टैरिफ पर ट्रंप के बुरे दिन, SC के आदेश के बाद लौटाए 100 अरब डॉलर, भारतीय कंपनियों को कैसे होगा फायदा?
Trump Returned 100 Billion Dollar Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने ही फैसले में फंस चुके हैं. ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए 100 अरब डॉलर के टैरिफ की राशि वापस कर दी. यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा फरवरी में ट्रंप के कई व्यापक करों को रद्द करने के बाद उठाया गया है.
सीमा शुल्क अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने करीब 100 अरब डॉलर के टैरिफ (आयात शुल्क) वापस ले लिए हैं. यह कदम तब उठाया गया, जब अमेरिका की सर्वोच्च अदालत ने कई व्यापारिक साझेदार देशों पर आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके टैरिफ लगाने के फैसले पर रोक लगा दी.
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मुंबई के खान बहादुर भाभा अस्पताल में आज ओपीडी रहेगी बंद
मुंबई, 6 अगस्त (आईएएनएस)। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) के आंदोलन के समर्थन में 6 अगस्त यानी गुरुवार को कुर्ला वेस्ट स्थित खान बहादुर भाभा अस्पताल में ओपीडी बंद रहेगी। इस संबंध में महाराष्ट्र एएसएस.ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स खान बहादुर भाभा अस्पताल कुर्ला (केबीबीएच एमएआरडी) ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर जानकारी दी है।
एसोसिएशन ने पत्र के माध्यम से बताया है कि केबीबीएच एमएआरडी ने बीएमसी एमएआरडी द्वारा बुलाए गए आंदोलन के समर्थन में गुरुवार 6 अगस्त को अस्पताल में रूटीन आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है। यह आंदोलन सीसीएमपी-क्वालिफाइड बीएचएमएस प्रैक्टिशनर्स को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएसी) रजिस्ट्रेशन देने के प्रस्तावित कदम के कड़े विरोध में किया जा रहा है।
केबीबीएच एमएआरडी ने जारी पत्र में कहा है, हमारा मानना है कि ऐसा प्रस्ताव आधुनिक चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के स्थापित मानकों से समझौता करता है। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की अखंडता और विश्वसनीयता को कमजोर करता है और मरीजों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
केबीबीएच एमएआरडी ने आगे कहा, हम प्रशासन को आश्वस्त करना चाहते हैं कि मरीजों के कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए सभी आपातकालीन और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी। जिसमें कैज़ुअल्टी, आपातकालीन सेवाएं, इंटेंसिव केयर यूनिट्स, लेबर रूम, आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर और अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए आपातकालीन देखभाल सहित अन्य सभी जरूरी और जीवन रक्षक सेवाएं शामिल हैं। आंदोलन के दौरान केवल रूटीन ओपीडी सेवाएं ही बंद रहेंगी।
एमएआरडी ने कहा, आंदोलन की आगे की दिशा मेडिकल समुदाय द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी। अगर कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है तो बीएमसी एमएआरडी अपने आंदोलन को और तेज करेगा। साथ ही आधुनिक मेडिकल शिक्षा के मानकों को बनाए रखने, महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल की रजिस्ट्रेशन प्रणाली की विश्वसनीयता की रक्षा करने और मरीजों की देखभाल सुनिश्चित करने के व्यापक हित में संगठन और भी कड़े कानूनी और लोकतांत्रिक कदम उठाएगा।
--आईएएनएस
ओपी/वीसी
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