जाती हैं तो आगे 2.84 और 2.77 डॉलर जैसे स्तरों पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं यदि बाजार इस सपोर्ट के ऊपर टिकता है तो 3 डॉलर से ऊपर की ओर फिर से रिकवरी देखने को मिल सकती है।

कुल मिलाकर मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को काफी हद तक प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति और आपूर्ति से जुड़े संकेत ही तय करेंगे कि तेल और गैस की कीमतों का रुख किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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Flipkart की IPO से पहले बड़ी तैयारी, Cost Cutting के नाम पर 500 कर्मचारियों की हुई छंटनी

ई-कॉमर्स सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट ने हाल ही में अपने वार्षिक परफॉर्मेंस रिव्यू के बाद करीब 400 से 500 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 3 से 4 प्रतिशत बताई जा रही है।

मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक फ्लिपकार्ट हर साल परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ कर्मचारियों को बाहर करने की प्रक्रिया अपनाता है, लेकिन इस बार यह संख्या सामान्य से थोड़ी ज्यादा बताई जा रही है। आमतौर पर कंपनी 1-2 प्रतिशत कर्मचारियों को ही इस प्रक्रिया के तहत हटाती रही है।

बताया जा रहा है कि इस बार की छंटनी ऑपरेशन, इंजीनियरिंग और मार्केटिंग जैसे कई विभागों में की गई है। कई कर्मचारियों को वार्षिक मूल्यांकन में कम रेटिंग मिलने के बाद परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान यानी पीआईपी में रखा गया था, जिसके बाद उन्हें संगठन से अलग होने को कहा गया।

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फ्लिपकार्ट नियमित रूप से परफॉर्मेंस रिव्यू की प्रक्रिया अपनाती है, जो तय मानकों और अपेक्षाओं के अनुसार होती है। इसी प्रक्रिया के तहत कुछ कर्मचारी संगठन से बाहर भी जाते हैं और उन्हें ट्रांजिशन के दौरान सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब फ्लिपकार्ट ने कर्मचारियों की संख्या घटाई है। इससे पहले साल 2023 में कंपनी ने करीब 1000 से 1200 कर्मचारियों को बाहर किया था। वहीं साल 2024 में भी कंपनी ने अपने कर्मचारियों की संख्या में करीब 5 से 7 प्रतिशत तक कटौती की थी।

बता दें कि वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट में फिलहाल करीब 18 हजार से 20 हजार कर्मचारी काम करते हैं। कंपनी पिछले कुछ समय से अपने मैनेजमेंट स्ट्रक्चर और लागत को संतुलित करने की दिशा में भी काम कर रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी अपने सीनियर लीडरशिप ढांचे में भी बदलाव कर रही है। पहले जहां करीब 18 सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे, अब उनकी संख्या घटाकर एक दर्जन से भी कम कर दी गई।

इस बीच फ्लिपकार्ट की ओर से भारत में पब्लिक लिस्टिंग यानी आईपीओ की तैयारी भी की जा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत कंपनी अपने मुख्यालय को सिंगापुर से वापस भारत स्थानांतरित करने की दिशा में भी कदम उठा रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण से मंजूरी भी मिल चुकी है।

गौरतलब है कि ई-कॉमर्स सेक्टर में हाल के महीनों में कई कंपनियों ने लागत कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने के कदम उठाए हैं। फ्लिपकार्ट की प्रतिस्पर्धी कंपनी अमेज़न ने भी इसी साल जनवरी में वैश्विक स्तर पर छंटनी की थी, जिसमें हजारों कर्मचारियों की नौकरी प्रभावित हुई थी।

उधर फ्लिपकार्ट अपने नए कारोबार को भी तेजी से बढ़ाने में लगी है। कंपनी ने पिछले साल अगस्त में अपनी क्विक कॉमर्स सेवा फ्लिपकार्ट मिनट्स शुरू की थी, जिसे देश के कई शहरों में तेजी से विस्तार दिया जा रहा है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो फ्लिपकार्ट इंटरनेट, जो कंपनी का मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म संचालित करता है, ने वित्त वर्ष 2025 में लगभग 20,493 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत की वृद्धि है, जबकि इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर लगभग 1,494 करोड़ रुपये रह गया है।

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  Sports

भारत-न्यूजीलैंड जहां साउथ अफ्रीका से हारे, वहीं फाइनल खेलेंगे:इकोनॉमी, रन-रेट में दोनों बराबर; पावरप्ले में कीवी, मिडिल ओवर्स में इंडिया आगे

टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी को 20 टीमों के बीच शुरू हुआ। 5 मार्च तक 2 फाइनलिस्ट टीमें मिल गईं, जिनके बीच 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। न्यूजीलैंड ने कोलकाता और भारत ने मुंबई में सेमीफाइनल जीता। दोनों ही टीमें अहमदाबाद में 1-1 मैच साउथ अफ्रीका से हार चुकी हैं, अब इसी मैदान पर टाइटल की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 2007 और 2024 में चैंपियन बन चुका है, वहीं कीवी टीम 2021 के बाद अब फाइनल में पहुंची है। टूर्नामेंट में दोनों टीमों का प्रदर्शन… भारत को इकलौती हार सुपर-8 स्टेज में मिली मेजबान भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ मैच से की। पावरप्ले में 4 विकेट गंवाने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 84 रन बनाए और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। टीम ने फिर नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ आसान मुकाबले जीते। सुपर-8 स्टेज में होम टीम का पहला मैच साउथ अफ्रीका से अहमदाबाद में हुआ। पावरप्ले में विकेट गिरने के बावजूद प्रोटियाज टीम ने 187 रन बना दिए। भारत 111 ही बना सका। इस हार के बाद भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 256 रन बनाकर कमबैक किया। टीम ने फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ 197 रन चेज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत ने 253 रन बना दिए, लेकिन ये स्कोर भी जीत के लिए काफी नहीं लग रहा था। इंग्लैंड के युवा बैटर जैकब बेथेल ने शतक लगाया और टीम को जीत के करीब पहुंचाया। हालांकि, भारत ने 7 रन के करीबी अंतर से हाई-स्कोरिंग मैच जीता और फाइनल में एंट्री कर ली। हर स्टेज में 1-1 मैच हारा न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड ने ग्रुप स्टेज में अफगानिस्तान को हराकर टूर्नामेंट शुरू किया। टीम ने फिर UAE को 10 विकेट से हरा दिया। चेन्नई में दोनों मैच खेलने के बाद टीम अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका से भिड़ने चली गई। जहां प्रोटियाज टीम ने 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया। न्यूजीलैंड ने फिर चेन्नई में कनाडा को हराया और सुपर-8 में एंट्री कर ली। सेकेंड राउंड में न्यूजीलैंड का पाकिस्तान के खिलाफ पहला ही मैच बारिश के कारण बेनतीजा हो गया। टीम फिर कोलंबो में होम टीम श्रीलंका के खिलाफ स्ट्रगल कर रही थी। पावरप्ले और मिडिल ओवर्स में खराब प्रदर्शन के बाद डेथ ओवर्स में 70 रन बनाकर टीम ने 168 रन बना दिए। श्रीलंका 107 रन ही बना सका। होम टीम को हराने के बाद टीम इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी सुपर-8 मैच हार गई। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम श्रीलंका पर डिपेंड हो गई। श्रीलंका ने अपने आखिरी मैच में पाकिस्तान को 7 रन से हराया और बेहतर रन रेट के कारण न्यूजीलैंड ने क्वालिफाई कर लिया। सेमीफाइनल में टीम ने साउथ अफ्रीका के 170 रन का टारगेट 12.5 ओवर में ही चेज कर लिया। स्ट्राइक रेट में आगे न्यूजीलैंड न्यूजीलैंड ने दोनों मेजबान देशों में अपने मैच खेले। भारत के मुकाबले श्रीलंका में रन बनाना मुश्किल होता है, इसके बावजूद कीवी टीम ने भारत से बेहतर रन रेट और स्ट्राइक रेट से स्कोर किया। कीवी टीम का बैटिंग औसत भी भारत के 27.31 के मुकाबले 41.68 रहा। न्यूजीलैंड के 2 ही बैटर्स खाता नहीं खोल सके, जबकि भारत के बैटर्स 11 बार टूर्नामेंट में खाता नहीं खोल पाए। टीम इंडिया ने बाउंड्री लगाने में जरूर न्यूजीलैंड को पीछे छोड़ दिया। भारत ने 88 छक्के और 128 चौके लगाए। कीवी टीम 57 सिक्स और 109 चौके ही लगा पाई। भारत ने टूर्नामेंट में 3 बार 200 प्लस का स्कोर भी बनाया, जबकि कीवी टीम का बेस्ट स्कोर 183 रन ही है। हालांकि, ये स्कोर भी रन चेज में आया था। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स भारत से बेहतर न्यूजीलैंड ने 7 पारियां खेलीं, इनमें टीम को 41 विकेट मिले। 18 स्पिनर्स और बाकी पेसर्स ने लिए। दूसरी ओर टीम इंडिया ने 8 पारियों में 59 विकेट लिए। 