टॉप जॉब्स के लिए महिलाओं के आवेदनों में 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी, वर्कफोर्स में भागीदारी 34 प्रतिशत के करीब: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। भारत में महिलाओं द्वारा नेतृत्व और प्रबंधन से जुड़ी नौकरियों के लिए किए जाने वाले आवेदनों में पिछले एक साल के दौरान तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, रणनीतिक और शीर्ष प्रबंधन (टॉप मैनेजमेंट) पदों के लिए महिलाओं के आवेदन सालाना आधार पर 43 प्रतिशत बढ़े हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अपना डॉट सीओ द्वारा किए गए एक विश्लेषण के अनुसार, जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस से जुड़े पदों के लिए महिलाओं के आवेदनों में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब महिला नौकरी तलाशने वाली उम्मीदवार सिर्फ शुरुआती स्तर की नौकरियों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि संगठन के उच्च पदों और रणनीतिक भूमिकाओं में भी अवसर तलाश रही हैं।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि महिलाओं में स्थिर नौकरी की मांग बढ़ रही है। फुल-टाइम नौकरियों के लिए किए गए आवेदन सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़े हैं, जबकि पार्ट-टाइम नौकरियों के लिए आवेदन में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके साथ ही फ्रेशर्स यानी नए उम्मीदवारों के आवेदन में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो अनुभवी पेशेवरों के 11 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं के लिए विशेष रूप से जारी की गई टॉप मैनेजमेंट और रणनीतिक पदों की नौकरियों में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं जोखिम प्रबंधन और कंप्लायंस से जुड़े पदों पर महिलाओं की भर्ती में 57 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा प्रोजेक्ट और प्रोग्राम मैनेजमेंट से जुड़े पदों के लिए महिलाओं के आवेदन लगभग दोगुने हो गए हैं।
राष्ट्रीय श्रम आंकड़ों में भी इसी तरह का रुझान दिखाई देता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के ताजा त्रैमासिक बुलेटिन के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के दौरान महिला श्रम भागीदारी दर बढ़कर 33.7 प्रतिशत हो गई, जो पिछले तिमाही में 33.4 प्रतिशत थी। इसी दौरान महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात बढ़कर 32 प्रतिशत हो गया, जबकि कुल बेरोजगारी दर घटकर 5.2 प्रतिशत रह गई।
तकनीकी क्षेत्रों में भी महिलाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है। डेटा साइंस और एनालिटिक्स से जुड़े पदों के लिए आवेदन में 86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि रिसर्च और डेवलपमेंट में 88 प्रतिशत और क्वालिटी एश्योरेंस में 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं प्रोडक्ट मैनेजमेंट से जुड़ी नौकरियों के लिए आवेदन 62 प्रतिशत बढ़े हैं।
अपना के जॉब्स मार्केटप्लेस के सीईओ कार्तिक नारायण ने कहा कि सीनियर मैनेजमेंट, कंप्लायंस और स्किल-आधारित पदों के लिए बढ़ते आवेदन ये दिखाते हैं कि भारत के श्रम बाजार में महिलाओं की भूमिका अब केवल अवसर पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे आगे बढ़कर नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी संभालना चाहती हैं।
भौगोलिक स्तर पर देखा जाए तो, टियर-2 शहरों में महिलाओं के नौकरी आवेदन में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि टियर-1 शहरों में यह वृद्धि 10 प्रतिशत रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-1 शहरों में सबसे ज्यादा सालाना वृद्धि नोएडा में लगभग 14 प्रतिशत रही। वहीं टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंदौर में करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके विपरीत टियर-2 और टियर-3 शहरों में सूरत में लगभग 3 प्रतिशत और टियर-1 शहरों में मुंबई में करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मासिक धर्म में महिलाएं रखें अपना खास ख्याल, न करें ये गलतियां
नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का एक सामान्य और प्राकृतिक हिस्सा है, लेकिन इस दौरान सही देखभाल और स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। अक्सर महिलाएं इस दौरान कुछ गलतियां कर बैठती हैं, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि मासिक धर्म के दिनों में आप अपने शरीर और स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें।
सबसे पहले, खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इस दौरान शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए हल्का और पौष्टिक भोजन करें। फल, सब्जियां, दालें और प्रोटीन युक्त चीजें अपने आहार में शामिल करें। इसके साथ ही पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और पाचन सही ढंग से काम करे। जंक फूड, ज्यादा तली-भुनी चीजें और ज्यादा मीठा खाने से परहेज करें, क्योंकि ये पेट की तकलीफ और शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं।
दूसरा, शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें। हल्का-फुल्का काम और योग या स्ट्रेचिंग ठीक हैं, लेकिन ज्यादा मेहनत और भारी वर्कआउट से बचें। शरीर इस समय थोड़ी संवेदनशील होता है, इसलिए जरूरत से ज्यादा थकावट से बचना ही बेहतर है।
सबसे महत्वपूर्ण है मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता। हमेशा साफ और सूती कपड़े पहनें और सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करें। पैड को समय-समय पर बदलते रहें, कम से कम हर 4-6 घंटे में। खुले पैक में पैड को न रखें। इससे बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और संक्रमण का खतरा होता है। पैड या कपड़ों को इस्तेमाल के बाद सही तरीके से फेंकना या धोकर रखना चाहिए।
इसके अलावा, व्यक्तिगत हाइजीन पर भी ध्यान दें। रोजाना हल्का सा स्नान करें और खासकर पैड बदलते समय हाथों को अच्छे से धोएं। इससे संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है।
मासिक धर्म के दिनों में थोड़ा ध्यान और सही आदतें अपनाने से न सिर्फ स्वास्थ्य सही रहता है, बल्कि बेहतर महसूस होता है। सही खान-पान, पर्याप्त पानी, हल्की गतिविधि और स्वच्छता के छोटे-छोटे उपायों को अपनाएं। ये आदतें आपको स्वस्थ रखती हैं और मासिक धर्म के दौरान होने वाली तकलीफ को कम करने में मदद करती हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/वीसी
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