Kanwar Yatra 2026: हरिद्वार में शिवभक्ति का अनोखा रंग, रंग-बिरंगी कांवड़ों से सजा बाजार
Kanwar Yatra 2026: सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा हुआ है. हर की पौड़ी से लेकर बड़ा बाजार और कांवड़ बाजार तक रंग-बिरंगी, एलईडी लाइटों, त्रिशूल, डमरू और भगवान शिव की आकर्षक तस्वीरों से सजी कांवड़ों की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है. इस बार कांवड़ों के साथ-साथ भोलेनाथ की छोटी-बड़ी मूर्तियों का भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. श्रद्धालु कांवड़ के साथ शिव प्रतिमाएं, नंदी की मूर्तियां और धार्मिक सजावटी सामान भी बड़ी संख्या में खरीद रहे हैं. अधिक जानकारी के लिए देखें पूरा वीडियो-
तरुण तेजपाल को कितनी हो सकती है सजा? रेप केस में 10 साल से लेकर उम्रकैद...! SC में याचिका दायर
Tarun Tejpal Rape Case: तहलका मैगजीन के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के चर्चित रेप मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब सजा का इंतजार है. गोवा पुलिस की जांच अधिकारी सुनीता सावंत ने बताया कि अदालत दोपहर 2:30 बजे सजा पर फैसला सुनाएगी. उनके मुताबिक रेप के मामले में कानून न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान करता है, जबकि अधिकतम सजा उम्रकैद हो सकती है. वहीं, ये खबर आ रही है कि इस केस में तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. जहां उन्होंने हाई कोर्ट के हालिया फैसले पर एक हफ्ते की रोक की मांग की है.
गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत में सुनीता सावंत ने कहा कि अदालत निर्धारित समय पर सजा का ऐलान करेगी. उन्होंने बताया कि यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और कानून के तहत अदालत के पास 10 साल की सजा से लेकर आजीवन कारावास तक का विकल्प मौजूद है. हालांकि अंतिम फैसला अदालत केस के तथ्यों, सबूतों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए करेगी.
Bombay HC convicts former Tehelka editor Tarun Tejpal in alleged sexual assault case
— ANI Digital (@ani_digital) August 6, 2026
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हाईकोर्ट ने पलटा ट्रायल कोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने गुरुवार को 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के फैसले को पलट दिया. करीब 13 साल तक चले कानूनी संघर्ष के बाद हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि का फैसला सुनाया.
सजा देते हुए कोर्ट इन बातों का रखता है ध्यान
अब अदालत की अगली कार्यवाही में यह तय होगा कि तरुण तेजपाल को कितनी सजा दी जाएगी. कानूनी जानकारों का कहना है कि दोषसिद्धि के बाद सजा तय करते समय अदालत अपराध की प्रकृति, पीड़िता पर पड़े प्रभाव, आरोपी की दलीलों और अन्य परिस्थितियों को भी ध्यान में रखती है.
तरुण तेजपाल को हाईकोर्ट ने माना रेप का दोषी, 2013 गोवा यौन उत्पीड़न केस में पलटा टॉयल कोर्ट का फैसला
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2013 का है. गोवा में आयोजित 'थिंक फेस्ट' के दौरान एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उसके साथ दो बार यौन उत्पीड़न किया. उस समय पीड़िता तहलका समूह में ही काम करती थी. आरोप सामने आने के बाद मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था.
ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में तरुण तेजपाल को किया था बरी
घटना के बाद गोवा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई और मामला ट्रायल कोर्ट पहुंचा. मई 2021 में ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था. इसके खिलाफ गोवा सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की थी.
13 साल की कानूनी लड़ाई के बाद नया मोड़
करीब 13 साल तक चले इस मामले में कई बार सुनवाई हुई, गवाहों के बयान दर्ज हुए और दोनों पक्षों ने अदालत में अपनी-अपनी दलीलें रखीं. आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया. अब पूरा ध्यान सजा पर आने वाले फैसले पर है.
#WATCH | Panaji | Goa Police's Sunita Sawant, who was the Investigating Officer in Tarun Tejpal sexual assault case, says, "The court has convicted the accused. The court will pronounce the quantum pf sentence at 1430 hours. This is a sentence where a girl has stood up for her… pic.twitter.com/Pb7rq6sPiW
— ANI (@ANI) August 6, 2026
रेप के मामले में क्या कहता है कानून?
जांच अधिकारी सुनीता सावंत के अनुसार रेप के मामले में न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है. वहीं अधिकतम सजा उम्रकैद तक हो सकती है. अदालत दोपहर 2:30 बजे होने वाली सुनवाई में यह तय करेगी कि तरुण तेजपाल को कितनी सजा दी जाए. इस बीच तेजपाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं ये देखने वाली बात होगी कि सुप्रीम कोर्ट उनकी याचिका पर क्या निर्णय लेता है.
टाइमलाइन: 13 साल में क्या-क्या हुआ?
नवंबर 2013: गोवा के थिंक फेस्ट के दौरान महिला पत्रकार ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया.
2013: गोवा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
2021: गोवा की ट्रायल कोर्ट ने तरुण तेजपाल को बरी कर दिया.
2021: गोवा सरकार ने बरी किए जाने के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी.
6 अगस्त 2026: बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया.
6 अगस्त 2026: दोपहर 2:30 बजे: सजा पर अदालत का फैसला प्रस्तावित.
6 अगस्त 2026: हाई कोर्ट के आदेश के बाद तेजपाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
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