कोई पारले-जी कहे तो कोई घोड़ा, यह चावल डायबिटीज से लेकर डाइटिंग वालों का फेवरेट, खुशबू ऐसी महक उठेगा मोहल्ला
झारखंड में एक खास तरह का चावल होता है, जो दिखने में ब्राउन होता है और इसे लोग पारले-जी या घोड़ा कहते हैं. इस चावल की महक इतनी तेज होती है कि घर पर पकाएंगे पूरा मोहल्ला खुशबू से महकेगा. इसको उगाने के लिए काफी देखभाल करना पड़ती है. यह चावल कम पानी में भी हो जाता है.
Delhi Paharganj Fire | पहाड़गंज में खिलौना गोदाम में लगी भीषण आग, मलबे से बरामद हुए दो जले हुए शव
मध्य दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में एक इमारत में आग लगने के बाद चौथी मंजिल से जले हुए दो शव बरामद किए गए। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आग लगने की सूचना बुधवार शाम चार बजकर 38 मिनट पर मिली थी और यह आग इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित खिलौनों के गोदाम में लगी थी।
डीएफएस के अधिकारी ने कहा, ‘‘सूचना मिलते ही दमकल की 25 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।’’ अधिकारी ने बताया कि इमारत की चौथी मंजिल पर एक अस्थायी ढांचा बनाया गया था, जहां खिलौनों का गोदाम था। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई घंटों तक मशक्कत की।
इसे भी पढ़ें: आतंकवाद 'अस्तित्व' के लिए खतरा! भारत ने UN में ISIS और Al-Qaeda के खिलाफ सामूहिक युद्ध का किया आह्वान
अधिकारी ने कहा, ‘‘आग पर बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजकर 20 पर काबू पा लिया गया, जिसके बाद गोदाम से जले हुए दो शव बरामद किए गए।’’ उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है तथा आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है, जिसके लिए जांच की जा रही है।
शाम से तड़के तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) के अनुसार, आग लगने की पहली सूचना बुधवार शाम 4:38 बजे मिली थी। इमारत की चौथी मंजिल पर बने एक अस्थायी ढांचे में खिलौनों का बड़ा स्टॉक रखा था, जिसने आग को तेजी से पकड़ लिया।
दमकल की फौज: घटना की गंभीरता को देखते हुए 25 दमकल गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया।
लंबी लड़ाई: खिलौनों (प्लास्टिक और सिंथेटिक सामग्री) के कारण आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने में करीब 11 घंटे का समय लगा। बृहस्पतिवार तड़के 3:20 बजे आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
इसे भी पढ़ें: Delhi में समय से पहले 'गर्मी' की दस्तक! सामान्य से 5 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा, हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में
अवैध ढांचे पर सवाल?
अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि चौथी मंजिल पर एक अस्थायी ढांचा (Temporary Structure) बनाया गया था, जहाँ खिलौनों का गोदाम संचालित हो रहा था। संकरी गलियों और अस्थायी निर्माण की वजह से दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
prabhasakshi


















