लाइब्रेरियन से फिल्मफेयर विजेता गीतकार तक: किताबों की दुनिया से निकले संतोष आनंद ने रचे यादगार फिल्मी नगमें
मुंबई, 4 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में जब भी दिल को छू लेने वाले गानों की बात होती है तो गीतकार संतोष आनंद के नाम का जिक्र जरूर होता है। 'जिन्दगी की ना टूटे लड़ी' और 'मैं ना भूलूंगा' जैसे गीतों से उन्होंने घर-घर में पहचान बनाई, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में आने से पहले वह एक स्कूल में लाइब्रेरियन की नौकरी करते थे। किताबों के बीच काम करते-करते वह हिंदी सिनेमा के मशहूर गीतकार बन गए।
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