23 स्पिनर्स और बाकी पेसर्स को मिले। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने 7.5 की इकोनॉमी से रन खर्च किए, जबकि भारत के स्पिनर्स ने 8.3 की इकोनॉमी से रन लुटाए। ओवरऑल इकोनॉमी में भी न्यूजीलैंड ने भारत से बेहतर परफॉर्म किया। मिडिल ओवर्स में स्ट्रॉन्ग है टीम इंडिया अलग-अलग फेज में बैटिंग देखें तो टीम इंडिया ने पावरप्ले में औसतन 58 रन बनाने में 2 विकेट गंवाए हैं। हालांकि, टीम 2 बार 80 प्लस भी बना चुकी है, लेकिन ये स्कोर नामीबिया और जिम्बाब्वे के खिलाफ रहे। 7 से 16 ओवर के बीच भारत जरूर स्ट्रॉन्ग रहा, टीम ने औसतन 93 रन बनाने में 3 विकेट गंवाए। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 123 रन टीम का बेस्ट स्कोर रहा। डेथ ओवर्स में टीम इंडिया कमजोर रही। आखिर के 4 ओवर्स में औसत स्कोर 44 रन ही रहा। टीम 3 बार ही 60 प्लस रन बना सकी और एक बार भी 70 का स्कोर पार नहीं कर पाई। न्यूजीलैंड पावरप्ले में बहुत स्ट्रॉन्ग न्यूजीलैंड को फिन एलन और टिम साइफर्ट की ओपनिंग जोड़ी ने मजबूत शुरुआत दिलाई। टारगेट का पीछा करते हुए अक्सर दोनों प्लेयर्स ने फिफ्टी पार्टनरशिप की और मिडिल ओवर्स में ही मैच खत्म कर दिया। शुरुआती 6 ओवर में टीम ने औसतन 62 रन बनाने में 1 विकेट गंवाया। 84 रन टीम का बेस्ट स्कोर रहा, जो उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में बनाया। मिडिल ओवर्स में न्यूजीलैंड ने विकेट जरूर औसतन 2 ही गंवाए, लेकिन टीम का औसत स्कोर भी 89 तक ही पहुंच सका। हालांकि, टीम कनाडा के खिलाफ इस फेज में 116 रन बना चुकी है। डेथ ओवर्स में न्यूजीलैंड की हालत भारत से भी कमजोर है, टीम का औसत स्कोर 39 रन ही रहा। हालांकि, टीम को 4 बार ही आखिरी 4 ओवर में बैटिंग का मिला, ज्यादातर मौकों पर मैच 16वें ओवर से पहले ही खत्म हो गया। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की रेस में सैमसन भारत के लिए ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन टॉप-3 स्कोरर रहे। ईशान और सूर्या ने 8-8 मैच खेले, लेकिन संजू ने 4 ही मैचों में 2 फिफ्टी लगाकर 232 रन बना दिए। उन्हें ICC ने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की रेस में भी रखा है। क्योंकि सैमसन भारत के दोनों नॉकआउट मैचों में प्लेयर ऑफ द मैच रहे। अगर वे फाइनल में भी मैच जिताऊ पारी खेलते हैं तो इस अवॉर्ड को जीत सकते हैं। वरुण को 13 विकेट, बुमराह की इकोनॉमी कमाल गेंदबाजी में भारत के लिए मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती 8 मैचों में 13 विकेट ले चुके हैं। एक और विकेट लेते ही वे टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर बन जाएंगे। वरुण ने ग्रुप स्टेज के 4 मैचों में 9 विकेट लिए, लेकिन बाद के 4 मुकाबलों में वे 4 विकेट ही ले सके। उनकी इकोनॉमी भी बेहद खराब रही। सेमीफाइनल में तो वरुण ने 4 ही ओवर में 64 रन खर्च कर दिए। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने जरूर अपनी इकोनॉमिकल बॉलिंग से टीम को संभाले रखा। बुमराह ने महज 6.62 की इकोनॉमी से 10 विकेट झटक लिए। वहीं हार्दिक ने 9 से कम की इकोनॉमी से 8 विकेट अपने नाम किए। एलन-साइफर्ट में टॉप स्कोरर बनने की जंग न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर फिन एलन और टिम साइफर्ट टूर्नामेंट में छाए रहे। एलन ने सेमीफाइनल में 33 गेंद पर सेंचुरी लगाई, वे 289 रन बनाकर टूर्नामेंट के तीसरे टॉप स्कोरर हैं। 95 रन बनाकर वे टॉप स्कोरर भी बन सकते हैं। दूसरी ओर साइफर्ट 3 फिफ्टी लगाकर 274 रन बना चुके हैं। रचिन की इकोनॉमी बुमराह के बराबर ऑलराउंडर रचिन रवींद्र ने बैटिंग से ज्यादा काम स्पिन गेंदबाजी में किया है। उन्होंने 8 मैचों में महज 6.88 की इकोनॉमी से रन खर्च करते हुए 11 विकेट झटक लिए। सेमीफाइनल में 2 अहम विकेट लेने वाले मैट हेनरी के नाम भी 9 विकेट हैं। मिचेल सैंटनर और लॉकी फर्ग्यूसन ने भी दोनों बॉलर्स का बखूबी साथ दिया है। भारत की स्ट्रेंथ और वीकनेस न्यूजीलैंड की स्ट्रेंथ और वीकनेस Fri, 06 Mar 2026 23:09:48

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