पति से अलग, बेटे से दूरी और अकेलेपन का दर्द, काफी दर्दभरी 'पवित्र रिश्ता' की उषा नाडकर्णी की कहानी
Actress Usha Nadkarni Living Alone: टीवी के सुपरहिट शो 'पवित्र रिश्ता' में अपनी दमदार अदाकारी से घर-घर पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस उषा नाडकर्णी आज 80 साल की उम्र में भी एक्टिंग की दुनिया में पूरी एक्टिवनेस के साथ काम कर रही हैं. पर्दे पर अक्सर सख्त सास या मजबूत महिला के किरदार निभाने वाली उषा नाडकर्णी की असल जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. उनकी जिंदगी में ऐसे कई उतार-चढ़ाव आए, जिन्होंने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया. पति से अलग होना, बेटे से दूरी, अकेलेपन का एहसास और बचपन में घरेलू हिंसा जैसी दर्दनाक घटनाओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उषा नाडकर्णी ने पहली बार अपनी निजी जिंदगी के कई ऐसे पहलुओं पर खुलकर बात की जिनके बारे में लोग अब तक नहीं जानते थे. उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी संघर्षों से भरी रही, लेकिन उन्होंने हर मुश्किल का डटकर सामना किया.
1987 से अकेले रह रही हैं उषा नाडकर्णी
उषा नाडकर्णी ने बताया कि वो पिछले कई दशकों से मुंबई स्थित अपने फ्लैट में अकेले रह रही हैं. उन्होंने कहा कि शुरुआत में अकेले रहने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खुद को मजबूत बना लिया. उन्होंने बताया कि अब उन्हें अकेले रहने की आदत हो चुकी है. घर के सभी काम, डेली रूटीन और शूटिंग की जिम्मेदारियां वो खुद ही संभालती हैं. उनका कहना है कि आत्मनिर्भर बनना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
पति से अलग हुईं
उषा नाडकर्णी ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि वो काफी समय पहले अपने पति से अलग हो गई थीं. हालांकि इस रिश्ते के खत्म होने के बावजूद उन्होंने कभी अपने पति या उनके परिवार के प्रति मन में कोई नाराजगी या नफरत नहीं रखी. उन्होंने कहा कि रिश्ते टूटने के बाद भी उन्होंने इंसानियत का रिश्ता बनाए रखा. कई मौकों पर उन्होंने पूरे नाडकर्णी परिवार को अपने घर पर खाने के लिए भी बुलाया. उनके मुताबिक, जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए मन में कड़वाहट रखने से बेहतर है कि इंसान पुरानी बातों को पीछे छोड़ दे.
बेटे की परवरिश नहीं कर पाने का आज भी है अफसोस
उषा नाडकर्णी की जिंदगी का सबसे भावुक हिस्सा उनके बेटे से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि उनका इकलौता बेटा अब विदेश में रहता है. एक्टिंग की दुनिया में लगातार व्यस्त रहने की वजह से वो बेटे को उतना समय नहीं दे सकीं जितना एक मां देना चाहती है. उन्होंने बताया कि बेटे की परवरिश उनकी मां यानी उसकी नानी ने की. इसी वजह से उनका बेटा आज भी मजाक में कहता है, "आपने मुझे सिर्फ जन्म दिया है, मेरी असली मां तो नानी थीं." उषा कहती हैं कि बेटे की ये बात मजाक में होती है, लेकिन एक मां होने के नाते ये बात उन्हें अंदर तक महसूस होती है. उन्हें इस बात का अफसोस जरूर है कि काम की व्यस्तता के कारण वो बेटे के बचपन का पूरा हिस्सा उसके साथ नहीं जी सकीं.
अकेलेपन के बीच सबसे बड़ा डर क्या है?
उषा नाडकर्णी ने अकेले रहने के दौरान अपने सबसे बड़े डर का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अकेले रहना शुरू किया था, तब उन्हें हर समय डर लगा रहता था कि कहीं कोई पीछे से हमला न कर दे. उन्होंने बताया कि शूटिंग से देर रात लौटने पर वो बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड से कहती थीं कि उन्हें घर के दरवाजे तक छोड़कर आए. धीरे-धीरे समय बीतता गया और उनका डर भी खत्म हो गया. अब उन्हें अकेले रहने में किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होती.
हालांकि उन्होंने एक ऐसी बात भी कही जिसने सभी को भावुक कर दिया. उषा ने कहा कि कभी-कभी वो सोचती हैं कि अगर रात में उनकी मौत हो जाए तो क्या किसी को इसकी खबर भी होगी? फिर वो खुद ही हंसते हुए माहौल हल्का कर देती हैं और कहती हैं, "पड़ोसी दरवाजा खटखटाकर कहेंगे- अरे, बुढ़िया ने आज दरवाजा नहीं खोला."
बचपन में पिता की मारपीट
उषा नाडकर्णी ने अपने बचपन का दर्द भी साझा किया. उन्होंने बताया कि उनके पिता बेहद गुस्सैल स्वभाव के थे और छोटी-छोटी बातों पर बच्चों की पिटाई कर देते थे. उन्होंने एक दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार उनके पिता उनके भाई को मार रहे थे. जब उन्होंने अपने भाई को बचाने की कोशिश की तो पिता का गुस्सा उन पर टूट पड़ा. उन्होंने उन पर घुमावदार धार वाले हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ में गंभीर चोट लग गई.
