यूपी सरकार ने धान की खरीदारी में बनाया रिकॉर्ड, यूपी के किसानों को मिला बड़ा फायदा
उत्तर प्रदेश में खरीफ क्रय सत्र 2025-26 के तहत धान खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी को सफलतापूर्वक पूरी हो गई. इस बार राज्य सरकार ने तय लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए रिकॉर्ड खरीद दर्ज की है. 60 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया.
सरकार की ओर से दावा किया गया है कि यह उपलब्धि पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और तकनीकी सुधारों के कारण संभव हुई है.
लक्ष्य से अधिक खरीद, किसानों को बड़ा भुगतान
प्रदेश भर में 4869 क्रय केंद्रों के माध्यम से 10.53 लाख किसानों से धान खरीदा गया. धान की खरीद दर (कॉमन) 2369 रुपये प्रति कुंतल और (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित की गई थी.
इस खरीद के एवज में किसानों को 14,886.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. खास बात यह रही कि भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भेजा गया. इससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई और किसानों को समय पर पैसा मिल सका.
पंजीकरण में भी बढ़ी भागीदारी
धान बेचने के लिए इस वर्ष 12,82,892 किसानों ने पंजीकरण कराया. खाद्य एवं रसद विभाग ने ओटीपी आधारित सिंगल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू की, जिससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी.
प्रदेश के अलग-अलग मंडलों में अलग-अलग तिथियों तक खरीद जारी रही. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हरदोई, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में 31 जनवरी तक खरीद हुई, जबकि चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर, प्रयागराज, लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव मंडलों में 28 फरवरी तक धान की खरीद जारी रही.
पिछले वर्ष से बेहतर प्रदर्शन
खरीफ खरीदारी 2024-25 की तुलना में इस वर्ष हर मोर्चे पर बढ़त दर्ज की गई.
2025-26 के आंकड़े:
- किसानों की संख्या: 10,53,561
- कुल खरीद: 62,30,735.63 मीट्रिक टन
- भुगतान: 14,886.35 करोड़ रुपये
- खरीद केंद्र: 4869
2024-25 के आंकड़े:
- किसानों की संख्या: 7,97,500
- कुल खरीद: 57,70,671.09 मीट्रिक टन
- भुगतान: 13,370.17 करोड़ रुपये
खरीद केंद्र: 4372
साफ है कि इस वर्ष लगभग 4.6 लाख मीट्रिक टन अधिक धान की खरीद हुई और करीब 1500 करोड़ रुपये ज्यादा का भुगतान किया गया. साथ ही, क्रय केंद्रों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई, जिससे किसानों को नजदीक ही अपनी उपज बेचने की सुविधा मिली.
किसानों के भरोसे को मिला बल
सरकार का कहना है कि पारदर्शी खरीद प्रणाली और त्वरित भुगतान व्यवस्था से किसानों का भरोसा मजबूत हुआ है. समय पर भुगतान से खेती की अगली तैयारी के लिए पूंजी उपलब्ध हो पाती है, जिससे उत्पादन चक्र प्रभावित नहीं होता.
कुल मिलाकर, खरीफ क्रय सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने न केवल लक्ष्य हासिल किया, बल्कि पिछले वर्ष का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया. बढ़ती भागीदारी और बेहतर प्रबंधन से यह संकेत मिलता है कि राज्य में कृषि विपणन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.
ब्रिटेन ने अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमा और सूडान पर अध्ययन वीजा प्रतिबंध लगाया
ब्रिटेन ने अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमा और सूडान पर अध्ययन वीजा प्रतिबंध लगाया
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
IBC24



















