कौन हैं मनीषा भनवाला जिन्होंने रचा इतिहास, हरियाणा की बेटी ने रेसलिंग में भारत को दिलाया पहला गोल्ड
मनीषा भनवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए गोल्ड जीता। फाइनल में अमेरिकी पहलवान को 8-6 से हराकर बनीं पहली भारतीय महिला चैंपियन।
Elon Musk ने Republican पार्टी के समर्थन में की अपील, चुनाव में खर्च किए 442 Million Dollar
अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क ने देश की राजनीति को लेकर बड़ी चिंता जताई है। स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मस्क का कहना है कि अगर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा, सीनेट और राष्ट्रपति पद तीनों पर जीत हासिल कर लेती है, तो अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था में बड़े बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक बताते हुए मतदाताओं से रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की है।
मस्क ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी की ऐसी जीत के बाद वॉशिंगटन डीसी और प्यूर्टो रिको को अमेरिकी राज्य का दर्जा दिया जा सकता है। इससे सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी को मजबूत बहुमत मिल सकता है। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों को कानूनी दर्जा देकर पार्टी अपना स्थायी वोट बैंक तैयार कर सकती है। इसके अलावा, मस्क के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर उसमें तत्काल बहुमत हासिल करने की कोशिश हो सकती है।
मस्क ने दावा किया कि इन फैसलों से अमेरिका एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था की ओर बढ़ सकता है, जहां लंबे समय तक केवल एक ही पार्टी का दबदबा रहे। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। मस्क ने कहा कि इस स्थिति को रोकने के लिए 2029 में सीनेट में कम से कम 51 रिपब्लिकन सांसदों का होना जरूरी है। इसी वजह से उन्होंने लोगों से 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन की अपील की। हालांकि, मस्क की ये आशंकाएं उनकी राजनीतिक राय हैं, किसी तय सरकारी योजना की पुष्टि नहीं।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब मस्क अमेरिकी राजनीति में बड़े आर्थिक योगदानकर्ता के रूप में उभरे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने मध्यावधि चुनाव से पहले रिपब्लिकन उम्मीदवारों और उनसे जुड़े राजनीतिक संगठनों पर 442 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए हैं। इसके साथ ही वह अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े व्यक्तिगत राजनीतिक दानदाता बन गए हैं।
द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क ने पिछले एक महीने में अपने राजनीतिक संगठन अमेरिका पीएसी को 76.8 मिलियन डॉलर और दिए हैं। अक्टूबर में करीब एक सप्ताह के भीतर इस संगठन को यह रकम मिली। इससे पहले वह रिपब्लिकन उम्मीदवारों और संगठनों के समर्थन में 366 मिलियन डॉलर खर्च कर चुके थे। उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अमेरिका पीएसी की स्थापना की थी।
सीबीएस न्यूज के मुताबिक, मस्क ने सितंबर में सीनेट लीडरशिप फंड को दो बार में कुल 158 मिलियन डॉलर दिए। इसमें 9 सितंबर को 75 मिलियन डॉलर और करीब दो सप्ताह बाद 83 मिलियन डॉलर शामिल थे। इस रकम का बड़ा हिस्सा टेक्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में काम करने वाली राजनीतिक समिति को दिया गया। मस्क ने अपने ट्रस्ट के जरिए पैक्सटन समर्थक लोन स्टार लिबर्टी पीएसी को 10 मिलियन डॉलर भी दिए। इसके अलावा कांग्रेसनल लीडरशिप फंड को 20 मिलियन डॉलर, रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन को 10 मिलियन डॉलर और रिपब्लिकन अटॉर्नी जनरल एसोसिएशन को 2 मिलियन डॉलर दिए।
टेक्सास की सीनेट सीट इस बार कड़े मुकाबले वाली सीटों में शामिल है। यहां रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको से है। मस्क का संगठन अन्य कड़े मुकाबलों में भी रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मदद कर रहा है।
गौरतलब है कि 2024 के चुनाव में भी मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप और दूसरे रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च किए थे। पिछले साल ट्रंप के साथ सार्वजनिक विवाद के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन ताजा खर्च से उनकी सक्रियता फिर सामने आई है।
सीबीएस न्यूज के 25 अक्टूबर को जारी सर्वेक्षण में डेमोक्रेटिक पार्टी को प्रतिनिधि सभा में 229 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया था। महंगाई और अर्थव्यवस्था से जुड़ी चिंताएं मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, सर्वेक्षण में किसी बड़ी डेमोक्रेटिक लहर के संकेत नहीं बताए गए। वहीं, ट्रंप ने 27 अक्टूबर को कहा था कि अगर चुनाव निष्पक्ष तरीके से होते हैं तो वह नतीजों का सम्मान करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अपने वीटो अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की लोकप्रियता घटकर 37% रह गई थी। ऐसे में मध्यावधि चुनाव के नतीजे न केवल संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण तय करेंगे, बल्कि ट्रंप सरकार के बाकी कार्यकाल में कानून बनाने की क्षमता पर भी असर डाल सकते हैं। इन चुनावों पर अमेरिका की राजनीति और आने वाले राष्ट्रपति चुनाव की दिशा तय करने के लिहाज से सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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