मुख्य कोच Andrew McDonald का बड़ा फैसला, भारत के खिलाफ Test सीरीज से पहले नहीं होगा अभ्यास मैच
ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा है कि उनकी टीम अगले वर्ष भारत के खिलाफ होने वाली बहुचर्चित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट श्रृंखला से पहले कोई अभ्यास मैच नहीं खेलेगी। उनका मानना है कि उपमहाद्वीप जैसी परिस्थितियों में छोटा तैयारी शिविर टीम के लिए अधिक उपयोगी साबित होगा। पांच टेस्ट मैचों की यह बहुप्रतीक्षित श्रृंखला 21 जनवरी से नागपुर में शुरू होगी।
मैकडोनाल्ड ने ‘क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू’ से कहा, ‘‘हमें लगता है कि परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। इसलिए हम कोई अभ्यास मैच नहीं खेलेंगे। हमारा पूरा ध्यान ऐसी जगह तैयारी करने पर होगा, जहां भारत जैसी परिस्थितियां मिल सकें।
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उन्होंने बताया, ‘‘ टीम के सामने दो विकल्प हैं। ऑस्ट्रेलिया पहले संयुक्त अरब अमीरात में भी तैयारी कर चुका है और 2023 के भारत दौरे से पहले बेंगलुरु में शिविर लगाया था। फिलहाल टीम प्रबंधन इस बात पर विचार कर रहा है कि खिलाड़ियों की तैयारी के लिए कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त रहेगा।’’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों में से जो खिलाड़ी उससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला का हिस्सा नहीं होंगे, उन्हें उस दौरान बिग बैश लीग खेलने के बजाय भारत दौरे की तैयारी पर ध्यान देना होगा।
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रिपोर्ट के अनुसार मैथ्यू कुहनेमैन, टॉड मर्फी, कूपर कोनोली, पीटर हैंड्सकॉम्ब और मैथ्यू रेनशॉ भारत दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों में शामिल हैं। मैकडोनाल्ड ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। भारत की परिस्थितियों के अनुरूप कुछ अलग कौशल वाले खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किया जा सकता है।
इसलिए जरूरी नहीं कि न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला में शामिल टीम ही भारत दौरे पर जाए। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ियों को अतिरिक्त तैयारी की आवश्यकता होगी और इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया में ही कर दी जाएगी। साथ ही बिग बैश लीग और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन भी बनाया जाएगा।
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गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत में पिछली बार 2004-05 सत्र में टेस्ट श्रृंखला जीती थी। इसके बाद से वह भारतीय सरजमीं पर कोई टेस्ट श्रृंखला अपने नाम नहीं कर सका है।
England का Coach बनना चाहते हैं बेन स्टोक्स, कहा- बड़े फैसले लेने में नहीं होती कोई परेशानी
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स ने भविष्य में राष्ट्रीय टीम का कोच बनने की इच्छा जताते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाने के लिए उनके पास आवश्यक अनुभव है। इस 35 वर्षीय हरफनमौला खिलाड़ी ने जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड की टेस्ट श्रृंखला के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। उनके करियर में 2019 विश्व कप में इंग्लैंड की खिताबी जीत और उसी वर्ष हेडिंग्ले में एशेज के दौरान खेली गई उनकी मैच जिताऊ पारी शामिल रही।
स्टोक्स ने 2022 से इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी की थी। स्टोक्स ने ‘फॉर द लव ऑफ क्रिकेट’ पॉडकास्ट में कहा, ‘‘मैं अभी खेलते हुए लेवल-तीन कोचिंग कोर्स कर रहा हूं क्योंकि जब मेरे खेलने का करियर समाप्त होगा तब तक मैं इससे जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लेना चाहता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोच बनना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि खेल से जुड़े रहकर मुझे क्या करना है और वह कोचिंग है।
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क्या मैं एक दिन इंग्लैंड का कोच बनना चाहूंगा? बिल्कुल।’’ स्टोक्स ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि वह इस भूमिका को अच्छी तरह निभा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैं यह जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाऊंगा क्योंकि अब मुझे बड़े फैसलों और उनके साथ आने वाली जिम्मेदारी की पूरी समझ है।
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बड़े फैसले लेने से मुझे कोई परेशानी नहीं होती।’’ इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान हैरी ब्रूक के बारे में स्टोक्स ने कहा कि वह ‘‘असाधारण प्रतिभाशाली’’ खिलाड़ी हैं और उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी नहीं मिलना हैरानी की बात थी। स्टोक्स ने कहा, ‘‘अगर आपको लगता है कि कोई खिलाड़ी अच्छा कप्तान या अच्छा नेतृत्वकर्ता बन सकता है तो उसे मौका देना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ब्रूक को उपकप्तान बनाया गया। जब मैं न्यूजीलैंड के खिलाफ वह टेस्ट नहीं खेल रहा था तब भी मैं सोच रहा था कि ब्रूक उपकप्तान क्यों हैं।’’ स्टोक्स ने कहा, ‘‘मैं इसके पीछे की वजह समझता था लेकिन फिर भी मेरे मन में सवाल था कि इससे उसे क्या संदेश जाता है।
वह उपकप्तान है, कप्तान नहीं खेल रहा है, लेकिन फिर भी उसे कप्तान नहीं बनाया गया। इससे क्या संकेत मिलता है?’’ स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले जो रूट को फिर से टीम का कप्तान नियुक्त किया गया जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग को टीम का मुख्य कोच बनाया गया।
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