अमरूद की खेती करने वाले किसान जरूर पढ़ें, उन्नत किस्मों से मिलेगा दोगुना फायदा
अमरूद की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला बेहतरीन विकल्प है. यदि किसान सही मिट्टी का चयन, उन्नत किस्मों का उपयोग, संतुलित खाद एवं उर्वरक, समय पर सिंचाई और प्रभावी रोग-कीट प्रबंधन अपनाएं तो बंपर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. एग्रीकल्चर एक्सपर्ट बजरंग सिंह के अनुसार, बलुई दोमट मिट्टी, छह मीटर की दूरी पर पौधरोपण, ड्रिप सिंचाई और नियमित छंटाई से फलों की गुणवत्ता और पैदावार दोनों बढ़ती हैं. फल मक्खी व फफूंदजनित रोगों से बचाव के लिए समय पर दवा और जैविक उपाय अपनाना भी बेहद जरूरी है.
Transfer News: आईएफएस अधिकारियों के तबादले, जानिए किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
उत्तराखंड शासन ने वन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के तबादले किए है। 5 अगस्त 2026 को सचिव सी. रविशंकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने वरिष्ठ IFS अधिकारियों से लेकर उप वन संरक्षक (DCF) स्तर के 19 अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल किया है।
सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदों पर कार्यभार ग्रहण कर शासन को अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ IFS अधिकारी और नई जिम्मेदारियां
- नीना ग्रेवाल (IFS 1993): प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) / मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक । प्रबंध निदेशक (उत्तराखंड वन विकास निगम) का अतिरिक्त प्रभार ।
- बी के गांगटे (IFS 1998): मुख्य कार्यकारी अधिकारी (कैम्पा/CAMPA) ।वन अनुसंधान, प्रबंधन एवं प्रशिक्षण का अतिरिक्त प्रभार।
- सुरेंद्र मेहरा (IFS 1999): APCCF (नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन) । सतर्कता एवं विधि प्रकोष्ठ का प्रभार
- डॉ. पराग मधुकर धकाते (IFS 2002): प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ।
- कल्याणी (IFS 2012): शासन में अपर सचिव के पद से स्थानांतरित कर वन संरक्षक (यमुना वृत्त) ।
- नीतू लक्ष्मी एम. (IFS 2010): अपर सचिव, वन विभाग (उत्तराखंड शासन)।
- सुशांत कुमार पटनायक (IFS 2002): CCF वन संरक्षण, वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन तथा पर्यावरण । ‘वन पंचायत एवं सामुदायिक वानिकी’ का अतिरिक्त प्रभार ।
- चंद्र शेखर सनवाल (IFS 2010): प्रतीक्षारत श्रेणी से हटाकर वन संरक्षण, नोडल कार्यालय (देहरादून) में तैनात किए गए हैं।
आदेश के अनुसार, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल से कैंपा की जिम्मेदारी वापस ली गई है। मसूरी के डीएफओ अमित कंवर को चकराता प्रभाग, वैभव कुमार सिंह को देहरादून, नीरज कुमार को वन विकास निगम, हिमांशु बागड़ी को टिहरी की जिम्मेदारी दी गई है। दीपक सिंह को तराई पूर्वी, आशुतोष सिंह को टोंस फॉरेस्ट डिवीजन,पुनीत तोमर को तराई पश्चिमी डिवीजन, जीवन मोहन को उत्तरकाशी और अभिमन्यु को अल्मोड़ा दिया गया है.
इसके अलावा आदित्य रत्न को पिथौरागढ़, रजत सुमन को केदारनाथ फॉरेस्ट डिवीजन प्रणाली को बदरीनाथ फॉरेस्ट डिवीजन, प्रकाश चंद्र आर्य को बागेश्वर, देवी प्रसाद बलूनी को मसूरी, विनीत कुमार को रुद्रप्रयाग, गौरव वर्माको लैंसडाउन और यश ढोबले को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क भेजा गया है।
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