चोट इतनी गहरी थी कि किसी भी बच्चे का हिम्मत हार जाना स्वाभाविक था, लेकिन उषा ने हार नहीं मानी. उन्होंने बताया कि अगले ही दिन वो घायल हाथ के बावजूद स्टेज पर नाटक करने पहुंच गईं. एक्टिंग के प्रति उनका जुनून बचपन से ही इतना मजबूत था कि दर्द भी उनके सपनों के आगे छोटा पड़ गया.
मां नहीं चाहती थीं कि बेटी बने एक्ट्रेस
उषा नाडकर्णी बचपन से एक्ट्रेस बनने का सपना देखती थीं, लेकिन उनकी मां को ये बिल्कुल पसंद नहीं था. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अभिनय करने की जिद की तो उनकी मां इतनी नाराज हो गईं कि उन्होंने उनका सामान घर से बाहर फेंक दिया. इसके बाद उषा लगभग एक हफ्ते तक अपनी एक दोस्त के घर रहीं. बाद में उनके पिता उन्हें वापस घर लेकर आए. हालांकि उस समय परिवार का पूरा समर्थन उन्हें नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपने सपने का साथ नहीं छोड़ा.
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आखिरकार शाकिब अल हसन के घर क्यों हुआ प्रेट्रोल बम हमाल? जानिए पुलिस और पार्टी ने दी क्या प्रतिक्रिया
Shakib Al Hasan : बांग्लादेश क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर और पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन के घर पर बीती राज यानी बुधवार (5 अगस्त, 2026) को पेट्रोल बम से हमला हुआ. इस घटना ने बांग्लादेश के साथ-साथ क्रिकेट जगत को भी हिला कर रख दिया. एक क्रिकेटर के घर पर इस तरह का हमला होना चिंता की बात है. आपको बता दें कि, ये हमला तक किया गया जब शाकिब अल हसन पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए. अब ये हमाल क्यों हुआ है. इस पर अब तक पुलिस और पार्टियों का क्या जवाब आया है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
क्यों हुआ साबिक अल हसन के घर पर हमला
शाकिब के घर पर हुए इस हमले को उनकी राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है. शाकिब इस हमले से कुछ घंटे पहले नई दिल्ली में हुई पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिस्सा थे. बता दें कि, शेख हसीना ने दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया और शाकिब श्रीलंका से कार्यक्रम में जुड़े. शाकिब शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के पूर्व सांसद भी रह चुके हैं. इसी वजह से अज्ञात लोनों ने उनके घर पर हमला किया.
Unidentified people tonight attempted to set fire to the Magura house of former Bangladesh cricket captain and former lawmaker Shakib Al Hasan, police said. The incident occurred hours after former Magura-1 MP Shakib joined a media interaction addressed by ousted prime minister…
— ANI (@ANI) August 5, 2026
इस हमले पर आवामी लीग ने बोली बड़ी बात
इस हमले पर आवामी लीग की ओर से कहा कि यह लोकतंत्र के नाम पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का एक और उदाहरण है. आवामी लीग का दावा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले BNP, इस्लामिस्ट जमात और NCP जैसे संगठनों ने मीडिया संस्थानों को कार्यक्रम की रिपोर्टिंग करने को लेकर धमकी दी थी. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
Torching residences : the cost of attending Awami League press conference
— Bangladesh Awami League (@albd1971) August 5, 2026
Neo fascism engulfs Bangladesh
A grisly petrol bomb attack took place at the residence of Bangladesh’s celebrated cricket icon Sakib Al hasan, hours after the world famous star cricketer appeared at a… pic.twitter.com/Uqmwwih3XG
पुलिस ने इस हमले पर क्या कहा
मागुरा सदर पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून ने कहा कि, कुछ उपद्रवियों ने शाकिब के घर पर ईंट-पत्थर फेंके और खिड़कियां तोड़ दीं. घर में आग लगाने की कोशिश भी की गई. हमले में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है. आरोपियों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. शाकिब के घर के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
कैसा रहा शाकिब अल हसन का क्रिकेट करियर
शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए 2006 में डेब्यू किया था. तब से अब तक वो टेस्ट, वनडे और टी20 मिलाकर कुल 447 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले चुके हैं. उन्होंने 14730 रन बनाए हैं. उनके नाम 14 इंटरनेशनल शतक मौजूद हैं. बाएं हाथ के इस स्पिन गेंदबाज के नाम कुल 712 अंतरराष्ट्रीय विकेट भी मौजूद हैं. उन्होंने भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी धमाल मचाया है. उनके नाम आईपीएल में 71 मैचों में 63 विकेकट हासिल किए हैं, जबकि 2 अर्धशतकों की मदद से 793 रन भी बनाए हैं. वो अपनी टीम के लिए टी20 वर्ल्ड कप और वनडे वर्ल्ड कप में कमाल का प्रदर्शन भी कर चुके हैं.
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