तरुण तेजपाल दोषी करार: 2013 यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बरी होने का आदेश पलटा
Tarun Tejpal convicted: बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने गुरुवार को तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया है। इससे पहले मापुसा की ट्रायल कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए तेजपाल को इस मामले में बरी कर दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने अब पलट दिया है। यह फैसला जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर की खंडपीठ ने सुनाया।
हाईकोर्ट ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(2)(f), 376(2)(k), 354A और 354B के तहत दोषी पाया है। फिलहाल अदालत सजा की मात्रा को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुन रही है, और सजा का ऐलान दोपहर 2:30 बजे किया जाना तय है।
सॉलिसिटर जनरल ने की सख्त सजा की मांग
गोवा सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से तेजपाल को अधिकतम सजा देने की अपील की। उन्होंने दलील दी कि पीड़िता के बार-बार मना करने के बावजूद तेजपाल लगातार आगे बढ़ते रहे। मेहता ने यह भी बताया कि पीड़िता की उम्र तेजपाल की बेटी के बराबर थी और तेजपाल एक भरोसे की स्थिति में मौजूद थे।
#WATCH | Panaji, Goa | Tehelka magazine Founder Tarun Tejpal leaves from the court premises, after being convicted in the 2013 sexual assault case by Bombay High Court at Goa. The pronouncement of sentence at 1430 hours today. pic.twitter.com/4pPTMnXRZG
— ANI (@ANI) August 6, 2026
अदालत में मेहता ने कहा, "पीड़िता के मना करने के बावजूद वह आगे बढ़ते रहे। वह एक पिता समान व्यक्ति थे और उन्हें ऐसा आचरण नहीं करना चाहिए था। इस अदालत को समाज में यह स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि जब कोई लड़की मना करती है, तो उसका मतलब मना ही होता है। नो मीन्स नो।" उन्होंने कहा कि यह मामला एक मजबूत नज़ीर कायम करने योग्य है।
तेजपाल बोले - "मैं खुद पीड़ित हूं"
सजा सुनाए जाने से पहले अदालत के समक्ष तेजपाल ने नरमी बरतने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, "मैं 62 साल का हूं और मुझे लगता है कि मैं एक पीड़ित हूं। मेरी एक पत्नी है, और इसके अलावा कहने को ज्यादा कुछ नहीं है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि हम अपील कर सकते हैं। मेरे प्रति नरमी बरती जाए। बाकी तथ्य रिकॉर्ड पर मौजूद हैं।"
जानें क्या था पूरा मामला
यह मामला नवंबर 2013 में गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान का है, जब तेजपाल पर एक होटल की लिफ्ट के अंदर अपनी पूर्व जूनियर सहयोगी के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। बाद में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था, जिसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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