MP Weather Today: पन्ना-दमोह समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में बूंदाबांदी, 49 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में अगले तीन-चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। गुरुवार, 6 अगस्त को 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं अन्य में रिमझिम का दौर बना रहेगा।
मौसम विभाग की माने तो मानसून ट्रफ, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के कारण लगातार नमी मिल रही है, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। इसका ज्यादा असर उत्तर और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
गुरुवार को 9 जिलों में भारी का अलर्ट
- मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, आज ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और ग्वालियर संभाग के अधिकांश जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के आसार हैं।
अगले 3 दिन इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया, रीवा, सतना, मैहर और पांढुर्णा में अगले दो-तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी।
MP में सामान्य से 19% पानी गिरा, 43 जिलों की स्थिति कमजोर
- 1 जून से 5 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 19 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- अब तक औसतन 16.3 इंच ( 413.3 मिमी) बारिश हुई है जबकी इस अवधि में 19.5 इंच (507.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 22% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 15% कम पानी गिरा है।
- प्रदेश के 55 में से 49 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग की स्थिति बेहद कमजोर बनी हुई है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों की स्थिति थोड़ी ठीक है।
- अगर बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सामान्य से 7%, इंदौर में 2%, उज्जैन में 14% और जबलपुर में 29% कम बारिश हुई है लेकिन ग्वालियर में 7% से अधिक हुई है।
वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विदिशा पुलिस की पहल, लगी सीनियर सिटीजन पंचायत
विदिशा में पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान करने के लिए समय समय पर सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत आयोजित की जाती है। एक बार फिर पुलिस कंट्रोल रूम में यही नजारा देखने को मिला। जब पारिवारिक विवाद, भरण पोषण और बेटे की उपेक्षा से जुड़े अलग-अलग मामलों की सुनवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन में यह पुलिस पंचायत आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं त्वरित और संवेदनशील तरीके से समाधान करना था।
सीनियर सिटीजन के लिए पुलिस पंचायत
पुलिस पंचायत के दौरान कोर कमेटी की ओर से सामने आई शिकायतों में दोनों पक्षों को सुनने के बाद समझाइश देकर समाधान का प्रयास किया गया। जिन मामलों में सहमति नहीं बन सकी उन्हें वैधानिक प्रक्रिया के लिए आगे भेजा गया। इस कोर कमेटी में डॉ सचिन गर्ग, आर के कुलश्रेष्ठ, डी के बाजपेयी, अजय टंडन, विनोद शाह, पार्थ पितलिया, प्रमोद शाह मौजूद रहे। सभी मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनकर समाधान निकालने की कोशिश की गई।
#सीनियर_सिटिजन_पुलिस_पंचायत में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना गया। पुत्र द्वारा उपेक्षा एवं भरण-पोषण विवाद सहित 4 प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए संवाद, समझाइश एवं वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की गई। #MPPolice #VidishaPolice pic.twitter.com/rgC9plKk91
— @SP_VIDISHA_MP (@sp_vidisha) August 5, 2026
शिकायतों पर दी गई समझाइश
पंचायत के दौरान एक मामला गंजबासौदा के वरिष्ठ नागरिक का सामने आया। जिन्होंने अपने बेटे के दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई थी। जब दोनों पक्षों को सुना गया उसके बाद यह सामने आया कि संवाद की कमी इस विवाद की वजह है। ऐसे में समझाइश देने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए जरूरी निर्देश दिए।
दूसरा मामला भरण पोषण विवाद का था। जिसमें विदिशा की एक महिला ने पति की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष द्वारा भरण पोषण बंद किए जाने की शिकायत की थी। पंचायत ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला। ऐसे में मामला कानूनी कार्रवाई के लिए विधिक सेवा वालंटियर को सौंपा गया।
पंचायत में दो अन्य प्रकरण भी सामने आए। जिनमें से एक में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कुछ मामलों में संबंधित पक्षों और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सुनवाई की अगली तारीख दी गई है।
क्या है पुलिस पंचायत का उद्वेश्य
विदिशा पुलिस द्वारा चलाई जा रही इस पंचायत का उद्वेश्य वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द और संवेदनशील तरीके से करना है। पंचायत के दौरान इस बात पर जोर दिया जाता है कि समाधान बातचीत और आपसी सहमति से निकाला जा सके, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को किसी तरह की लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।
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