वर्ल्ड चैंपियन गुकेश को ग्रैंडमास्टर अरविंद चिदंबरम ने हराया:प्राग चेस फेस्टिवल में आखिरी नंबर पर पहुंचे; 19 रेटिंग पॉइंट्स भी कटे
वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को प्राग इंटरनेशनल चेस फेस्टिवल 2026 में भारतीय ग्रैंडमास्टर अरविंद चिदंबरम से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद लाइव चेस रैंकिंग में गुकेश 20वें स्थान पर पहुंच गए। वे टूर्नामेंट में आखिरी नंबर पर चल रहे हैं। गुकेश 6 राउंड के बाद 3 गेम हारे दिसंबर 2024 में वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद गुकेश पर लगातार दबाव बना हुआ है। प्राग में चल रहे इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अब तक खास नहीं रहा। टूर्नामेंट में 6 राउंड के बाद वे 3 मुकाबले हार चुके हैं, जबकि बाकी 3 मैच ड्रॉ रहे। खराब प्रदर्शन के कारण उनके 19 रेटिंग पॉइंट्स भी कम हो गए। समय कम होने के कारण तेजी से चाल चलनी पड़ी मंगलवार को खेले गए मुकाबले में मैच के आखिरी फेज में गुकेश से बड़ी गलती हो गई। समय कम होने के कारण उन्हें 35वीं से 40वीं चाल तक तेजी मूव करना पड़ा। 40वीं चाल पर हुई एक गलती से सिचुएशन उनके हाथ से निकल गई और अरविंद को बढ़त मिल गई। इसके बाद गुकेश ने रिजाइन कर दिया। गुकेश ड्रॉ करा सकते थे मुकाबला मैच के बाद अरविंद चिदंबरम ने बताया कि 37वीं चाल में ‘f4’ खेलना गुकेश के लिए भारी साबित हुआ। इस चाल से उनके नाइट (घोड़े) को e3 और e2 जैसी जगहों तक पहुंचने का मौका मिला। अगर उस समय गुकेश रूक (हाथी) d2 चलते तो मुकाबला ड्रॉ की ओर जा सकता था। गुकेश के पास समय कम था- अरविंद अरविंद ने कहा कि इस मैच में समय ने साथ दिया। गुकेश के पास समय कम था और बोर्ड पर दो नाइट होने से स्थिति मुश्किल हो गई। अगर गुकेश के पास थोड़ा और समय होता, तो वे 40वीं चाल पर रूक d3 खेलकर मैच बचा सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुकाबला दोनों खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं था, क्योंकि टूर्नामेंट में दोनों का प्रदर्शन अब तक अच्छा नहीं रहा था। ---------------------------------------------- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… IPL शेड्यूल 2 पार्ट में रिलीज होगा:BCCI 6 या 7 मार्च को बताएगा शुरुआती मुकाबलों की तारीखें; बेंगलुरु में ही फाइनल खेला जाएगा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का शेड्यूल 2 पार्ट में रिलीज किया जाएगा। IPL गवर्निंग काउंसिल (GC) ने कन्फर्म किया कि पहले पार्ट का शेड्यूल 6 या 7 मार्च को अनाउंस होगा। सोमवार को GC ने ऑनलाइन मीटिंग की और 19वें सीजन के शेड्यूल को चुनाव के कारण 2 फेज में बांटने का फैसला किया। बेंगलुरु में होगा ओपनिंग और फाइनल मैच कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के सेक्रेटरी संतोष मेनन ने कन्फर्म किया कि बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही ओपनिंग और फाइनल मैच खेले जाएंगे। होम टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) इस बार अपने 5 होम मैच चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलेगी। पूरी खबर
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार ₹92.05 पर आया:मिडिल-ईस्ट युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों का असर, विदेशी सामान महंगे होंगे
मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के बढ़ते दाम के कारण भारतीय रुपया आज 4 मार्च को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92.05 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले जनवरी में रुपया 91.98 के निचले स्तर पर गया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक युद्ध शांत नहीं होता, रुपए पर दबाव बना रह सकता है। इस साल अब तक रुपए में 2% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जिससे यह 2026 में दुनिया के इमर्जिंग मार्केट्स की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी में से एक बन गई है। रुपए के गिरने की 3 बड़ी वजह पिछले महीने मिली राहत शॉर्ट-टर्म में खत्म पिछले महीने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील के बाद लगा था कि रुपए की स्थिति सुधरेगी। उस समय विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा लगाना शुरू किया था और रुपए ने थोड़ी रिकवरी भी की, लेकिन मिडिल-ईस्ट में जैसे-जैसे लड़ाई बढ़ी, राहत कुछ दिन में ही खत्म हो गई। आम आदमी पर क्या असर होगा? एक्सपर्ट्स: इजराइल-ईरान युद्ध पर निर्भर रुपए की चाल रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपए की चाल पूरी तरह से इजराइल-ईरान युद्ध की स्थिति और ग्लोबल ऑइल मार्केट पर निर्भर करेगी। जब तक तनाव कम नहीं होता, तब तक रुपए में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपए को और ज्यादा गिरने से बचाने के लिए बाजार में हस्तक्षेप कर सकता है। करेंसी की कीमत कैसे तय होती है? डॉलर की तुलना में किसी भी अन्य करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना, टूटना, कमजोर होना कहते हैं। अंग्रेजी में करेंसी डेप्रिसिएशन कहते हैं। हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे वह इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन करता है। फॉरेन रिजर्व के घटने और बढ़ने का असर करेंसी की कीमत पर दिखता है। अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर, अमेरिका के रुपए के भंडार के बराबर होगा तो रुपए की कीमत स्थिर रहेगी। हमारे पास डॉलर घटे तो रुपया कमजोर होगा, बढ़े तो रुपया मजबूत होगा।
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